What’s Shopper Discussion board in Hindi

[ad_1]

आज के इसी लेख में आप जेनेंगे के Shopper Discussion board क्या है? इस दुनिया के सभी लोग हर दिन कुछ ना कुछ अपनी जरुरत या अपने पसंदीदा सामान खरीदते हैं. फिर चाहे वो सामान बाज़ार से खरीदते हैं या फिर web के जरिये on-line e-commerce website से खरीदते हैं.

तो जैसे की हम एक दुकान से सामान खरीदते हैं तो हम उस दुकान के मालिक के ग्राहक(client) हुए. ये जान कर आपको हैरानी होगी की जो हमे समान बेचते हैं वो ग्राहक को किसी ना किसी तरह से लूटते हैं या धोखा देते हैं जिस बात से हम अनजान रहते हैं. और इस बात का हमे तभी पता चलता है जब उस ख़रीदे हुए सामान से हमे कोई हानी पहुचती है या फिर हमें पैसे का नुक्सान होता है.

हमारे भारत में ऐसे बहुत से कम लोग हैं जो अपने साथ हो रही समस्या को लेकर उस दुकान वाले के पास जाकर bitch करते हैं. और जो लोग bitch करने जाते हैं तो भी उन्हें कोई परिणाम नहीं मिलता, इसलिए हम सभी को इस चीज की एक आदत सी हो गयी है क्यूंकि हमे पता है की अगर हम आवाज़ उठाएंगे तो भी हमे कुछ लाभ नहीं मिलने वाला.

हम हर दिन देखते हैं की हमारे सामने गलत हो रहा है या कुछ ऐसा हो रहा है जो नहीं होना चाहिये फिर भी हम उसके खिलाफ आवाज़ नहीं उठाते. और यही सबसे बड़ा कारण है की वो लोग जो client के साथ धोका करते हैं उन्हें ऐसा करने का साहस और हिम्मत मिलता है.

हम सबको इंसाफ चाहिये लेकिन इंसाफ पाने के लिए कदम आगे बढ़ाने की जरुरत है. इसलिए ग्राहक के साथ हो रहे असुविधा और नुक्सान से निजात पाने एक अच्छा और सरल रास्ता भी है, वो है client discussion board, जहाँ आपके परेशानियों को सुना भी जाता है और न्याय भी मिलता है. आज इस लेख में मै आपको इसके बारे में ही बताने वाली हूँ की client discussion board क्या है?

Shopper Discussion board क्या है – What’s Shopper Discussion board in Hindi

Consumer Forum Kya hai

Shopper discussion board एक सरकारी न्यायालय जैसा है जो customers के विवादों और शिकायतों के मामले को देखता है परखता है और फिर customers को न्याय दिलाता है. Shopper discussion board सरकार द्वारा ही बनाया गया है जिसका मुख्य उदेश्य है client के अधीकार यानि की Shopper Rights की रक्षा करना.

इसका विशेष कार्य है की dealer यानि की दुकानदार द्वारा client के साथ सामानों और वस्तुओं का व्यवसाय ईमानदारी से हो इस चीज का ध्यान रखना.

ये तो बात हो गयी client discussion board के बारे में, चलिए आगे जानते हैं की आपके साथ हो रहे नाइंसाफी और धोखे के खिलाफ आवाज़ कैसे उठाएं.

शिकायत कैसे करें और कहाँ करें?

Dealer अगर Shopper को किसी भी तरह से परेशान करता है या उसका शोषण करता है तो client उस dealer के खिलाफ client discussion board में case दर्ज कर सकता है. और case दर्ज करने के लिए किसी वकील की जरुरत नहीं पड़ती client खुद ही अपना मुददा सर्कार के सामने रख सकता है और इसके लिए आपको किसीको भी पैसे देने की जरुरत भी नहीं पड़ेगी.

Shopper के पास अगर उसके साथ हो रहे शोषण या परेशानियों का कोई सुबूत है जैसे की सामान का invoice या कोई दूसरा दस्तावेज, तो उसे उन सभी दस्तावेजों की picture reproduction करके सर्कार के सामने पेश करनी होगी. सर्कार उन सभी चीजों को देख कर ही client के पक्ष में निर्णय लेंगे.

लेकिन अगर client के पास ऐसा कोई भी सबूत मौजूद नहीं होगा तो dealer के खिलाफ case दर्ज करने में बहुत मुश्किल होगी और बिना किसी सबूत के सर्कार आपको न्याय नहीं दिला पायेगी.

हम दो तरह से शिकायत दर्ज कर सकते हैं एक है court docket में जाकर और दूसरा है on-line website online के जरिये. web पर आपको बहुत सरे website online मिल जायेंगे जिसमे आप अपने साथ हो रहे परेशानियों की शिकायत कर सकते हैं. Indian Shopper Criticism discussion board, India Shopper discussion board, Shopper lawsuits discussion board इत्यादि जैसे और भी कई discussion board है जो आप Web पर seek कर पा सकते हैं और शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

Shopper मामलों की शीकायत के लिए देश में तिन तरह के client court docket बनी है, जहाँ 1 करोड़ रूपए तक की सुनवाई होती है. client के ख़रीदे हुए सामान में यदि कोई खराबी है या फिर उस चीज का इस्तेमाल करने से उसे हानी हो रही है तो client उस dealer के पास जाकर सामान वापस कर अपने पैसे वापस पाने की मांग कर सकता है.

अगर dealer उसकी मांग को पूरा करने से इंकार कर देता है तो client अपने मांग को पूरा करने के लिए client court docket से मदद ले सकता है.

ख़रीदे गए सामान की शिकायत कहाँ की जाती है?

शिकायत कहाँ की जाये यह बात ख़रीदे गए सामान के मूल्य यानि की मुआवजे पर निर्भर करता है.

अगर यह राशी 20 लाख रूपए से कम है तो District client discussion board में इसकी शिकायत कर सकते हैं जो की district degree court docket है.

यदि यह राशी 20 लाख रूपए से अधिक है और एक करोड़ रूपए से कम है तो State Fee में शिकायत कर सकते हैं, ये state degree court docket है. और अगर धन राशी एक करोड़ रूपए की है तो Nationwide Fee में शिकायत कर सकते हैं, ये Nationwide degree court docket है. इन सभी court docket का काम client को उसका अधिकार दिलाना है.

अगर client के पास on-line या court docket में case दर्ज करने का समय नहीं है तो वो फ़ोन करके के भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. हर राज्य का अलग अलग client assist line नंबर होता है, जिसका पता आप web से seek करके लगा सकते हैं. और Nationwide client assist line में name करने का नंबर है 1800-11-4000, इस नंबर पर किसी भी राज्य का व्यक्ति संपर्क कर शिकायत दर्ज कर सकता है.

किसी ना किसी तरह से हम सभी मनुष्य एक उपभोक्ता हैं और हमारे साथ हो रहे अन्याय को रोकने कोई दूसरा न्याय दिलाने वाला नहीं आएगा इसके लिए हमे खुद ही अपने हक़ की लड़ाई लड़नी होगी और अपना अधिकार पाना होगा.

उपभोक्ता फोरम शिकायत टोल फ्री नंबर

यदि आप किसी भी तरह की शिकायत और सहायता प्राप्त करना चाहते हैं तब ऐसी स्तिथि में आप सरकार द्वारा जारी किये गए टोल फ्री नंबर पर सम्पर्क कर सकतें हैं। और अपनी शिकायत सम्बन्धी सलाह ले सकतें हैं। हेल्प लाइन नंबर इस प्रकार हैं –

उपभोक्ता फोरम शिकायत टोल फ्री नंबर

उपभोक्ता फोरम में शिकायत शुल्क क्या है?

Sl.No कितने रुपये तक के मामले रुपये
एक लाख रुपये तक के मामले के लिए 100 रुपये
एक लाख से five लाख रुपये तक के मामले के लिए 200 रुपये
10 लाख रुपये तक के मामले के लिए 400 रुपये
20 लाख रुपये तक के मामले के लिए 500 रुपये
50 लाख रुपये तक के मामले के लिए 2000 रुपये
एक करोड़ रुपये तक के मामले के लिए  4000 रुपये

Shopper Discussion board को हिंदी में क्या कहते हैं?

Shopper Discussion board को हिंदी में उपभोक्त फोरम कहते हैं।

कंजूमर हेल्पलाइन नंबर क्या है?

फ़ोन काल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए आपको कंजूमर हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 or 14404 पर कॉल करना होगा।

उपभोक्ता फोरम की सुविधा कितने जिलों में है?

वर्तमान समय में उपभोक्ता फोरम देश के बड़े बड़े 79 जिलों में उपलभ्ध है. जो उपभोगताओ की समस्या का समाधान देने का काम करती है.

उपभोक्ता फोरम के तहत कौन से उपभोगता या कस्टमर नहीं आते?

उपभोक्ता फोरम में उन कस्टमर को शामिल नहीं किया जाता है, जो फ्री में सामान प्राप्त करते है.

उपभोक्ता फोरम पहेली बार कब शुरू किया गया था?

उपभोक्ता फोरम पहली बार ग्रहको के हितो और सुरक्षा को ध्यान में रखकर 24 दिसम्बर 1986 में प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी के द्वारा शुरू किया गया था.

अंतिम राय

आशा करती हूँ की आपको इस लेख से लाभ मिला हो और आप जन गए होंगे के Shopper Discussion board क्या है – What’s client discussion board in Hindi; जो भविष्य में आपके काम आ सके.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिश है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Proportion करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

लेकिन फिर भी अगर आपको हमारी इस पोस्ट में कहीं कोई कमी दिखाई दे तो कृपया कमेंट बॉक्स में अपनी राय दे और हमें उस कमी को सुधारने में मदद करें , धन्यवाद.

Leave a Comment