प्राकृतिक संसाधन क्या है ?

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प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)

परिभाषा हेतु प्रश्न क्र. 1 का अवलोकन करें।-

प्राकृतिक संसाधन का महत्व (Importance of Natural Resources)

1. प्राकृतिक संसाधन मनुष्य के लिए अति आवश्यक होते हैं क्योंकि इनके द्वारा ही मानव जीवन: हेतु आवश्यक वस्तुओं एवं परिस्थितियों की पूर्ति होती है। इसके बिना मानव जीवन संभव नहीं है। 2. प्राकृतिक संसाधन देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उदाहरण कृषि के क्षेत्र में, ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र।

3. प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता पर ही देश में औद्योगिक विकास संभव हो पाता है।

4. प्राकृतिक संसाधन हमें भोजन, ईंधन तथा जीने के लिए जरूरी वस्तुएँ; जैसे-जल,वायु, प्रकाश, ताप आदि उपलब्ध कराते हैं।

5. प्राकृतिक संसाधन व्यापार हेतु कच्चे माल की उपलब्धि के लिए प्राकृतिक संसाधन एक अच्छे स्रोत हैं।

6. आवास, स्थल, फर्नीचर, सजावट, कलात्मक वस्तुओं के निर्माण हेतु आवश्यक सामग्री प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता पर ही निर्भर है।

7. प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता पारिस्थितिक तन्त्र को स्थायित्व प्रदान करती है।

प्राकृतिक संसाधनों के अति दोहन का प्रभाव (Effect of Exploitation of Natural Resources)

(1) प्राकृतिक संसाधनों के अतिदोहन के कारण आज सम्बन्धित संसाधन समाप्ति के कगार पर पहुँच रहे हैं तथा ये आगामी पीढ़ियों के लिए दुर्लभ हो जायेंगे।

(2) इनके अतिदोहन से प्राकृतिक पर्यावरण समाप्त होने लगा है तथा आज बाढ़, भूकम्प, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक विपदाओं में वृद्धि होने लगी है।

प्राकृतिक संसाधनों के नष्ट होने के कारण (Due to the Destruction of Natural Resources)

(1) जल का अत्यधिक प्रयोग या दुरुपयोग,

(2) लकड़ी का फर्नीचर, सजावट एवं ईंधन के रूप में प्रयोग,

(3) कृषि फसलों से बगैर किसी योजना के उत्पादन,

(4) बहते पानी से खेतों की उपजाऊ मिट्टी का बह जाना,

(5) ज्यादा उपज हेतु रासायनिक खादों का उपयोग,

(6) कई पशु-पक्षियों तथा जीवों का शिकारियों द्वारा शिकार,

(7) भूमिगत जल के भण्डारों को अनावश्यक रूप से खाली करना,

(8) बढ़ती आबादी से ज्यादा संसाधनों का व्यय आदि ।

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण की आवश्यकता (Neccessity of Conservation of Natural Resources)

प्राकृतिक संसाधन मानव जगत् हेतु मूल आधार हैं, पर वर्तमान में उनका जिस प्रकार उपयोग हो रहा है, उससे भविष्य की पीढ़ियों को शेष क्या रह पाएगा ? यह आज विचारणीय का प्रश्न है। इसके साथ ही उपलब्धता के साथ-साथ ये संसाधन कितने निरापद होंगे यह भी कम विचारणीय प्रश्न नहीं है क्योंकि सिर्फ स्वार्थ एवं क्षणिक लाभ के लिए कुछ लोगों अथवा देशों द्वारा यह लगातार प्रदूषित किये जा रहे हैं। संक्षिप्त में मोटे तौर पर प्राकृतिक संसाधन के संरक्षण हेतु निम्न कदम उठाने होंगे

(1) संसाधनों का आवश्यकतानुसार ही सीमित उपयोग किया जाए जिससे वे ज्यादा दिनों तक रह सकें।

(2) उन्हें प्रदूषित होने से बचाया जाए जिससे जीवधारियों एवं पर्यावरण का प्राकृतिक स्वरूप बना रहे।

(3) मूलभूत आधार प्राकृतिक संसाधनों को आय का स्रोत न बनाया जाए।

प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कैसे करें (How to Use Natural Resources)?

प्राकृतिक संसाधनों का बुद्धिमत्तापूर्ण तथा आवश्यकतानुसार उपयोग ही हमारी कार्य शैली होगी चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग के कुछ मूल सिद्धान्त निम्नानुसार है

(1) प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पर्यावरणीय स्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाए अर्थात् ध्यान रखा जाए कि इस उपयोग से पर्यावरण विकृत व धूमिल न हो।

(2) प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से दूसरों को हानि न पहुँचे।

(3) नवीनीकरण योग्य संसाधनों का इस तरह उपयोग हो जिससे उसके पुनः पैदा होने की सम्भावना बनी रहे।

(4) पुनर्नवीनीकरण अयोग्य प्राकृतिक संसाधनों का कम-से-कम बुद्धिमत्तापूर्ण और आवश्यकतानुसार ही उपयोग किया जाए जिससे वह आगे काफी समय तक रह सकें।

मेरा नाम संध्या गुप्ता है, मैं इस ब्लॉग का लेखक और सह-संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य इस ब्लॉग के माध्यम से आपको कई विषयों की जानकारी देना है। मुझे ज्ञान बांटना अच्छा लगता है। अगर आप मुझसे कुछ सीख सकते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी।

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