राष्ट्रीय उद्यान क्या है ? भारतवर्ष के किन्हीं दस राष्ट्रीय उद्यानों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

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• मनुष्य प्रारम्भिक काल से ही वन्य जीवों एवं पेड़-पौधों का लगातार उपयोग करता आया है। आज हमारी आवश्यकता और अधिक हो गई है जिसके कारण इनका उपयोग और बढ़ गया है परिणामस्वरूप प्रकृति की जैव-विविधता कम होती जा रही है और बहुत सी प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ प्रजातियाँ विलुप्तता के अन्तिम चरण में हैं। इनकी सुरक्षा हेतु वन्य संरक्षण अधिनियम लागू किया गया तथा राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों एवं जैवमण्डल प्रारक्षणों की स्थापना की गई है।

राष्ट्रीय उद्यान ऐसे वृहत् क्षेत्र होते हैं जहाँ पर जीव-जन्तुओं एवं पेड़-पौधों को मानव प्रबन्धन के अन्तर्गत संरक्षण प्रदान किया जाता है।

भारतवर्ष के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान (Important National Parks of India)

भारत में 1981 में 19 राष्ट्रीय उद्यान और 202 अभयारण्य, 74,763 वर्ग किमी में फैले थे जो • कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 2-3% या 1983 तक यह संख्या 44 राष्ट्रीय उद्यान और 207 अभयारण्य तक बढ़ गई जो 88,000 वर्ग किमी को घेरती है अर्थात् संरक्षित क्षेत्र देश का 2.7% क्षेत्र था। 207 अभ्यारण्य 69,698 वर्ग किमी के क्षेत्रफल तक फैले थे और 44 राष्ट्रीय उद्यान 18,037 वर्ग किमी क्षेत्र में इसमें आगे भी वृद्धि होगी गई और जनू 1989 तक 67 राष्ट्रीय उद्यान और 394 अभयारण्य थे जो लगभग 1,41,298 वर्ग किमी के कुल क्षेत्रफल के साथ देश का 4% भौगोलिक क्षेत्र दर्शाते हैं। जून, 1988 तक राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य जो राज्य क्रम के अनुसार थे, इसमें आगे भी जुड़ते गये और जून 1992 तक 73 राष्ट्रीय उद्यान और 416 अभयारण्य हो गये। वर्ष 2000 तक देश के विभिन्न भागों के 1-53 लाख वर्ग क्षेत्र में 88 राष्ट्रीय उद्यान एवं 490 अभयारण्य स्थापित हो चुके थे।

राष्ट्रीय उद्यानों में संरक्षित जन्तु हमारे देश के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं वहाँ पर संरक्षित जन्तु निम्नानुसार हैं-

(1) कान्हा किसली राष्ट्रीय पार्क-प्रोजेक्ट टाइगर के अन्तर्गत इस पार्क की स्थापना सन् 1974 में की गई। परन्तु यह क्षेत्र पक्षी विहार के रूप में सन् 1930 से जाना जाता था। सन् 1952 में इसे वन्य प्राणी शरणस्थल के रूप में मान्यता मिली। पार्क में विभिन्न प्रकार के आवास स्थल विकसित किये गये हैं। यहाँ जगह-जगह पर बाँसों के समूह हैं। इस पार्क में मिश्रित प्रकार के वन, घास स्थलीय मैदान तथा मीडोज भी पाये जाते हैं। साल के वृक्षों की भी प्रधानता रहती है। वन्य प्राणियों में यह विशेष रूप से चीतों के लिए प्रसिद्ध है। परन्तु यह डोल (Dhole) या जंगली कुत्तों का शरणस्थल है। बारहसिंघा इस उद्यान का आभूषण है। चीता, पैंथर, गौर, बारहसिंघा, चील, ब्लैक बक, चौसिंघा, बार्किंग डियर, माउस डियर, नील गाय, जंगली कुत्ता तथा भालू यहाँ के रक्षित प्राणी हैं।

(2) बान्धवगढ़ नेशनल पार्क-इस पार्क में 32 पहाड़ियाँ तथा किले एवं क्लिप्स हैं। यहाँ अनेक प्रकार के फल तथा फूलदार वृक्ष हैं। यह उद्यान भारत की ऐतिहासिक तथा प्राकृतिक भव्यता का प्रतीक है। यह सफेद शेर का जन्म स्थान है।

(3) इन्द्रावती राष्ट्रीय उद्यान-इस उद्यान में विशालतम एवं सर्वोत्तम मिश्रित वन है। यह पादप प्रजाति की समृद्धि तथा विभिन्नता के कारण महत्वपूर्ण हैं और बारहसिंघा का एक मात्र आश्रय स्थल है। बारहसिंघा मध्य प्रदेश का राष्ट्रीय पशु है।

(4) कांगेर राष्ट्रीय उद्यान-यह उन कुछ स्थानों में से एक है जहाँ सागौन तथा साल के वृक्ष एक साथ पाये जाते हैं। समृद्ध प्राणिजगत् एवं पादपजगत् के अतिरिक्तइसमें तीस्थगढ़ का सुन्दर प्रपात है तथा दक्षिण एशिया की दुर्लभ स्टैलैग्माइट गुफाएँ भी हैं।

(5) सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान इस उद्यान में सागौन वन द्वारा परिवृत्त एक द्वीप के रूप में एक साल वन अवस्थित है। प्रचुर साल तथा बाँस वन में सांभर, तेंदुआ तथा गौर जैसे प्राणियों को प्रश्रय मिलता है। यहाँ उत्कृष्ट शैल चित्र भी हैं।

(6) भोपाल राष्ट्रीय उद्यान इसमें वन्य प्राणियों के लिए प्राकृतिक आवास बनाने का एक अद्वितीय प्रयोग किया गया है। यह उद्यान उनकी लाभजनक अवस्थिति के कारण, संरक्षण की शिक्षा देने तथा सामान्य लोगों के सौन्दर्य बोध विकसित करने के लिए उपयोगी होगा।

(7) संजय राष्ट्रीय उद्यान-अपने साल वनों के विस्तार के साथ यह हमारे देश का विशालतम उद्यान है।

(8) पेंच राष्ट्रीय उद्यान-सिवनी – छिंदवाड़ा-यह प्रचुर सागौन वन के विशालतम अविशृंखला विस्तार पर फैला हुआ है।

(9) शिवपुरी पार्क (Shivpuri Park)- यह मध्य प्रदेश में ग्वालियर के पास शिवपुरी में एक झील के किनारे स्थित है। इसमें चीतल, सांभर, बाघ प्रमुख रूप से पाये जाते हैं।

(10) गुण्डी डीयर पार्क (Gundy Deer Park)- यह काले चीतल तथा ऐल्विन हिरणों के लिए स्थापित किया गया है। यह चेन्नई के पास तमिलनाडु में स्थित है।

(11) जिम कार्बेट पार्क (Jim Carbet Park) के पास बनाया गया है। यह पार्क शेरों के लिए उत्तर प्रदेश में नैनीताल

(12) बेतला राष्ट्रीय उद्यान (Betla National Park)- इस पार्क में हाथी तथा बाघ का संरक्षण किया जाता है। यह बिहार के पलामू जिले में स्थित है।

(13) डचिगम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park)- यह चीता, काले भालू, कस्तूरी मृग, ऐण्टिलोप, हिमालय टहर, जंगली बकरी तथा कश्मीरी बारहसिंघे के संरक्षण के लिए कश्मीर में बनाया गया है।

मेरा नाम संध्या गुप्ता है, मैं इस ब्लॉग का लेखक और सह-संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य इस ब्लॉग के माध्यम से आपको कई विषयों की जानकारी देना है। मुझे ज्ञान बांटना अच्छा लगता है। अगर आप मुझसे कुछ सीख सकते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी।

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