अम्ल वर्षा के कारण, प्रभाव एवं नियंत्रण के उपाय बताइए।

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शहरीकरण, औद्योगीकरण एवं अतिशय जनसंख्या वृद्धि ने पर्यावरण को अत्यधिक प्रदूषित कर दिया है। इनके कारण आज भी वायु भी प्रदूषित हो चुकी है, औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों एवं वाहनों से विभिन्न प्रकार की गैसें वायुमण्डल में विसर्जित होती हैं।

नाइट्रोजन तथा सल्फर के ऑक्साइड्स वायु के लिए महत्वपूर्ण गैसीय प्रदूषक (pollutants) होते हैं तथा ऑक्साइड्स जीवाश्म ईंधन, पॉवर प्लाण्ट्स, स्वचालित वाहनों के निर्वात, घरों में जलाये

जाने वाले ईंधन से उत्पन्न होते हैं। वायुमण्डल में प्रमुख रूप से H2SO4 तथा HNO3 अम्ल बनते हैं जो वर्षा के जल में घुलकर पृथ्वी पर आते हैं जिसे अम्ल वर्षा कहते हैं। कभी-कभी ये अम्ब बादलों या कोहरे में ही विद्यमान रहते हैं। अम्ल वर्षा (acid rains) पादप, फसलों, जीव-जन्तुओं तथा कीमती इमारतों के लिए बहुत हानिकारक होती है। अम्ल वर्षा H2SO4 तथा HNO3 का मिश्रण होती है जिसमें सल्फर तथा नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स विभिन्न अनुपात (ratio) में होते हैं। H2SO4 के कारण 60-70% अम्लीयता तथा HNO3 के कारण 30-40% अम्लीयता होती है।

अम्ल वर्षा के प्रभाव (Effects of Acid rain) (1) अम्ल वर्षा द्वारा अनेक पारिस्थितिक समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है, क्योंकि S तथा N के ऑक्साइड्स वायुमण्डल की बहुत दूरी तय करते हुए पृथ्वी पर पहुँचते हैं जिसके फलस्वरूप उनमें अनेक भौतिक व रासायनिक परिवर्तन हो जाते हैं, जो अत्यन्त हानिकारक पदार्थों का निर्माण करते हैं।

(2) अम्ल वर्षा के द्वारा मृदा अम्लीयता बढ़ जाती है जिससे वनस्पतिजात (flora) तथा प्राणिजात (fauna) प्रभावित होते हैं।

(3) अम्ल वर्ष का जल पादपों की पत्तियों को हानि पहुँचाता है जिससे प्रकाश संश्लेषण दर कम हो जाती है।

(4) नदियों, तालाबों तथा झीलों में पहुँचकर जल जलीय जीवन (acquatic life), फसल उत्पादकता तथा मानव स्वास्थ्य को बहुत अधिक हानि पहुँचाता है।

(5) अम्ल जल बहुमूल्य इमारतों, स्मारक (monuments), पुलों तथा रेलिंगों को क्षतिग्रस्त (corrode) कर देता है। H2SO4 वर्षा द्वारा ब्रिटिश पार्लियामेण्ट भवन को बहुत अधिक हानि पहुँचती है।

(6) अम्ल वर्षा के कारण वनों (forests) को भी हानि पहुँचती है। हमारे देश में विभिन्न प्रकार के ऑक्साइड्स मनुष्य की क्रिया-कलापों द्वारा वृद्धि कर रहे हैं और ऐसा अनुमान है कि शीघ्र ही अम्ल वर्षा प्रचण्ड रूप धारण कर लेगी जिसके परिणाम भविष्य में भुगतने पड़ेंगे।

मेरा नाम संध्या गुप्ता है, मैं इस ब्लॉग का लेखक और सह-संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य इस ब्लॉग के माध्यम से आपको कई विषयों की जानकारी देना है। मुझे ज्ञान बांटना अच्छा लगता है। अगर आप मुझसे कुछ सीख सकते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी।

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