विवाह कविता बहना की बिदाई | Bahana Ki Bidai Wedding Kavita In Hindi

Bahana Ki Bidai Hindi Kavita..

विवाह कविता बहना की बिदाई 

Bahana Ki Bidai Wedding Kavita In Hindi

तू हैं कोमल गुलाब की कली,
सूर्य की तीखी किरणों से बनी |
तू चाँदनी सुनहरी,
प्यारी बहना मेरी |
जब तू चली जाएगी,
तेरी याद बहुत सतायेगी |
तेरे आने की आस दिल में ख़ुशी जगायेगी,
कौन मेरी बकवास सुनेगा,कौन मुझे डाट लगायेगा |
अब तो ये मन तूझे बार- बार फ़ोन लगायेगा |
तू मिलने मुझसे चली आना
वरना ये फ़ोन का बिल बहुत आएगा
बिल बहुत आएगा ||

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