भारतवर्ष के प्रमुख अभ्यारण्य

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हमारे देश के कुछ प्रमुख अभ्यारण्य निम्नलिखित हैं

(1) गिर वन (Gir forest ) – यह गुजरात में स्थित है तथा 500 वर्ग मील में फैला है। यह भारतीय सिंहों का शरणस्थल (Sanctuary) है, लेकिन इसमें चीतल, चिंकारा, साँभर तथा नील गाय भी पाये जाते हैं।

(2) काजीरंगा शरणस्थल (Kaziranga Sanctuary) यह आसाम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे 40 किमी. क्षेत्र में फैला है। एक सींग वाला गैण्डा यहाँ का मुख्य वन्य जीव है।

(3) कान्हा शरणस्थल (Kanha Sanctuary) यह मध्य प्रदेश में स्थित है। यह बाघ, चीता, शेर, जंगली कुत्तों तथा हिरणों का शरणस्थल है।

(4) बाँदीपुर शरणस्थल (Bandipur Sanctuary) यह कर्नाटक में स्थित है। यह बिसन (Bison), जंगली कुत्ते, जंगली हाथी, लंगूर, बाघ और सेही का शरणस्थल है।

(5) अन्नामलाई शरणस्थल (Annamalai Sanctuary)—यह तमिलनाडु के कोयम्बटूर जिले में स्थित है। इसमें विभिन्न प्रकार के हिरन, जैसे-सौंभर, चीतल, काँकड़ इत्यादि, बाघ, चीता, साँड़, सेही तथा लंगूर आदि देखे जा सकते हैं।

(6) मनास शरणस्थल (Mannas Sanctuary)- यह आसाम में हिमालय की निचली पहाड़ियों में स्थित है। जंगली हाथी, बाघ, जंगली भैंस तथा पक्षियों में बत्तख, पैलिकन नामक वन्य जीव इसमें पाये जाते हैं। इसे उत्तरी कामरूप शरणस्थल भी कहते हैं।

(7) पेरियार शरणस्थल (Periyar Sanctuary)– यह केरल राज्य में 1900 फुट की ऊँचाई पर एक झील के चारों तरफ स्थापित है। इस शरणस्थल में साँभर, काँकड़, जंगली सुअर साँइ, हाथी, जंगली कुत्ते और बाघ पाये जाते हैं।

उपर्युक्त शरणस्थलों के अलावा हमारे देश के कुछ प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान निम्नलिखित हैं

(1) माधव राष्ट्रीय उद्यान (Madhav National Park) –यह मध्य प्रदेश में ग्वालियर के पास शिवपुरी में एक झील के किनारे स्थित है। इसमें चीतल, साँभर बाघ प्रमुख रूप से पाये जाते हैं। (2) गुण्डी डीयर उद्यान (Gundy Deer Park) यह काले चीतल तथा ऐल्विन हिरणों के लिए स्थापित किया गया है। यह चेन्नई के पास तमिलनाडु में स्थित है।

(3) जिम कार्बेट पार्क (Jim Carbet Park) यह पार्क शेरों के लिए उत्तर प्रदेश में नैनीताल के पास बनाया गया है।

(4) बेतला राष्ट्रीय उद्यान (Betla National Park) इस पार्क में हाथी तथा बाघ का संरक्षण किया जाता है। यह बिहार के पलामू जिले में स्थित है। (5) डचिगम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park) यह चीता, काले भालू, कस्तूरी मृग, ऐण्टिलोप, हिमालय टहर, जंगली बकरी तथा कश्मीरी बारहसिंघे के संरक्षण के लिए कश्मीर में बनाया गया है।

मेरा नाम संध्या गुप्ता है, मैं इस ब्लॉग का लेखक और सह-संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य इस ब्लॉग के माध्यम से आपको कई विषयों की जानकारी देना है। मुझे ज्ञान बांटना अच्छा लगता है। अगर आप मुझसे कुछ सीख सकते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होगी।

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