IPO क्या हैं और आईपीओ में निवेश कैसे करे? (IPO In Hindi)

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जब कोई Personal Corporate अपने बिज़नेस को ग्रो करने और पब्लिक से फण्ड इखटा करने के लिए Percentage Marketplace में अपने Fairness Stocks को Record करती है तो उसे (Preliminary Public Providing) IPO कहाँ जाता है|

अगर एक बार कोई कम्पनी अपने शेयर्स लिस्ट करवा लेती है तो उसके बाद वो Personal से Public Corporate बन जाती है, जिसके बाद उसके शेयर्स को आसानी से मार्केट में ख़रीदा और बेचा जा सकता है|

हर महीने कई कम्पनियों के IPO आते है और उनमें से कुछ आईपीओ अच्छे होते है, जिसके कारण इन्वेस्टर्स उसमे अपना पैसा लगाते है और एक बेहतर रिटर्न प्राप्त कर लेते है|

आप आईपीओ कैलेंडर की मदद से आने वाले IPO’s पर नज़र रख सकते है और उनकी जानकारी बहुत ही आसानी से प्राप्त कर सकते है –

⚡ IPO Calendar

आईपीओ क्या है?
(What’s IPO)

किसी भी कंपनी को जब वित्त या पैसों की जरूरत होती है तो उसके लिए वह जनता, बैंक या फिर वित्तीय संस्थानों के पास जाती है और उनसे फण्ड प्राप्त करती है|

जनता से वित्त प्राप्त करने के दो तरीके हैं –

1 फण्ड प्राप्त करके उन्हें कंपनी के स्वामित्व में हिस्सेदार बना लिया जाए, इस तरीके से जो Capital या Budget एकत्रित किये जाते है उसे Percentage Capital कहा जाता है|

2 जनता से जो पूंजी ली जाए उसे ऋण मानकर, एक निश्चित समय पर वो पैसा वापस कर दिया जाए, इसे Debentures या Mortgage Capital कहा जाता है|

जब कोई कंपनी इक्विटी में Public से Fund जुटाना चाहती हैं तो उस समय वह Percentage Marketplace में लिस्टेड होकर अपने Common Stocks को पब्लिक के सामने पहली बार Factor करती है, इसी प्रोसेस को Preliminary Public Providing (IPO) कहा जाता है|

जो लोग कंपनी के Stocks खरीदना चाहते हैं, वे अपना आवेदन कर सकते हैं और सभी आवेदन प्राप्त होने के बाद Corporate पूँजी के बदले Stocks को आवेदकों में बाँट देती हैं|

इस प्रकार कंपनी के शेयर्स जनता के बीच पहुँच जाते हैं और कंपनी को पूँजी प्राप्त हो जाती हैं, इसके बाद यह शेयर्स मार्केट में ख़रीदे-बेचे जा सकते हैं|

Fascinating Put up –

प्रॉस्पेक्टस क्या हैं? (That means of Prospectus)

Prospectus किसी भी आईपीओ का सबसे महत्वपूर्ण File होता हैं|

जब भी कोई Corporate अपना IPO जारी करती हैं तब सबसे पहले वह Public Factor का Prospectus जारी करती हैं|

यह एक प्रकार का Criminal File होता हैं जिसमें Corporate और Public Factor या IPO से सम्बंधित Detailed Knowledge होती हैं, जैसे –

  • शेयर की Worth क्या होगी|
  • प्राप्त पैसे कहाँ इस्तेमाल होगा|
  • कम्पनी का प्रॉफिट कितना रहा|
  • कितने Stocks जारी किये जाएंगे|
  • Director और IPO मैनेजर कौन है|
  • साथ ही कई महत्पूर्ण जानकारियाँ|

यह प्रॉस्पेक्टस SEBI से Licensed होता हैं और इसमें आपको IPO और Corporate से सम्बंधित हर प्रकार की जानकारी मिल जाएगी|

IPO में Make investments करने से पहले आपको Prospectus को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिये|

कंपनी आईपीओ क्यूँ जारी करतीं हैं?

जब किसी कंपनी को अपने वर्तमान स्वरूप में बदलाव करना होता है या फिर अपने वर्तमान आकार को बढ़ाना होता है तो उस समय पूंजी की आवश्यकता होती है| इस Capital को एकत्रित करने के लिए वो जनता के सामने Public Factor या IPO लेकर आतीं हैं|

कम्पनी आईपीओ कैसे लाती है?

किसी भी कम्पनी द्वारा लाया गया IPO कुल 6 स्टेप्स के अन्दर लिस्ट किया जाता है –

6 Steps of IPO Listing

1. IPO Opening

IPO Opening के दौरान सुबह nine बजे से कोई भी व्यक्ति आईपीओ में अप्लाई करना शुरू कर सकता है|

2. Ultimate of IPO

आईपीओ खुलने के Three से Five दिन बाद उसकी क्लोजिंग आता है और इस दिन आप शाम Five बजे तक आईपीओ में अंतिम आवेदन कर सकते है|

3. IPO Allotment

Allotment के दिन व्यक्ति स्टेटस चेक करके देख सकता है की उसे आईपीओ अल्लोट हुआ है या नहीं|

4. Cash Refund

उसके अगले दिन ही जिनको IPO अल्लोट नहीं होता, उन्हें पैसे वापस कर दिये जाते है|

5. Stocks Credited

फिर उन लोगो को Exact में Stocks की Supply की जाती है, जिन्हें शेयर्स Allot हुए है – यह शेयर Demat Account में डाले जाते है|

6. IPO List

और आखिर में शेयर मार्केट में IPO की List होती है और उसके Actual Worth दिखाई देती है|

IPO से जुड़े महत्वपूर्ण शब्द  

आईपीओ को और अच्छी तरह से समझने के लिए आपको इससे जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण शब्दों की जानकारी होनी बहुत जरूरी है –

1 इशू का नाम (Factor)

यह उस Corporate का नाम होता है जो आईपीओ को जारी करती है|

दूसरे शब्दों में Stocks के नाम उन्हें जारी करने वाली कंपनी के नाम से जाने जाते हैं, जैसे – अगर डोमिनो पिज्जा कंपनी अपने IPO लाती है तो इशू का नाम भी ‘डोमिनो पिज्जा’ होगा|

2 इशू का प्रकार (Varieties of Factor)

कंपनी दो प्रकार के इशू जारी कर सकती है –

E-book Development में निवेशक बोली लगाकर अंशों या Stocks को कंपनी से खरीद सकते हैं|

जबकि Mounted Worth में शेयर्स की कीमत में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं हो सकता और निवेशक उसी कीमत पर इन्हें खरीदते हैं जिन पर कंपनी इन्हें जारी करती है|

Three कीमत बैंड (Worth Band)

अधिकतर कंपनियाँ अपने IPO को जारी करते समय उसकी Worth स्वयं तय करती है|

लेकिन जो कंपनियाँ इंफ्रास्ट्र्क्चर और इससे संबन्धित क्षेत्रों में होतीं हैं उन्हें कीमत तय करने के लिए सेबी और/या रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होती है|

Intraday Buying and selling

Four कट-ऑफ प्राइस (Bring to a halt Worth)

जब कंपनी E-book Development के द्वारा Stocks जारी करती है तो निवेशकों को ऐसे शेयर्स Allot करते समय जो कीमत तय करती है उसे Minimize-off Worth कहते हैं, जैसे – अगर किसी कंपनी ने 10 रु में अपनी शेयर्स जारी किए लेकिन शेयर्स को आबंटित करते समय उनकी कीमत 11 रुपए कर दी तो यह 11 रुपए इन शेयर्स के Minimize-off Worth माने जाएंगे|

Five कट ऑफ डेट और टाइम (Minimize Off Date)

कंपनी अपने Stocks के आवेदन करने की एक तिथि और समय निर्धारित कर देती है| निवेशकों को इस तिथि और समय तक ही IPO के लिए Follow करने की सुविधा होती है| समानयरूप में यह तिथि IPO मार्केट में लाने के Three से Five दिन तक होती है, जैसे अगर डोमिनो 25 अगस्त को अपने शेयर्स मार्केट में ला रहे हैं तो 29 अगस्त के शाम Five बजे तक निवेशक इन अंशों का आवेदन या Subscription के लिए Utility दे सकते हैं| इसके बाद यह कंपनी अपने अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है|

6 लॉट साइज़ (Lot Dimension)

IPO के दौरान शेयर्स हमेशा एक लोट यानी ग्रुप में खरीदे जाते है और उस Lot में कम्पनी के कुछ शेयर्स की वो संख्या होती है जिसके आधार पर कोई निवेशक आईपीओ का आवेदन कर सकता है|

7 निवेशक की श्रेणी (Varieties of Buyers)

IPO में निवेश करने वाले Buyers कई तरह के होते है, जैसे –

  • Retail Buyers
  • Anchor Buyers
  • Non-Institutional
  • Certified Institutional
  • Corporate Worker’s

eight सब्सक्रिप्शन (Subscription)

इसका मतलब है की किसी एक IPO के लिए कितने लोगो ने आवेदन किया किया है|

उदाहरण के लिए एक कम्पनी ने 50,000 शेयर्स के लिए IPO जारी किया तो और अगर उस आईपीओ के लिए कुल 1.Five लाख लोगो का आवेदन आता है – यानी उस IPO का सब्सक्रिप्शन होगा Three Occasions (गुना)|

IPO में निवेश कौन कर सकता हैं?

निवेश करने के लिए आपके पास –

होना चाहिये, जिससे आप किसी भी कम्पनी में इन्वेस्ट करने के योग्य हो जाते है|

कोई भी व्यक्ति लगभग 2 लाख रुपए तक का निवेश IPO में एक Store के रुप में कर सकता है|

आप चाहें तो कंपनी के शेयर्स को एक सर्टिफिकेट रूप में Bodily Shape में अपने पास रख सकते हैं या अगर आप चाहें तो Demat Account में भी इनको ट्रान्सफर कर सकते हैं|

IPO में निवेश कैसे करे?

भारत में अगर आप Investor के रूप में किसी कंपनी के IPO में निवेश करना चाहते हैं तो आपकी सुविधा के लिए भारतीय सरकार के कॉर्पोरेट मंत्रालय और SEBI ने कुछ नियमों (Laws) और गाइडलाइन्स का निर्धारण किया है जो उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं|

IPO में निवेश करने आपके पास एक Demat & Buying and selling Account होना चाहिये|

अगर आपके पास डीमेट अकाउंट नहीं है तो आप यहाँ Best Demat Account को Evaluate करके देख सकते है –

🔰 Best possible Demat Account

IPO में Follow कैसे करे –

इसके दो तरीके है पहला आप Internet Banking के द्वारा अपनी बैंक की वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते है|

दुसरे तरीके में आप अपने ब्रोकर के द्वारा IPO में इन्वेस्ट कर सकते है|

अन्य बाते जो ध्यान रखनी चाहिये|

निवेश से पहले कंपनी के Prospectus का अच्छी तरह से Detailed Research कर लेना चाहिए|

  • कंपनी द्वारा जारी किए गए Percentage की Worth
  • उस कंपनी की बाज़ार में Goodwill
  • कंपनी के प्रवर्तक या Promoters की साख का भी ध्यान पूर्वक अध्ययन करें|

IPO में निवेश से पहले आपको उसे दूसरी कम्पनी से Evaluate कर लेना चाहिये|

इसके अतिरिक्त आप निवेश बाजार में कंपनियों की रेटिंग का भी ध्यान रख सकते है|

आईपीओ के अंतर्गत निवेश करने के लिए आपके पास बैंक खाता, डीमैट एकाउंट और पैन नंबर होना बहुत जरूरी है|

Conclusion –

आशा करते है की आपको IPO क्या है और उससे जुड़ी पूरी जानकारी आसानी से समझ में आ गई होगी|

नीचे Remark Field में बतायें की आपके लिए यह पोस्ट कितने हेल्पफुल थी और अगर आपका कोई सवाल है तो वो भी आप पूछ सकते है|

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