Intraday Buying and selling कैसे शुरू करे? (Newcomers Information In Hindi)

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Intraday Buying and selling शेयर मार्केट सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाला टर्म है, क्योकि यह एक इंटरेस्टिंग टॉपिक है|

अगर आप भी Percentage Marketplace की फिल्ड में नए है और Buying and selling के बारे में जानना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए काफी हेल्पफुल होने वाली है|

इसमें हम जानेंगे की इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है, इसे कैसे शुरू करे और साथ ही इससे पैसे कैसे कमायें जा सकते है|

लेकिन उससे पहले –

Intraday Buying and selling का सच – ⚠⚠⚠

इंट्राडे ट्रेडिंग में केवल 10% लोग ही पैसा कमा पाते है, जबकि 90% लोग अपना पैसा खो देते है|

अगर आप Lengthy-Time period Imaginative and prescient, पेशेंस, रिस्क मैनजमेंट के साथ अगले 6 महीने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग में टिक नहीं सकते तो आपको इसमे भूलकर भी एंटर नहीं करना चाहिये|

Intraday Trading Is High Risky

क्योकि यह बहुत ही ज्यादा Dangerous होता है और यदि आप Low Capital, Low Accuracy और Low Wisdom के साथ Intraday Buying and selling में जाते है तो 95% भी ज्यादा के चांस है की आपका पैसा डूब जाएगा|

इसलिए सबसे पहले इसके बारे जितना ज्यादा हो सके सीखने और समझने की कोशिश करे|

✦ Intraday Buying and selling क्या होती है?

स्टॉक मार्केट में एक ही दिन के अन्दर जब किसी शेयर को Purchase और Promote किया जाता है तो उसे Intraday Buying and selling कहा जाता है|

इसमें शेयर्स Identical Day ख़रीदने और Identical Day बेचने होते है यानी मार्केट बंद होने से पहले आपको अपनी Internet Place को 0 करना होता है और मार्केट बंद हो जाने के बाद आपका किसी भी प्रकार का Industry या Transaction बाकी नहीं रहता|

उदाहरण के लिए –

भारतीय शेयर मार्केट हॉलीडेज को छोड़कर सोमवार-शुक्रवार सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक के बीच खुला रहता है, जिसे ट्रेडिंग टाइम कहा जाता है –

अब मोहन जिसने अपने Demat Account से HDFC के 10 शेयर्स को 2,200 की प्राइस में ख़रीदा है तो उसे मार्केट बंद होने यानी 3:30 से पहले उस 10 शेयर्स को बेचना होगा, चाहे उसकी प्राइस जो भी हो|

अब ऐसे में हो सकता ही की प्राइस 2% (₹44) ऊपर चली जाती है –

Stock Price Increase

तो मोहन को प्रॉफिट होगा = ₹440 (₹44*10)

वही अगर प्राइस 2% (₹44) नीचे गिरती है –

Stock Price Decrease

तो मोहन को लोस होगा = ₹440 (₹44*10)

लेकिन उस Industry को उसी दिन Sq. Off  करना जरुरी हो जाता है|

अगर ऐसा नहीं होता है तो?

यदि मोहन उन ख़रीदे गए 10 शेयर्स को 3:30 PM से पहले Sq. Off  नहीं करता तो 3:30 PM के 10-20 मिनट पहले Sq. Off Time पर वे शेयर्स Dealer के द्वारा अपने आप बेच दिये जाते है और ट्रेड पूरा कर दिया जाता है|

यह Sq. Off Time अलग अलग Dealer के हिस्साब से कम-ज्यादा हो सकता है|

Square Off Time In Share Market

सामान्यतौर पर यह 3:10 बजे से 3:20 बजे के बीच रहता है, जहाँ ब्रोकर सभी ट्रेड को Sq. Off कर देता है|

क्या इंट्राडे में पहले ख़रीदना ही जरुरी है?

ऐसा बिलकुल भी नहीं है|

जैसा की मैंने पहले कहाँ की आपको मार्केट बंद होने से पहले अपने पोजीशन को जीरो करना है तो चाहे आप शेयर्स खरीद कर उसे बेचे या फिर पहले बेच कर उसे ख़रीदे|

इसे Intraday Quick Promoting कहाँ जाता है – जहाँ आप गिरते हुए मार्केट में पहले शेयर्स को हाई प्राइस पर बेचकर, मार्केट क्लोज होने से पहले उसे खरीद लेते है और एक प्रॉफिट बुक कर लेते है|

ऐसा इसलिए किया जा सकता है, क्योकि इंट्राडे ट्रेडिंग में आप शेयर्स की डिलीवरी लिए बिना ट्रेड कर सकते है|

आप दिन में कितनी ही बार इसमें Promote और Purchase कर सकते है, लेकिन Finish of The Day आपको सभी ट्रेड्स को Sq. Off करना ही होगा|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग किनमें होती है?

अब सवाल आता है की Intraday Buying and selling में क्या-क्या ट्रेड किया जा सकता है|

सामान्यतौर पर इसमें Three चीजे आती है –

Trading Items

इक्विटी का मतलब होता है = अंश या शेयर

मुख्यरूप से Fairness कम्पनी की हिस्सेदारी को प्रदर्शित करता है|

आप किसी भी Indexed Corporate के शेयर्स को आसानी से खरीद और बेच सकते है|

उदहारण के लिए यदि किसी कम्पनी के पास कुल 1 लाख शेयर्स है और आप उनमे से 10 हजार शेयर्स को खरीद लेते है तो आप उस कम्पनी के 10% के हिस्सेदार या मालिक बन जाते है|

यहाँ कमोडिटी का मतलब है, उन मूल्यवान वस्तुओं से जो एक लिमिटेड मात्रा में ही उपलब्ध है, जैसे –

  • मेटल
  • गोल्ड
  • सिल्वर
  • आयल
  • एग्रो प्रोडक्ट और
  • अन्य चीजे|

साथ ही अगर आप चाहे तो आज की डेट में डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर सकते है|

(अधिक जानकारी के लिए लिंक पर जाए|)

आप कई देशों की करेंसी (मुद्राओं) पर भी ट्रेडिंग कर सकते है|

इसके आलावा आप Laws & Rules को फोल्लो करते हुए Cryptocurrency जैसे – Bitcoin, Ethereum, XRP, Tether आदि में भी पैसा लगा सकते है|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीति (Technique)

अब समझते है की Intraday Buying and selling Technique क्या होती है और कौनसे तरीकों से ट्रेड कर सकते है|

देखा जाए तो हर Dealer के लिए अलग अलग स्ट्रेटर्जी काम करती है और हर Dealer एक नई तरह के रणनीति बनाकर इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकता है|

लेकिन स्टॉक मार्केट में Benefit Generate करने के लिए मोस्टली इन Intraday Technique को Use किया जाता है –

Intraday Trading Strategy

(Symbol Supply: Designcap.Com)

✦ Intraday Buying and selling कैसे शुरू करे?

अब जानते है की कैसे आप इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू कर सकते है –

हम इसे Four Section में डिवाइड करते है ताकि आप हर एक पार्ट को आसानी से समझ कर –

Start Intraday Trading in 3 Steps

 

Section 1) ट्रेडिंग सीखे

सबसे पहले आपको Intraday Buying and selling को पूरी तरह सीखना होगा, जिसमे शामिल है –

  • ट्रेंड, चार्ट, टेक्निकल एनालिसिस
  • कई तरह की ट्रेडिंग रणनीति (Technique)
  • शेयर्स कैसे ख़रीदे और बेचे जाते है?
  • कैसे अच्छे शेयर्स को खोजे और भी बहुत कुछ|

आप यह सभी चीजे हमारे कई पोस्ट द्वारा सीख सकते है, साथ ही आप YouTube या Paid Path से भी इंट्राडे ट्रेडिंग को अच्छी तरह से समझ सकते है|

Section 2) ट्रेडिंग अकाउंट खोले

Intraday के लिए Buying and selling Account की जरुरत होती है, जबकि Exact Supply लेने के लिए आपको Demat Account खोलना होगा|

इसमें बेस्ट पार्ट यह है की आप इन दोनों अकाउंट को केवल 2 दिन के अन्दर Zerodha में खोल सकते है|

अभी ज़ेरोधा डीमेट अकाउंट में अप्लाई करने लिए लिंक पर जाए –

एक Buying and selling & Demat Account होना इसलिए भी जरुरी है ताकि आप Exact Industry करने से पहले इसकी सभी बारीकियों को अच्छे से समझ सके|

आप चाहे तो अन्य Demat Accounts को Examine करके, अपने लिए बेस्ट चुन सकते है –

🔰 Easiest Demat Account

Section 3) ऑफलाइन प्रैक्टिस करे

वास्तव में इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू करने से पहले आपको ऑफलाइन ट्रेडिंग की प्रैक्टिस करनी चाहिये|

ऐसा करना इसलिए जरुरी है की अभी तक आपने ट्रेडिंग को केवल समझा है, उसे Almost कभी Check out नहीं किया|

तो ऐसे में अगर आप Actual Inventory Marketplace में उतरेंगे तो 95% से भी ज्यादा चांस है की आपका पैसा डूब जाएगा|

इसी कारण पहले आपको अपनी तेकनीक और एनालिसिस पर काम करते हुए अपनी Accuracy और Chance Control को 70% से ऊपर ले जाना है|

ऑफलाइन ट्रेडिंग प्रक्टिक कैसे करे?

Learn Intraday Trading

आप एक पेन और पेपर की मदद से अपने Concepts और Technique को ऑफलाइन अप्लाई कीजिये|

उसके बाद देखिये की अगर आप उसे Actual Buying and selling में अप्लाई करते तो क्या Outcome आते|

ऐसा करते-करते आपको अपने Accuracy Degree 70% से ऊपर ले जाना है|

Section 4) रियल ट्रेडिंग शुरू करे

अब जब आपका एक्यूरेसी लेवल काफी अच्छा हों गया है तो आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से इंट्राडे शुरू कर सकते है|

Intraday Buying and selling में प्रॉफिट कमानें से भी ज्यादा जरुरी है – अपनी कैपिटल को बचायें रखना|

इसलिए शुरुवात में आपको Low Capital और Prevent Loss के साथ जाना है ताकि आप Long run के लिए Continue to exist कर सके|

✦ ट्रेडिंग के मुख्य फैक्टर्स

ऊपर जी गई जानकारी में इंट्राडे के बारे में काफी डिटेल्स दी गई है|

लेकिन जब आप असली ट्रेडिंग शुरू करते है तो कई सारी चीजे समझनी पड़ती है, जो एक्चुअल में काम आती है|

नीचे उन्ही फैक्टर्स और टर्म्स को Provide an explanation for किया गया है –

✧ Restrict Order

जब आप किसी शेयर को एक फिक्स्ड प्राइस में बेचना या ख़रीदना चाहते है तो Restrict Order ऐसा करने में आपकी मदद करता है|

उदहारण के लिए – आप HDFC के शेयर्स को ₹2345 पर Purchase करना चाहते, जिसकी Present Marketplace Value – 2350 चल रही है|

तो ऐसे में आप लिमिट आर्डर का इस्तेमाल कर Purchasing Value को ₹2345 पर सेट कर देते है और जैसे ही कोई Supplier इस प्राइस पर सेल करने के लिए तैयार होता है तो आपका Oder लग जाता है|

✧ Margin/Leverage

मार्जिन या लिवरेज वो अमाउंट होता है जो ब्रोकर द्वारा आपको उधार के रुप में दिया जाता है|

इससे आप कम पूंजी के साथ भी Top Quantity पर Industry कर सकते है|

असल में यह वही फैक्टर है जो Intraday Buying and selling को Quick-Time period Buying and selling और Funding से ख़ास बनाता है|

What is Margin

उदहारण के लिए – आप MRF कम्पनी के 50 स्टॉक्स ख़रीदना चाहते है और उसकी करंट मार्केट प्राइस ₹1000 है, लेकिन आपके पास केवल 10 हजार रुपये ही है|

अब ब्रोकर आपको इसमें Three से 10 गुना तक मार्जिन यानी एक राशि उधार देता है ताकि ₹10,000 की कैपिटल होते हुए भी आप 50,000 (50*₹1000) की ट्रेड कर पाए|

इंट्राडे में यह मार्जिन Marketplace Shut होने पर वापस Sq. Off कर दिया जाता है|

अब सिक्के का दूसरा पहलु की मार्जिन के कारण भी आपकी कैपिटल पूरी तरह खत्म हो सकती है –

जैसे आपने 10,000 की कैपिटल + 90,000 के मार्जिन के साथ = 1 लाख की वैल्यू वाले शेयर्स को ख़रीदा|

अब यदि मार्केट में कोई बड़ा उतार आता है और शेयर 10% गिरता है तो Finish of The Day Sq. Off होगा –

1,00,00090,000 (Margin) – 10,000 (10% lack of 1 lakh) = 0

यही करना है की Intraday Buying and selling किसी भी दूसरी ट्रेडिंग से ज्याद Dangerous है|

✧ Marketplace Order

यह मार्केट में चल रही शेयर्स की करंट प्राइस होती है, जिसमे Patrons और Dealers अपनी-अपनी प्राइस पर शेयर्स खरीदने और बेचने के लिए तैयार रहते है|

आप नीचे दिये गए Nifty के Instance से इसे समझ सकते है –

BID and ASK In Stock Market

यहाँ लेफ्ट साइड में Patrons (BID) खरीदने के लिए, जबकि राईट साइड में Dealers (ASK) बेचने के लिए अपने Orders लगाये बैठे है|

अब जैसे ही कोई इनकी प्राइस पर Purchase या Promote करने के लिए Able हो जाता है तो आर्डर लग जाता है और सौदा पूरा हो जाता है|

✧ Prevent Loss

जब आप Intraday Buying and selling कर रहे है और Loss ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता|

जिस तरह प्रॉफिट हो सकता है, उसी तरह लोस होने की सम्भावना भी बनी रहती है|

लेकिन Top Loss से Capital ख़त्म हो जाती है, इसलिए लोस को कम करने के लिए Prevent Loss इसमें एक मुख्य फैक्टर बनता है|

इसकी मदद से आप पहले ही अपने Loss को तय करते हुए – यह पक्का कर लेते है की एक निश्चित मात्रा से अधिक आपको हानि नहीं होगी|

What is Stop Loss

For Instance – आपके पास HDFC के 100 शेयर्स है और जिनकी करेंट मार्केट प्राइस ₹500 रुपये है|

अब आपको अपनी Technique और Concept के आधार पर यहाँ लगता है की आज इसकी प्राइस 2% (10) ऊपर जाएगी|

जहाँ आप 100*10 = ₹1,000 रुपये का Benefit Generate कर लेंगे|

लेकिन

ऐसा नहीं होता है और प्राइस 510 की बजायें ₹485 (-3%) हो जाती है|

तो इससे बचने के लिए आप स्टॉप लोस का Use करते है और ₹495 पर ही Prevent Loss सेट कर देते है|

अब अगर प्राइस ऊपर ना जाकर नीचे चली जाती है तो आपको मैक्सिमम 500 (100*5) यानी 1% का लोस ही होगा|

जबकि स्टॉप लोस ना सेट करने पर यही लोस कितना भी हो सकता है|

✧ Margin Intraday Sq. off

जैसाकि मैंने आपको पहले बताया है, इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान आपको मार्केट बंद होने से पहले (Sq. Off Time) पर अपनी Internet Place को Zero यानी Sq. Off करना पड़ता है|

अगर आप ऐसा नहीं करते तो ब्रोकर आपके बीहाफ पर Industry को पूरा कर देगा|

यानी अगर पहले शेयर ख़रीदे गए है तो उन्हें बेच देगा और अगर पहले बेचे गए है तो उन्हें खरीद लेगा|

इसी प्रोसेस को Margin Intraday Sq. Off (MIS) कहाँ जाता है क्योकि ब्रोकर द्वारा प्रदान किया गया मार्जिन भी इसी दौरान स्क्वायर ऑफ हो जाता है|

✧ Duvet & Bracket Order

Duvet और Bracket Order यह दोनों ही Intraday Buying and selling के दौरान Industry Set करने में मदद करते है|

उदाहरण के तौर पर – अगर आप HDFC का शेयर 800 में Purchase करके, 793 पर स्टॉप लोस लगाना चाहते तो यह दोनों ही काम आप एक साथ Duvet Order के द्वारा कर सकते है|

Cover Order and Bracket Order

जबकि Bracket Order में आप एक साथ –

  • 800 पे शेयर Purchase
  • 818 पे Benefit Ebook और
  • 793 पे Prevent Loss लगा सकते है|
इससे होगा क्या?

Intraday Buying and selling के दौरान मार्केट बहुत ही तेजी से Transfer करता है और आपके पास समय नहीं होता की आप Purchase करने के बाद Prevent Loss सेट करे|

इसलिए यह ऑर्डर काफी Helpful होते है और इनसे आप Well Buying and selling 😎 कर सकते है|

✦ इंट्राडे से पैसे कैसे कमायें?

अब बात करते है सबसे Primary Subject पर की Intraday Buying and selling से पैसे कैसे कमायें?

देखिये यह एक जरियाँ है जिससे आप Top Capital बनाकर Funding की फिल्ड में जा सकते है|

क्योकि Finish of The Day यह बात आपको माननी ही पड़ेगी की केवल 10% लोग ही इसमें पैसा कमा पाते है, क्योकि वे इसके Knowledgeable होते है|

इसे सबसे सरल तरीके से समझते है –

भारत में एक महीने के दौरान एवरेज 18 से 21 दिन ट्रेडिंग होती है|

ऐसे में Intraday में केवल 2% का Motion भी बहुत ज्यादा मायने रखता है|

यही कारण है की हर Dealer सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक यही कोशिश करता है की उसे कुछ प्रॉफिट हो सके|

लेकिन सिक्के का दूसरा पहलु यह भी है की Intraday Buying and selling बहुत ही Dangerous है|

इसमें जितना पैसा कमाया जा सकता है – उतना ही आपको Loss भी हो सकता है|

अब ऐसे में आपको एक सिंपल टेकनीक का इस्तेमाल कर सकते है, जिसे Compounding Expansion कहाँ जाता है|

[Note – यह टेकनीक तभी मायने रखती है, जब आपकी रिस्क मैनजमेंट और एक्यूरेसी लेवल काफी अच्छा हो]

Intraday Buying and selling Guidelines & Technics –

  • हर महीने Five हजार की कैपिटल Intraday Buying and selling में लगायें|
  • एक ट्रेड में मैक्सिमम कैपिटल का 3% ही होना चाहिये|
  • 6% का Per month Benefit सेट करते है|
  • Benefit Loss Ratio को 2:1 पर रखे| और
  • सारा प्रॉफिट वापस ट्रेडिंग में लगा दे|

क्या होगा अगर आप इस टेकनीक का इस्तेमाल करते है –

Intraday Buying and selling:
Subsequent Three Years Desk
नं हर महीने
की कुल
कैपिटल
6%
मासिक
ब्याज
कुल
लाभ
(₹)
1 5,000 300 300
2 10,300 618 918
3 15,918 955 1,873
4 21,873 1,312 3,185
5 28,185 1,691 4,876
6 34,876 2,093 6,969
7 41,969 2,518 9,487
8 49,487 2,969 12,456
9 57,456 3,448 15,904
10 65,904 3,954 19,858
11 74,859 4,492 24,350
12 84,350 5,061 29,411
13 94,411 5,665 35,076
14 1,05,076 6,304 41,381
15 1,16,381 6,983 48,363
16 1,28,364 7,701 56,064
17 1,41,065 8,464 64,528
18 1,54,529 9,271 73,799
19 1,68,801 10,128 83,927
20 1,83,929 11,035 94,962
21 1,99,965 11,998 1,06,960
22 2,16,963 13,017 1,19,977
23 2,34,981 14,101 1,34,076
24 2,54,080 15,245 1,49,321
25 2,74,324 16,459 1,65,780
26 2,95,784 17,747 1,83,527
27 3,18,531 19,112 2,02,639
28 3,42,643 20,558 2,23,197
29 3,68,202 22,091 2,45,289
30 3,95,284 23,717 2,69,006
31 4,24,011 25,441 2,94,446
32 4,54,452 27,267 3,23,649
33 4,86,719 29,201 3,52,852
34 5,20,922 31,255 3,84,107
35 5,57,178 33,431 4,17,537
36 5,95,608 35,736 4,53,273
कुल 6,31,344 4,53,273

1st 12 months:

आप इसमें देख सकते है की कंटिन्यू Five हजार के ट्रेडिंग से ही आप 1 साल में मंथली कैपिटल के बराबर प्रॉफिट कमाने लगते है|

2d 12 months:

दुसरे साल के अंत तक आपका प्रॉफिट मासिक पूंजी से Three गुना ज्यादा हो जाता है|

third 12 months:

और तीसरे साल में आते आते आपकी Capital हो जाती है = 6,31,344 रुपये|

जबकि प्रॉफिट होता है = ₹4.Five लाख से भी ज्यादा|

Bonus Level:

आप यकीन नहीं करेंगे की लेकिन जो 6,31,344 कैपिटल को आपने इस Approach से Three साल में बिल्ड किया है|

अगर वही Approach को आप Three की जगह 6 सालों के लिए Proceed करते है तो आपके पास होगी = 60 लाख की कैपिटल| 😮😮😮

वही अगर दुसरा उदाहरण ले –

जहाँ आप 50 हजार की जॉब करते है और उसमे से 20 हजार की मंथली सेविंग करके बैंक में डालते है तो आपका बैंक भी अगले 6 साल साल में ऊपर दी गई कैपिटल का 30% भी नहीं दे पाएगा|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग के फायदे

नीचे इसके कुछ फायदे है जो आपको Intraday शुरू करने के लिए प्रोसाहित कर सकते है –

✦ Intraday Buying and selling में स्टॉक मार्केट बंद हो जाने के बाद कोई ट्रेड बाकी नहीं रहता, जिससे एक Obviously आती है और उससे Concern कम होता है|
इसमें आपको ब्रोकर के द्वारा Three से 20 गुना तक का मार्जिन मिलता है, जिससे आप कम कैपिटल के साथ भी Intraday स्टार्ट कर सकते है|
✦ इंट्राडे के दौरान आप चढ़ते हुए (Bull) Marketplace और गिरते हुए (Undergo) Marketplace दोनों से ही पैसा कमा सकते है|
ट्रेडिंग 9:15 AM से 3:30 तक रहती है, जिसे आप कही से भी एक Pc और Web Connection की मदद से ऑपरेट कर सकते है|

✧ इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

अब कुछ Intraday Buying and selling के नुकसान, जो आपको इसके दुसरे पहलु से सावधान कराते है –

✦ इंट्राडे करते समय अगर आपकी कैपिटल कम है और आपको ट्रेडिंग का नॉलेज नहीं तो आपकी पूरी कैपिटल 1 महीने में ही साफ़ हो सकती है|
यह बहुत ही ज्यादा रिस्की है| जैसा की मैंने पहले भी बताया है अगर आपकी Accuracy 70% या 80% से ज्यादा नहीं है तो भूल कर भी Intraday Buying and selling ना करे|
✦ Intraday में Emotion को कंट्रोल करना बहुत ही जरुरी है, क्योकि यह पूरा खेल Thoughts का है|

यहाँ आपने कोई भी इमोशनल निर्णय लिया और वहां आपका पैसा डूबा जाएगा|

आप इसे पार्ट टाइम सीख तो सकते है लेकिन Actual Intraday Buying and selling किसी भी पार्ट टाइम जॉब की तरह नहीं की जा सकती – इसलिए शुरू करने से पहले यह ध्यान रखे|

Intraday Buying and selling FAQ’s

यहाँ इंट्राडे ट्रेडिंग से जुड़े कुछ इम्पोर्टेन्ट सवालों के जवाब दियें जा रहे है|

यदि आपका भी कोई सवाल है या कोई चीज समझने में आपको प्रॉब्लम हो रही है तो आप Remark Field में पूछ सकते है|

1. Intraday Buying and selling सीखने में कितना समय लग जाता है?

इंट्राडे ट्रेडिंग सीखने में लगने वाला समय हर व्यक्ति के अनुसार अलग अलग हो सकता है|

किसी व्यक्ति को जल्दी समझ आता है तो किसी को ज्यादा टाइम लगता है लेकिन एक एवरेज टाइम की बात करे तो आप इसे 20 से 30 दिनों में लर्न कर सकते है|

2. Intraday Buying and selling कितने तरह की होती है?

मुख्यतौर पर यह दो तरह की होती है –

  • Lengthy Time period (Purchase करके Promote करना)
  • Quick Promoting (Promote करके Purchase करना)

3. Funding और Buying and selling में क्या फर्क होता है?

ट्रेडिंग:-

कुछ सेकंड्स से लगाकर कुछ महीनों के लिए की निवेश को (Quick Time period) Buying and selling कहा जाता है|

इसका मुख्य उद्देश्य कैपिटल बिल्ड करना या शोर्ट-टर्म प्रॉफिट जनरेट करना होता है|

इनवेस्टमेंट:-

जबकि Funding केवल टाइम के मामले में ही नहीं बल्कि उद्देश्य के मामले में भी ट्रेडिंग से अलग होता है|

यह कुछ सालों से कई सालों तक (वेल्थ) Wealth Create करने ले लिए किया जाता है|

4. क्या Demat Account के बिना ट्रेडिंग नहीं की जा सकती?

जी नहीं| आप डीमेट के बिना Intraday Buying and selling तो कर सकते, पर ट्रेडिंग या इनवेस्टमेंट नहीं|

लेकिन इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, ट्रेडिंग और डीमेट अकाउंट एक साथ ही खोले जाते है और इसका खर्चा बहुत ही कम होता है|

5. Fairness, Commodity और Forex Buying and selling में क्या फर्क होता है?

इनमें बहुत बड़ा फर्क है क्योकि यह तीनों अलग तरह से काम करती है –

✦ Fairness = यह कम्पनी के शेयर्स या यूँ कहे की एक हिस्सेदारी होती है|

इसकी प्राइस कंपनी की परफॉरमेंस, प्रॉफिट और अन्य चीजो से प्रभावित होती है|

✦ Commodity = इसमें मुख्यतौर पर सबसे मूल्यवान वस्तु, मेटल, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट, आयल और अन्य चीजे आती है|

जो Call for-Provide, World Marketplace और किसी बड़े सरकारी निर्णय से प्रभावित होती है|

✦ Forex = इसमें कई देशों की मुद्रा शामिल होती है, जैसे – ₹, $, €, ¥, R$, ₺ आदि|

यह ग्लोबल मार्केट और इकॉनमी से इफेक्ट होती है|

6. क्या IPO और Mutual Budget भी Buying and selling में ही आते है?

जी हाँ| IPO और म्यूच्यूअल फंड्स यह दोनों हो शोर्ट टर्म ट्रेडिंग का एक हिस्सा है|

वैसे आईपीओ खरीदने के लिए डीमेट अकाउंट की जरुरत होती है, लेकिन Mutual Budget को आप बिना डीमेट के भी डायरेक्ट या SIP के द्वारा खरीद सकते है|

7. Intraday Buying and selling में सबसे जरुरी क्या होती है?

जितना मैंने सिखा है, उसके अनुसार सबसे जरुरी है अपनी Capital को बचायें रखना|

यानी सबसे बेहतर तरीके से Chance को Set up करना|

क्योकि जब तक आपकी कैपिटल है आप शेयर मार्केट में बने रह सकते है|

आशा करता हूँ की आप इस पोस्ट की मदद से समझ गए होंगे की Intraday Buying and selling क्या होती है, कैसे शुरू की जा सकती है और उससे पैसे कैसे कमायें जा सकते है|

हालाकिं इसमें बहुत सारी चीजे आना बाकी है, लेकिन हम उसे किसी दूसरी पोस्ट में समझेंगे|

आपको क्या करना है –

इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको यह 2 काम सबसे पहले करने है –

  • Remark & Percentage करे और बतायें की आपको यह पोस्ट कैसी लगी|
  • Percentage Marketplace, Buying and selling और Funding को सीखना शुरू करे|

इस पोस्ट की में दी गई जानकारी केवल Intraday Buying and selling को आसानी से समझने के लिए दी गई है|

ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग शुरू करना यह पूरी तरह आपके ऊपर निर्भर करता है|

लेकिन उससे पहले यह आवश्यक है की आप Percentage Marketplace के सभी Elements को अच्छे से समझे और जरुरी नॉलेज होने के बाद ही इसकी शुरुवात करे|

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