Instrument Procedure क्या है और इसके Fashions

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Instrument Procedure क्या है? एक Gadget को चलाने के लिए {Hardware} और Instrument दोनों की जरुरत होती है. ये Era की दुनिया बिना Instrument के function नहीं हो सकती है. जैसे एक शरीर को चलाने के लिए बुद्धि की जरुरत होती है, ठीक वैसे ही सभी Industries, monetary techniques, medical labs, infrastructures और utilities, video games, movie, tv, ऐसी सभी चीज़ों को ठीक रूप से function करने के लिए हमें Instrument Techniques की जरुरत होती है.

अब सवाल उठता है की इन Instrument को बनाने की प्रक्रिया क्या है, यानि की इन्हें कैसे बनाया जा सकता है. आज का matter भी हमारा वही है की ये Instrument Procedure क्या है? वहीँ सभी चीज़ों को बनाने के लिए एक Procedure की जरुरत होती है, ठीक वैसे ही Instrument को बनाने की भी एक procedure होती है जिसे की हम Instrument Procedure कहते हैं.

आपको भले ही Softwares के विषय में थोड़ी बहुत जानकारी होगी लेकिन क्या आप जानते हैं की ये सॉफ्टवेर procedure क्या होता है हिंदी में. यदि नहीं तब आपको आज का यह article tool प्रोसेस होता क्या है एकदम से पढना चाहिए क्यूँ आज हम Instrument के साथ साथ Instrument procedure, इनकी Fashions और Traits के विषय में भी जानेंगे. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.

Instrument Procedure क्या है

Software Process Kya Hai Hindi

Instrument procedure (जिन्हें की tool technique भी कहा जाता है) यह एक set of similar actions होता है जो की आखिर में एक Instrument के manufacturing में सहायक होता है. यह actions में या तो tool का building scratch से होता है या एक मेह्जुदा device को alter किया जाता है.

Instrument क्या है?

एक Instrument एक प्रकार का pc methods होता है जिसमें related paperwork के साथ साथ configuration knowledge भी होता है जो की methods को सही तरीके से function होने में मदद करता है.

एक program भी एक set of directions होता है (जो की human-readable code में लिखा हुआ होता है) और ये केवल एक ही particular activity carry out करता है.

किसी भी Instrument Procedure में चार Actions मुख्य रूप से होती है

चलिए Instrument Procedure के चार actions के विषय में जानते हैं

Instrument Specification: ये outline करती है Instrument की primary functionalities को और उनके चारों तरफ के constrains को. इसमें buyer और engineers function को इकठ्ठा और analyze करते हैं, workflow, operational constraints या boundaries किसी ultimate tool product की.

यह phase बहुत ही commonplace होता है सभी tool procedure में चाहे वो बड़ा हो या छोटा ही या कितना भी complicated भी हो.

Instrument Design और Implementation: Instrument को design और program किया जाता है. सभी specs करने के बाद, Instrument Merchandise का function अभी repair हो जाता है, engineers को अब उस Instrument को broaden करना होता है जिसमें उन्हें coding के साथ साथ जरुरत की सभी works of art, audio और visible parts भी put into effect करना होता है उस tool product में.

Instrument Verification और Validation: Instrument उसके specification के अनुसार काम करना चाहिए और वो consumers के जरूरतों को पूर्ण भी करनी चाहिए.

Instrument product को पहले take a look at करना होता है मेह्जुदा insects के लिए, incomplete ये unavailable options इत्यादि के लिए. वहीँ लेकिन tool validation को किया जा सकता है tool building करने के बाद छोटे tool में, और साथ में जरुरत पड़ने पर a couple of occasions (milestones) भी किया जा सकता है tool building section के दौरान.

Instrument Evolution (या tool upkeep): इसमें tool को alter किया जाता है buyer call for और marketplace necessities trade नज़र में रखकर.

एक tool product पूरी तरह से broaden होने के लिए कई साल तक लग सकते हैं. वहीँ इसी बीच specs, function necessities इत्यादि को बदला जा सकता है जरुरत के अनुसार. वें कुछ options को upload, take away या trade किया जा सकता है. यही वो प्रक्रिया है जहाँ की tool की evolution होतीं है और उन्हें और भी बेहतर बनाया जाता है.

Instrument Procedure Fashions क्या है

एक tool procedure type summary illustration होता है tool procedure का. इसमें बहुत से common procedure fashions को introduce किया जाता है और इन्हें एक architectural standpoint से provide किया जाता है.

इन fashions का इस्तमाल अलग अलग approaches को give an explanation for करने के लिए किया जाता है. इन्हें procedure frameworks भी believe किया जाता है जिन्हें lengthen और adapt किया जाता है ज्यादा particular tool engineering processes को create करने के लिए.

Instrument Procedure Fashions के प्रकार

चलिए Instrument Procedure के अलग अलग procedure fashions के विषय में जानते हैं

The Waterfall Fashion

Instrument Procedure की इस type में tool procedure करते हैं elementary procedure actions को specification, building, validation और evolution के और इन्हें constitute किया जाता है sequential procedure stages के तोर पर जैसे की necessities specification, tool design, implementation, checking out इत्यादि.

Evolutionary Building

इस means में ये interleave करती है बाकि actions को specification, building और validation की. एक preliminary device बहुत ही all of a sudden broaden करती है summary specs से. उसके बाद preliminary device को और ज्यादा refine किया जाता है buyer inputs से ऐसे device produce करने के लिए जो की fulfill करे buyer के जरूरतों को.

Element-Primarily based Instrument Engineering

वो procedure fashions जो की इस means को observe करता है वो primarily based होता है vital quantity की reusable elements के lifestyles के ऊपर. इसमें device building procedure ज्यादा focal point करता है इन elements को combine करने में एक device में न की उन्हें broaden करने में.

ऊपर बताई गयी तीन generic procedure fashions को extensively इस्तमाल किया जाता है present tool engineering observe में. ये mutually unique नहीं होते हैं और उन्हें ज्यादातर एक साथ इस्तमाल किया जाता है, particularly बड़े techniques building के लिए.

Sub-systems inside एक higher device में, उन्हें broaden किया जाता है other approaches के इस्तमाल से. इसलिए भले ही one by one इन्हें speak about करने के लिए handy होता है लेकिन वहीँ observe में, इन्हें अक्सर mix किया जाता है.

Instrument Procedure की Traits क्या है

Instrument processes की traits के बारे में चलिए जानते हैं।

Function Description
Understandability उस extent तक जहाँ तक की procedure को explicitly outline किया जाये और उस आसानी से जिससे की procedure definition को समझा जा सके.
Visibility इसमें procedure actions को पूरी तरीके से culminate किया जाता है transparent effects में जिससे की procedure की development externally visual ही सके.
Supportability वो extent तक जहाँ की CASE gear को procedure actions strengthen करे.
Acceptability उस extent तक जहाँ की procedure appropriate और usable होता है Engineers के द्वारा और accountable भी होता है tool product को produce करने के लिए.
Reliability उस method को कहा जाता है जिसमें की procedure को कुछ इसप्रकार से designed किया जाता है जिसमें की procedure में mistakes को keep away from किया जाता है या trapped किया जाता है जिससे की वो ultimate merchandise में seem न हो.
Robustness Procedure को कुछ इस प्रकार से तैयार किया जाता है जिससे की procedure proceed हो सके चाहे जितनी भी sudden issues क्यूँ न हो जाये.
Maintainability Procedure को कुछ इसप्रकार से design किया गया है जिससे वो खुद को evolve कर सके और बदलती हुई organizational necessities को replicate कर सके साथ में procedure enhancements को establish भी कर सकें.
Rapidity ये उस velocity को कहा जाता है जिससे की whole tool को ship किया जा सके given specs के साथ.

Instrument Procedure के Parts क्या है

एक tool procedure का मुख्य goal होता है एक product को broaden करना, जो की consumer के सभी necessities को accomplish करें. एक Instrument procedure की main elements में होते हैं एक procedure control procedure और एक product engineering procedure.

Procedure Control Procedure (PMP) का मुख्य purpose होता है tool processes को fortify करना, जिससे की एक value efficient और top of the range product को broaden किया जा सके. इस चीज़ के लिए Finished Tasks की present processes को read about किया जाता है.

Procedure Control Procedure में निम्नलिखित कार्य किये जाते हैं जैसे की

Present procedure को comprehend करना, उनकी homes को analyze करना, ये resolve करना की उन्हें कैसे fortify किया जा सके, और बाद में growth को impact करना. ये सभी procedure को PMP में किया जाता है.

एक team जिसे की Instrument Engineering Procedure Crew (SEPG) भी कहा जाता है वो procedure control के सभी actions को करता है.

वहीँ ऊपर बताये गए research के अनुसार, product engineering processes को fortify किया जाता है, जिससे की tool procedure को fortify किया जाता है.

Product engineering procedure का यह purpose है की कैसे product को broaden किया जाये consumer necessities के अनुसार.

इस product engineering procedure में मुख्य रूप से तीन main elements होते हैं, जिन्हें की नीचे checklist किया गया है.

Building Procedure

ये ऐसा procedure है जिसे की tool के building के दौरान इस्तमाल किया जाता है. ये specify करती हैं building और high quality assurance actions जिन्हें की carry out किया जाता है. Programmers, designers, checking out staff, इत्यादि इन procedure को carry out करते हैं.

Mission Control Procedure

ये involved होता है उस set of actions के साथ जिनका इस्तमाल होता है एक set of objectives को accomplish करने के लिए. ये प्रदान करता है way जिससे की allotted assets को plan, arrange और keep an eye on किया जा सके और जिससे mission value, time और efficiency targets को पूर्ण किया जा सके.

इसे करने के लिए बहुत से processes, tactics और gear का इस्तमाल किया जाता है projetcs की targets को succeed in करने के लिए. Mission Control group carry out करती है सभी actions को इस procedure के लिए.

Configuration Regulate Procedure

ये set up करता है उन adjustments को जो की happen होते हैं necessities में alter करने के फल स्वरुप. वहीँ इसके साथ ये merchandise की integrity को handle भी करती हैं जब necessities में बदलाव भी किये जाये तब.

यहाँ Configuration Regulate Processes की actions को carry out किया जाता है एक team के द्वारा जिन्हें Configuration Regulate Board (CCB) भी कहा जाता है.

Be aware Mission Control Procedure और Configuration Regulate Procedure दोनों rely करती हैं Developement Procedure के ऊपर. जहाँ की Control procedure का लक्ष्य होता है building procedure को keep an eye on करना, जिसमें वो developement procedure की actions के ऊपर निर्भर करता है.

Procedure Framework क्या है

Procedure framework ये resolve करता है की कौन से processes very important होते हैं एक complicated tool mission को whole करने के लिए.

ये framework कुछ actions को establish करता है, जिन्हें की framework actions भी कहते हैं, ये सभी tool initiatives पर appropriate होता है चाहे वो किसी भी kind और complexity की क्यूँ न हो.

Procedure Framework की Actions क्या है

देखा जाये तो procedure framework की बहुत सी Actions होते हैं, लेकिन हम यहाँ पर कुछ actions के विषय में ही जानेंगे.

1. Conversation:  इसमें customers के साथ ठीक तरीके से verbal exchange किया जाता है जिससे उन्हें necessities को सही रूप में समझा जा सके.

2. Making plans:  इसमें एक plan को identify किया जाता है उस mission को accomplish करने के लिए. जिसमें mission की agenda को describe किया जाता है, उसमें इस्तमाल हुए technical duties, anticipated dangers, और जरुरत के assets इत्यादि.

3. Modeling:  इसमें Fashions के introduction पर भी ध्यान दिया जाता है, जिससे developer और consumer को permit किया जाता है ये समझने के लिए की tool necessities क्या है और वो सभी designs जिससे की उन necessities को पूर्ण किया जा सके.

4. Building:  इसमें era of code को checking out के साथ mix किया जाता है जिससे वो code में स्तिथ सभी mistakes को discover कर सके.

5. Deployment:  ये indicate करता है की ultimate product (tool) को ठीक तरीके से consumer को delivered किया जाये. फिर consumer उस delivered product को assessment करता है और उस analysis के आधार में comments प्रदान करता है.

Instrument Procedure की परिभाषा क्या है ?

Instrument Procedure एक ऐसी गतिविधियों का सेट होता है जिसका पालन कर एक सॉफ़्ट्वेर engineer अंत में एक सॉफ़्ट्वेर प्रोडक्ट तैयार कर लेता है। अक्सर इन Instrument Procedure का काम Instrument engineers द्वारा ही किया जाता है।

Instrument Procedure Fashion क्या है ?

Instrument Procedure Fashion एक summary illustration होती है एक procedure जिसमें जो कुछ विशेष दृष्टिकोण से एक प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत करता है।

Instrument Procedure के parts क्या क्या होते हैं ?

मुख्य रूप से Instrument Procedure के पाँच parts होते हैं। ये हैं, Built-in Building Setting (IDE), Supply Regulate, Automatic Trying out, Automatic Construct और Defect Control।

हमें Instrument Building Procedure की क्यूँ ज़रूरत होती है ?

Instrument Building Procedure हमें ऐसी pointers प्रदान करती है जिससे की efficient control keep an eye on प्राप्त किया जा सकता है। एक very best SDLC को सही रूप से करने पर, tool builders आसानी से एक purposeful trade device तैयार कर सकता है। ये प्रॉसेस शुरू होता है resolution making से और ख़त्म होता है deployment पर जाकर।

आज आपने क्या सीखा

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को Instrument Procedure क्या है? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Instrument Procedure क्या होता है के बारे में समझ आ गया होगा.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच feedback लिख सकते हैं.

आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह लेख Instrument Procedure in Hindi अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Fb, Twitter इत्यादि पर proportion कीजिये.

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