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राष्ट्रीय उद्यान क्या है ? भारतवर्ष के किन्हीं दस राष्ट्रीय उद्यानों का संक्षिप्त वर्णन...

• मनुष्य प्रारम्भिक काल से ही वन्य जीवों एवं पेड़-पौधों का लगातार उपयोग करता आया है। आज हमारी आवश्यकता और अधिक हो गई है जिसके कारण इनका उपयोग और बढ़ गया है परिणामस्वरूप प्रकृति की जैव-विविधता कम होती जा...

लुप्तप्रायः या संकटग्रस्त प्रजातियाँ क्या है ? ये कितने प्रकार की होती हैं ?...

लगातार बढ़ती हुई मानव जनसंख्या, इसकी भोजन व अन्य पदार्थों की बढ़ती हुई माँग ने प्राकृतिक संसाधनों का बहुत अधिक दोहन किया है। शहरी क्षेत्रों की वृद्धि, भवनों एवं सड़कों का निर्माण, कृषि भूमि की बढ़ोत्तरी के लिए वनों...

जैव-विविधता के मूल्य एवं प्रकारों की चर्चा कीजिए।

प्रकृति में करोड़ों प्रकार के जीव-जन्तु एवं पेड़-पौधे विद्यमान हैं। प्रत्येक प्रकार के पेड़-पौधे एवं जीव-जन्तुओं की बहुत सी प्रजातियाँ भी पर्यावरण में मौजूद है। इस प्रकार जैव-विविधता का तात्पर्य जैविक विपुलता से है। सर्वप्रथम वाल्टर जी. रोसेन (Walter...

वन्य जीवों के संरक्षण हेतु भारत सरकार ने कौन-कौन से अधिनियम पारित किये है...

(a) इण्डियन बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ (Indian Board of Wildlife : IBWL) यह भारत सरकार का मुख्य सलाहकार है। इसे सर्वप्रथम 1952 में एक सलाहकार (advisory body) के रूप में सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ (Central Board of Wildlife) के नाम से...

भारतवर्ष के प्रमुख अभ्यारण्य

हमारे देश के कुछ प्रमुख अभ्यारण्य निम्नलिखित हैं (1) गिर वन (Gir forest ) – यह गुजरात में स्थित है तथा 500 वर्ग मील में फैला है। यह भारतीय सिंहों का शरणस्थल (Sanctuary) है, लेकिन इसमें चीतल, चिंकारा, साँभर तथा...

एन्डोमिज्म एवं एन्डेमिक जातियाँ, स्थानिक प्रजातियाँ

विशेष क्षेत्रीय जातियों को चार प्रकारों में बाँटा गया है 1. अवशेष विशेष क्षेत्रीय (Relic endemics) - इसमें वे जातियाँ आती है जिनसे ज्यादातर सम्बन्धित जातियाँ जीवाश्म (fossil) हो चुके हैं। जीवित जीवाश्म (living fossil), जिंगो बाइलोवा (Ginko biloba) इसका...

जैव भौगोलिकी क्या है ? भारतवर्ष को कितने जैव भौगोलिक क्षेत्रों में बाँटा गया...

सम्पूर्ण विश्व के सभी क्षेत्रों में उपस्थित जन्तुओं एवं पेड़-पौधों की उत्पत्ति, उनके वितरण, वातावरण के साथ अन्तर्सम्बन्धों आदि का अध्ययन ही जैव भौगोलिकी (Biogeography) कहलाता है। जैव भौगोलिकी की निम्नांकित दो शाखाएँ होती हैं (1) पादप भौगोलिकी (Phytogeography)-इसके अन्तर्गत...

जैव-विविधता एवं उसके संरक्षण पर एक निबन्ध लिखिए।

जैव-विविधता के महत्व को देखते हुए यह आवश्यक है कि इसका संरक्षण किया जाये। इसके अत्यधिक उपयोग से बहुत सी जातियाँ लुप्तप्रायः स्थिति में आ चुकी हैं। विश्व की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है इसलिए इसकी आवश्यकता भी...

भारत एक जैव-विविधता वाला राष्ट्र है। व्याख्या करें।

भारत की स्थिति अब विकासशील और औद्योगिक देशों के बीच की है। यह विकासशील देशों से कुछ अधिक विकसित और औद्योगिक देशों से कुछ कम विकसित है। भारत जैव-विविधता की दृष्टि से बहुत अधिक धनी है। इसके जीवमण्डल (Biosphere)...

जैव-विविधता के तप्त स्थलों का वर्णन कीजिए।

दुनिया के उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र जिसमें जैव-विविधता समृद्ध है एवं विशेष क्षेत्रीयता का स्तर उच्च है और जिसमें आवास विनाश के और जातियाँ विलोपन के खतरे में आते हैं इसलिए परिरक्षण के लिए ये तप्त स्थल (Hot spots) कहलाते...

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