Boycott Chinese language Merchandise in India

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Boycott Chinese language merchandise in India: आपने हर जगह अखबार में या टीवी पर ये खबर तो सुना होगा की भारत देश का सबसे बड़ा दुश्मन Pakistan का साथ China पूरी तरह से दे रही है।

जैसे हथियार और गोलाबारूद का सामान पाकिस्तान को दे कर आतंक को बढ़ावा दे रही है और इसलिए social networking website online जैसे Fb और WhatsApp पर हमें बहुत से ऐसे messages आ रहे हैं की हमें Chinese language merchandise का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिये।

ताकि china को बहुत नुकसान हो और वो इस नुकसान की भरपाई करने के लिए पाकिस्तान का साथ देना छोड़ दे. इस बात पर हम सब कहीं न कहीं से सेहमत हैं पर अगर इस बात के तेह तक जाकर देखें और सोचें तो क्या आपको लगता है की हमारे china के merchandise का इस्तेमाल ना करने से china को फर्क पड़ेगा? मेरे ख्याल से तो बिलकुल भी “नहीं” है.

कैसे?

इस विषय के बारे में आज हम चर्चा करेंगे की India में Chinese language merchandise को ban करने से उसका क्या असर होगा?

India और China के बिच Imports और Exports से जुडी कुछ बातें

Boycott Chinese Products in India
सबसे पहले तो मै आपको ये बता दूँ की India China से कितने प्रतिशत सामान खरीदती है और कितनी बेचती है.

China, India का सबसे बड़ा buying and selling पार्टनर है. अगर हम बात करें साल 2015 से लेकर 2016 तक की monetary 12 months को लेकर तो India ने china से 60 billion buck का सामान import किया है जो की china का पूरी दुनिया में general imports का लगभग सिर्फ 15 प्रतिशत का हिस्सा है.

और अगर exports की बात करें तो China से India को करीबन 10 billion buck का सामान export किया गया है जो की India का general export में सिर्फ 3.6 प्रतिशत का हिस्सा है.

अगर इन आंकड़ों पे हम नज़र डालकर देखें और Chinese language के merchandise को India में ban करने के बारे में सोचें तो china को इस नुकसान से कोई ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है.

बल्कि इसका उल्टा ही असर हमारे भारत पर होगा, कैसे? अगर हम china के merchandise का इस्तेमाल करना बंद कर दें तो china भी हमसे merchandise लेना बंद कर देगा जिसके वजह से हमारा भी नुक्सान होगा.

हमारे china के merchandise को ban करने से उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा और वो अपना व्यापर किसी और देश के साथ करना शुरू कर देगा. ऐसा भारत भी कर सकता हैं लेकिन जो china से सामान सस्ते दामों में हमें मिल जाया करते हैं दुसरे देशों से सायद हमे उतनी ही रक़म में मिलना मुश्किल है.

तो ऐसे में भारत कौन से दुसरे देश के साथ व्यापर करेगा जहाँ से उसे उतने ही दामो में समान मिल सकता है जितने में China हमें देता है.

इस सवाल का जवाब मिलना मुश्किल है. ऐसे में हम सब सोचते हैं की हम इंडियन merchandise का इस्तेमाल करेंगे लेकिन ये तो हम सब ही जानते हैं की India के marketplace में वो क्षमता नहीं है जो हम सब की जरूरतों को पूरा कर सके.

अगर ऐसा होता तो हम दुसरे देशों के साथ imports कम और exports ज्यादा मात्रा में कर रहे होते. इसलिए china का merchandise ban कर देने से हमें हमारे समस्याओं का हल नहीं मिलेगा.

China का Merchandise Ban करने से इसका असर भारत में क्या होगा?

Is it truly conceivable to boycott Chinese language product in India? आप सब जानते हैं की दिवाली का शुभ समय आ रहा है और ऐसे में Fb और WhatsApp पर ऐसे messages आ रहे हैं की boycott Chinese language merchandise.

China से जुडी कोई भी merchandise को ना खरीदें जैसे Chinese language लाइट्स, पटाखें इन सबका इस्तेमाल ना करें उनसे दुरी बनाये रखें, इसके अलावा अगर हम electronics चीजों की बात करें तो Chinese language smartphones को ना खरीदें.

ये सब करने को कहा जा रहा है जिससे की हमारा देश का कुछ हो और हमरे देश से अब एक भी पैसा china के पास न जाये इसके बदले हम Indian merchandise का इस्तेमाल करें.

ये बात तो बिलकुल सही है हम सब ये चाहते हैं की हमारे देश का भला हो, लेकिन इन सबके बिच एक बहुत बड़ा सवाल उठता है जिसके ऊपर हमे ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है जो अकसर हम नहीं देते.

वो सवाल क्या है? अगर हम आज से बल्कि अभी से China के merchandise को boycott कर दें तो क्या होगा? हम जिस Chinese language merchandise को बंद करने की बात कर रहे हैं वो हमे कहाँ से मिलता है?

आपने आस पास के दुकानों से ही ना, अब हम उन merchandise को खरीदने china तो नहीं जाते. मान लीजिये एक दुकानदार है जो दिवाली के लिए बहुत बड़ी रक़म का Chinese language का सामान खरीद लिया है और उसे बेचना भी शुरू कर दिया है. अब अगर हम Chinese language product खरीदना बंद कर देते हैं तो इसमें नुकसान किसका होगा china का या India का?

क्यूंकि उस दुकान में बैठने वाला तो भारतीय है और गरीब है जो अपने परिवार का पेट भरने के लिए व्यापार करता है. नुकसान सिर्फ उस दुकानदार का होगा china का नहीं, china तो उस सामान को कबका बेच चूका है.

क्या करना सही होगा?

हम अपनी जीवन शैली को देखें तो हमारे घर में एक सुई से लेकर बड़ी मशीनों तक जैसे TV, Refrigerator, pc, smartphone सभी चीजें Chinese language emblem की होती है.

इन सभी चीजों का Indian emblem तो है ही नहीं अगर है भी तो भी उसके अन्दर में लगा हुआ कुछ सामान china से लाया जाता है बस उसमे emblem India का लग जाता है, इसका मतलब ये नहीं है की वो पूरी तरह से India का ही emblem है.

तो हम सबको इस बात को अपनाना होगा की हम आज Chinese language के merchandise पर निर्भर रहते हैं और इसीलिए अभी से उनके merchandise का इस्तेमाल नहीं करने से हमे कोई फायेदा नहीं होगा.

इस चीज से निजात पाने के लिए हमे खुद को विकास की और ले जाना होगा और अपने आपको हर box में उनसे बेहतर बनाना होगा जिसके लिए हमें china से किसी भी तरह के merchandise की जरुरत आगे जाकर ना पड़े, तभी जाकर हम उनके सामान का इस्तेमाल करना बंद कर सकते हैं और अपने देश को तरक्की की और ले जा सकेंगे.

इस विषय में मेरी राय यही थी और आशा करती हूँ की आपको समझ में आ गया होगा की India में Chinese language merchandise को ban करने से उसका क्या असर होगा. इस विषय में आपकी क्या सोच है या आपकी क्या राय है हमारे साथ जरुर proportion करें.

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