5G क्या है और इंडिया मे कब आएगा

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क्या आप जानते हैं की 5G क्या है (What’s 5G in Hindi)? ये 5G Era कैसे काम करती है? मेह्जुदा 4G के मुकाबले ये 5G किस माईने में बेहतर है? इन्ही सभी चीज़ों के विषय में अगर आपको जानना है तब आपको ये put up जरुर पढनी होगी. फोन और हमारा रिश्ता काफी पुराना है और उतना ही मजबूत भी.

जहाँ पहले के फ़ोन cord वाले हुआ करते थे, फिर cordless का ज़माना आया और अब wi-fi telephone का दोर चल रहा है. पहले के elementary telephones के जगह अब के era के लोग Good Telephones का इस्तमाल करते हैं. फ़ोन के इस बदलते रूप रंग के साथ उसकी era भी जुडी हुई होती है जो की 1G से 4G का सफ़र तो तय कर चुकी है और अब आगे 5G की तरफ अपना रुख का रही है. ऐसे में ये जानना काफी रोचक हो सकता है की ये आने वाली 5G क्या है?

इसमें इस्तमाल होने वाली Era क्या है और ये कैसे मेह्जुदा Cellular Business में बदलाव ला सकती है. इससे कैसे लोग उपकृत हो सकते है, इत्यदि.

अगर हम पिछले कुछ वर्षों को देखें तब हम ये जान सकेंगे की प्रति 10 वर्षों में Cellular Era के box में एक era की बढ़ोतरी हो रही है. जैसे की शुरुवात हम First Era (1G) सन 1980s में, 2nd Era (2G) सन 1990s में, 3rd Era (3G) सन 2000s में, Fourth Era (4G) सन 2010s में, और अब 5th Era (5G) की बरी है.

हम धीरे rent ज्यादा refined और smarter generation की और रुख कर रहे हैं. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को 5G क्या है और ये कैसे काम करता है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे आपको भी इस नयी generation के विषय में जानकारी हो. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की 5G नेटवर्क क्या है और 5G इंडिया में कब आएगा?

5G क्या है (5G Era in Hindi)

5G Kya Hai Hindi

5G मोबाइल नेटवर्क का पांचवा जनरेशन है. 5g का Complete Shape है 5th Era. ये 5th-generation wi-fi, या 5G, बहुत ही newest mobile generation है, जिसे की ख़ास तोर से engineered किया गया है जिससे की wi-fi networks की pace और responsiveness को आसानी से बढाया जा सके.

वहीँ 5G, में records को wi-fi broadband connections के माध्यम से लगभग 20 Gbps से भी ज्यादा की pace में transmit किया जा सकता है. इसके साथ ये बहुत ही कम latency जो की है 1 ms be offering करती है और जहाँ real-time comments की जरुरत है वहां और भी कम. 5G में ज्यादा bandwidth और complex antenna generation होने के कारण इसमें ज्यादा quantity की records को wi-fi के माध्यम से transmit किया जा सकता है.

यहाँ पर pace, capability और latency, में growth के अलावा 5G दुसरे community control options भी प्रदान करती है, जिसमें की मुख्य है community chopping, जो की दुसरे cell operators को permit करती है more than one digital networks create करने के लिए वो भी एक unmarried bodily 5G community में.

इस capacity से wi-fi community connections को किसी explicit makes use of या industry instances में इस्तमाल किया जा सकता है और इसे as-a-service foundation में बेचा भी जा सकता है. एक उदहारण के तोर पर self-driving automotive, जो की एक community slice require करता है जो की extraordinarily rapid, low-latency connections प्रदान करती है. इससे एक automobile real-time में navigate कर सकती है.

वहीँ एक house equipment, को हम एक lower-power, slower connection के by means of भी attach कर सकते हैं क्यूंकि इसमें excessive efficiency की कोई जरुरत ही नहीं है. इसके अलावा information superhighway of items (IoT) में हम safe, data-only connections का इस्तमाल कर सकते हैं.

5G networks और services and products को कई phases में deploy किया जायेगा subsequent कुछ वर्षों में जो की बढती cell और internet-enabled units की जरुरत हो आसानी से पूर्ण कर सके. Total, की बात करें तब 5G के माध्यम से हम बहुत selection के नए programs को generate कर सकते हैं.

भारत में अभी 4G का विस्तार हो रहा है मगर दुनियाभर के टेलिकॉम ऑपरेटर्स मोबाइल टेक्नॉलजी की अगली जेनरेशन 5G लाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसीलिए उसने 5G लाने की तैयारी शुरू कर दी है।

5G Era के Options

अभी हम कुछ विशेष 5G generation options के संधर्व में जानते हैं. चलिए जानते हैं की आखिर 5G Era में ऐसे क्या नए options है जो की मेह्जुदा community generation में नहीं है.

  • इसमें As much as 10Gbps records fee का होना. इसके साथ 10 to 100x की fee में community growth होना 4G और 4.5G networks की तुलना में.
  • 1 millisecond latency का होना
  • इसमें 1000x bandwidth according to unit house का होना
  • इसमें हम As much as 100x quantity के hooked up units according to unit house (अगर हम 4G LTE के साथ तुलना करें) तक attach कर सकते हैं
  • ये सभी time to be had होता है. इसलिए इसकी 99.999% तक availability है
  • इसके अलावा ये 100% protection प्रदान करता है
  • ये power save करने में काफी मदद करता है. जिसके चलते ये लगभग 90% तक community power utilization कम करने में मदद करता है
  • इसमें आप low chronic IoT units जो की करीब 10 सालों तक आपको chronic प्रदान कर सकती है का इस्तमाल कर सकते हैं
  • इसमें Top greater top bit fee होती है
  • ज्यादा records quantity according to unit house (i.e. excessive device spectral potency) होती है
  • ज्यादा capability होती है जो की इसे ज्यादा units के साथ similtaneously और instantaneously attach होने में मदद करती है
  • ये Decrease battery intake करती है
  • ये बेहतर connectivity प्रदान करती है किसी भी geographic area की अगर आप बात करें तब
  • ये ज्यादा नंबर की supporting units को give a boost to कर सकती है
  • इसमें infrastructural construction करने में काफी कम लागत लगती है
  • इसके communications में ज्यादा reliability होती है

5G Era कैसे काम करता है

Wi-fi networks में मुख्य रूप से cellular websites होते हैं जिन्हें की sectors में divide किया गया होता है जो की radio waves के माध्यम से records ship करते हैं. ये कहना गलत नहीं होगा की Fourth-generation (4G) Lengthy-Time period Evolution (LTE) wi-fi generation ने ही 5G का basis तैयार किया था.

जहाँ 4G, में बड़े, high-power cellular towers की जरुरत होती है alerts को radiate करने के लिए longer distances में, वहीँ 5G wi-fi alerts को transmit करने के लिए बहुत सारे small cellular stations की जरूरत होती है जिन्हें की छोटी छोटी जगह जैसे की mild poles या construction roofs में लगाया जा सकता है.

यहाँ पर more than one small cells का इस्तमाल इसलिए होता है क्यूंकि ये millimeter wave spectrum में — band of spectrum हमेशा 30 GHz से 300 GHz के भीतर ही होती है और चूँकि 5G में excessive speeds पैदा करने की जरुरत होती है, जो की केवल quick distances ही commute कर सकता है.

इसके अलावा ये alerts किसी भी climate और bodily stumbling blocks, जैसे की structures से आसानी से intervene हो सकते हैं.

यदि हम पहले generations के wi-fi generation की बात करें तब इसमें spectrum की lower-frequency bands का इस्तमाल होता था. इसके साथ millimeter wave demanding situations जिससे की distance और interference ज्यादा होती है, इससे जूझने के लिए wi-fi trade ने 5G networks में lower-frequency spectrum का इस्तमाल करने का सोचा है जिससे Community operators उस spectrum का इस्तमाल कर सकें जो की उनके पास पहले से ही मेह्जुद है.

एक चीज़ हमें ध्यान रखना चाहिए की Decrease-frequency spectrum हमेशा ज्यादा distances duvet करती है लेकिन इसमें decrease pace और capability होती है millimeter wave की तुलना में.

5G Deployment की Standing क्या है?

5G की मुख्य construction विश्व के इन चार देशों में सबसे ज्यादा है वो हैं United States, Japan, South Korea और China. यहाँ पर Wi-fi community operators ज्यादा ध्यान 5G buildouts को बनाने में दे रहे हैं. माना जा रहा है की Community operators 2030 तक लगभग करोड़ों billions greenbacks 5G के सन्धर्व में खर्च करने वाले हैं.

जाने माने Tech corporate Era Trade Analysis Inc., का कहना है की ये बात अभी तक भी साफ़ नहीं है की ये 5G services and products किस प्रकार से अपने funding का go back generate करेंगे.

ये उम्मीद है की नए firms और Startup जो की 5G के Evolving generation का इस्तमाल करना चाहते हैं वो इन operators के earnings का ख्याल रख सकते हैं.

Concurrently, दुसरे requirements our bodies भी common 5G apparatus requirements के ऊपर काम कर रहे हैं. निकट में ही third Era Partnership Challenge (3GPP) ने 5G New Radio (NR) requirements के लिए December 2017 में approval दे दी है और 2018 के ख़त्म होने तक वो 5G cell core usual जो की 5G mobile services and products के लिए बहुत जरुरी है को समाप्त कर देने की उम्मीद रखते हैं. ये 5G radio device 4G radios के साथ suitable नहीं है, लेकिन community operators ने wi-fi radios की खरीदारी करी है जिन्हें की वो improve करना चाहते हैं. वो इसे Instrument के द्वारा improve करना चाहते हैं न की {hardware} replace क्यूंकि {hardware} replace में उन्हें नए apparatus खरीदने की जरुरत पड़ सकती है.

जहाँ 5G wi-fi apparatus requirements प्राय समाप्त हो चुकी हैं ऐसे में first 5G-compliant smartphones और दुसरे related wi-fi units commercially 2019 तक to be had हो जाने की उम्मीद हैं. 5G generation का सम्पूर्ण इस्तमाल 2020 से होने की उम्मीद की जा रही है. सन 2030 तक, 5G services and products का इस्तमाल full-fledged रूप से किया जायेगा और इसका इस्तमाल digital truth (VR) content material में independent automobile navigation में किया जायेगा. इसे real-time में observe भी किया जा सकेगा.

Varieties of 5G wi-fi services and products to be had

Community operators मुख्य रूप से दो प्रकार के 5G services and products प्रदान करते हैं.
पहला Carrier है 5G mounted wi-fi broadband services and products का जो की information superhighway get entry to ship करती है घरों और companies को बिना किसी stressed connection के उनके premises तक.

ऐसा करने के लिए community operators NRs को deploy करते हैं छोटे cellular websites में structures के निकट जिससे ये कोई sign को beam कर पाए receiver तक जो की किसी rooftop या windowsill में मेह्जुद हो, इससे ये premises के भीतर amplified हो जाता है.

Mounted broadband services and products operators के लिए भी सस्ता हो जाता है provider प्रदान करने के लिए क्यूंकि इस way के द्वारा उन्हें प्रत्येक place of dwelling को fiber optic strains बिछाने की जरुरत नहीं पड़ती है, बल्कि केवल cellular websites तक ही fiber optics set up करनी होती है, और shoppers broadband services and products obtain करते हैं wi-fi modems के द्वारा जो की उनके flats या companies में स्तिथ होता है.

दूसरा Carrier है 5G mobile services and products का जो की consumer को operator के 5G mobile networks provider को get entry to करने की सुविधा प्रदान करती है. ये services and products सबसे पहले rolled out होगी सन 2019 में, जब पहली 5G-enabled units commercially to be had होंगी खरीदने के लिए.

Cell provider की supply भी निर्भर करती है cell core requirements के crowning glory के ऊपर 3GPP के द्वारा. उम्मीद की जा रही है की ये 2018 के ख़त्म होने तक entire हो जाएगी.

5G के Complex Options क्या हैं

यदि हम पहले के radio applied sciences के साथ इस नयी 5G generation की तुलना करें तब इसमें ये following development हम देख सकते हैं जैसे की −

  • इसमें हम Almost tremendous pace जो की है 1 से 10 Gbps को पा सकते हैं.
  • यहाँ पर Latency होगी 1 millisecond (end-to-end spherical shuttle में).
  • इसके साथ यहाँ पर 1,000x bandwidth according to unit house होती है.
  • ये बहुत ही आसानी से 10 से 100 units तक attach हो सकता है.
  • ये International protection प्रदान करता है.
  • इसके अलावा लगभग 90% की power relief में इसका हाथ है.
  • इसमें Battery lifestyles बहुत ही लम्बी होती है दूसरों के मुकाबले.
  • इसका साथ यहाँ पर पूरी दुनिया एक wi fi zone बन जाती है.

5G की स्पेक्ट्रम बैंड क्या है

5G नेटवर्क्स 3400 MHz , 3500 MHz और 3600 MHz बैंड्स पर रन करते हैं। 3500 MHz बैंड को आदर्श माना जाता है। मिलीमीटर वेव स्पेक्ट्रम 5G में अहम भूमिका निभा सकता है। इन्हें मिलीमीटर वेव्स इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनकी लेंग्थ 1 से 10 mm होती है।

मिलीमीटर तरंगें 30 से 300 GHz फ्रिक्वेंसीज़ पर काम करती हैं। अभी तक इन तरंगों को सैटलाइट नेटवर्क्स और रडार सिस्टम्स में इस्तेमाल किया जा सकता है।

अगर 5G में मिलीमीटर वेव्स इस्तेमाल की जाती हैं तो इसका श्रेय सर जगदीश चंद्र बोस को भी जाएगा। उन्होंने 1895 में ही दिखाया था कि इन वेव्स को कम्यूनिकेशन के लिए यूज किया जा सकता है।

5G के मुख्य Benefits क्या हैं?

वैसे 5G के ओ बहुत सारे benefits हैं, इसलिए मैंने उनके विषय में निचे आप लोगों को बताने के कोशिश करी है –

  • Top answer और bi-directional massive bandwidth shaping का होना.
  • इसके माध्यम से सभी networks को एक ही platform के अंतर्गत लाया जा सकता है.
  • ये बहुत ही ज्यादा efficient और environment friendly है.
  • बेहतर Obtain और Add Velocity का होना.
  • इस Era के माध्यम से subscriber को supervision gear प्रदान किये गए हैं जिससे वो fast motion ले सकते हैं.
  • इसके द्वारा बड़े पैमाने में broadcasting records (in Gigabit) हो सकती हैं, जिससे ये 60,000 connections से भी ज्यादा को give a boost to कर सकता है.
  • इसे earlier generations के साथ आसनी से set up किया जा सकता है.
  • ये Technological sound है heterogeneous services and products (जिसमें की non-public community) को give a boost to करने के लिए.
  • इस generation के द्वारा पूरी दुनिया में uniform, uninterrupted, और constant तरीके से connectivity प्रदान किया जा सकता है.
  • इसमें parallel more than one provider आप पा सकते हैं जैसे की आप बात करते हुए climate और location की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
  • आप अपने PCs को handsets के जरिये keep an eye on कर सकते हैं.
  • इससे Schooling बहुत ही आसान हो जाता है क्यूंकि कोई भी pupil दुनिया के किसी भी छोर से ज्ञान प्राप्त कर सकता है.
  • Clinical remedy भी आसान हो सकती है क्यूंकि एक physician किसी मरीज को जो की दुनिया के किसी भी far flung location में स्तिथ हो उसे इस generation के द्वारा ठीक कर सकता है.
  • इससे tracking में आसानी होगी क्यूंकि executive group और investigating officials आसानी से किसी भी जगह को observe कर सकते हैं जिससे crime fee में गिरावट होने की संभावनाएं हैं.
  • अंतरिक्ष, galaxies, और दुसरे ग्रह को देखना बहुत ही आसान हो जायेगा.
  • किसी भी खोये हुए इन्सान को ढूंड पाना आसान हो जायेगा.
  • यहाँ तक की आने वाली बड़ी herbal crisis जैसे की tsunami, भूकंप इत्यादि को पहले से ही stumble on किया जा सकेगा.

5G के मुख्य Dis-Benefits क्या हैं?

5G generation को बहुत ही researched और conceptualized तरीके से बनाया गया है सभी radio sign issues और cell global के hardship of cell global को ख़त्म करने के लिए, लेकिन इसके वाबजूद भी इसके कुछ disadvantages हैं जिन्हें हम आगे speak about करने वाले हैं.

  • ये 5G की Era अभी तक भी underneath procedure है और इसके पीछे analysis जारी है.
  • जो pace प्रदान करने की बात जो ये कर रहा है, उसे reach करना मुस्किल प्रतीत होता है है क्यूंकि उसके लिए अभी तक उतना technological give a boost to विश्व के बहुत से हिस्सों में फिलहाल मेह्जुद नहीं है.
  • बहुत सारे पुराने units इस नयी 5G generation के साथ suitable नहीं है जिसके चलते उन्हें बदलना पड़ेगा, जो की एक pricey deal साबित होगा.
  • इसके infrastructures को Expand करने में ज्यादा value लग सकता है.
  • इसमें अभी तक भी कई Safety और privateness similar factor मेह्जुद हैं जिन्हें अभी तक भी remedy करना बाकि है.

5G के Packages क्या हैं

चलिए जानते हैं कुछ important programs के विषय में

  • ये पूरी दुनिया के लिए एक unified international usual बन सकता है.
  • इसके द्वारा Community availability चारों तरफ होगी जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस बेहतरीन generation का इस्तमाल कर सकेंगे कभी भी और कहीं भी.
  • इसमें IPv6 generation होने के कारण, cell की IP deal with को उनके hooked up community और geographical place के हिसाब से प्रदान किया जायेगा.
  • ये पूरी दुनिया को एक genuine Wi Fi zone में तब्दील कर देने की क्षमता रखता है.
  • इसके cognitive radio generation के माध्यम से radio applied sciences के अलग अलग model समान spectrum को successfully इस्तमाल कर सकते हैं.
  • इस generation के माध्यम से upper altitude के लोग बड़े आसानी से radio sign की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं.

5G के मुख्य Demanding situations

किसी भी नयी construction का एक बहुत बड़ा हिस्सा है Demanding situations का होना. क्यूंकि इन demanding situations के होने से ही generation और भी बेहतर बन सकती हैं. सभी generation के जैसे ही 5G में भी बहुत बड़े बड़े demanding situations मेह्जुद हैं. हमने पिछले कुछ सालों में देखा की कैसे radio generation ने rapid expansion करी है.

शुरुवात 1G से 5G तक, ये सफ़र केवल 40 वर्षों का ही है (1G सन 1980s में और 5G जो की आने वाला है सन 2020 में). लेकिन इस सफ़र में हमने कुछ not unusual demanding situations भी follow किया है जैसे की infrastructure, analysis method, और value की कमी.

आज के दोर में ऐसे बहुत से देश है जहाँ की अभी तक भी 2G और 3G applied sciences का इस्तमाल होता है और लोग वहां अभी तक भी 4G के विषय में नहीं जानते हैं, ऐसे situation में, जो सवाल सभी के दिमाग में है वो ये की −

  • ये 5G कितनी दूर viable होगी?
  • क्या इस generation के माध्यम से कुछ advanced international locations और growing international locations भी लाभान्वित होंगे?
    इन्ही सवालों को बेहतर समझने के लिए 5G के demanding situations को two headings में विभाजित कर दिया गया है −

1. Technological Demanding situations
2. Not unusual Demanding situations

Technological Demanding situations

1.  Inter-cell Interference – ये एक बहुत ही बड़ा technological problems है जिसे की जल्द remedy करना होगा. चूँकि conventional macro cells और concurrent small cells के dimension में बहुत फरक है इसलिए ये आगे चलकर interference पैदा कर सकता है.

2.  Environment friendly Medium Get admission to Regulate – ऐसे scenario में, जहाँ की dense deployment of get entry to issues और consumer terminals की reqirement होती है, वहां consumer की throughput low होगी, latency excessive होगी, और hotspots competent नहीं होगी mobile generation के साथ ज्यादा throughput प्रदान करने के लिए. इसलिए इसे ठीक ढंग से researched करना जरुरी है इस generation को optimize करने के लिए.

3.  Site visitors Control – Cell networks में ज्यादा human site visitors के होने से और ज्यादा quantity के System to System (M2M) units के एक ही cellular में होने से ये एक severe device demanding situations पैदा कर सकता है जो की है radio get entry to community (RAN) demanding situations, जो की बाद में overload और congestion पैदा कर सकता है.

Not unusual Demanding situations

1.  A couple of Services and products – दुसरे radio sign services and products, के मुकाबले 5G को बड़े job करना होता है जैसे की heterogeneous networks, applied sciences, और units working जो की अलग अलग geographic areas में काम करते हैं. इसलिए जो problem है वो ये की लोगों की dynamic, common, user-centric, और data-rich wi-fi services and products प्रदान करना होता है वो भी usual तोर से.

2.  Infrastructure – Infrastructure की कमी के कारण Researchers को कई technological demanding situations of standardization और 5G services and products के software में कमी जैसे असुविधा का सामना करना पड़ता है.

3.  Verbal exchange, Navigation, & Sensing – ये services and products ज्यादा rely करती है availability of radio spectrum पर, जिसके माध्यम से alerts को transmit किया जाता है.

चूँकि 5G generation के पास sturdy computational chronic होता है बड़े quantity के records जो की अलग अलग और distinct resources से आता है उन्हें procedure करने के लिए, लेकिन इसके लिए बड़ी infrastructure give a boost to की जरुरत होती है.

4.  Safety and Privateness – ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण problem हैं जिसे की 5G को ख़ास ध्यान देना चाहिए जिससे लोगों के non-public records को give protection to किया जा सके. 5G को कई दुसरे safety threats जैसे की consider, privateness, cybersecurity का भी ख़ास ध्यान देना पड़ेगा क्यूंकि ये threats पूरी दुनियाभर में लगातार बढती ही जा रही है.

5.  Regulation of Cyberlaw − Cybercrime और दुसरे fraud भी बढ़ेंगे excessive pace और ubiquitous 5G generation के होने से. इसलिए Cyberlaw को ठीक ढंग से enforce करना भी बहुत ही जरुरी है.

5G इंडिया में कब आएगा

आप सोच रहे होंगे के 5G मोबाइल कब लॉंच होगा? सरकार ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए ऑक्शन की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार ने ट्राई से कहा है कि 3400 से 3600 MHz बैंड्स की नीलामी के लिए शुरुआती दाम सुझाए. ट्राई ने इसपर काम शुरू कर दिया है. डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम जल्द ही इस संबंध में एक पॉलिसी भी ला सकता है.

दरअसल एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में 5G जैसी फास्ट वायरेलस टेक्नॉलजी लाने से पहले डेटा होस्टिंग और क्लाउड सर्विसेज के लिए रेग्युलेटरी कंडिशंस में बदलाव लाया जाना चाहिए.

5G का Long run Scope

बहुत सारे researches और discussions पूरी दुनियाभर में चल रही है विश्व के प्रसिद्ध technologists, researchers, academicians, distributors, operators, और governments के बिच 5G के inventions, implementation, viability, और safety considerations को लेकर.

जैसे की बताया गया है की 5G में ऐसे बहुत सारे बहुत सारे options मेह्जुद हैं जो की बेहतरीन services and products प्रदान करेंगी. लेकिन एक सवाल जो सबके मन में जरुर होगा की जहाँ earlier applied sciences (4G और 3G) अभी भी underneath procedure और बहुत से portions में अभी तक भी शुरू नहीं हुए हैं; ऐसे में 5G का long term क्या है?

fifth era generation को ख़ास इसीलिए design किया गया है ताकि वो improbable और outstanding records features, unhindered name volumes, और immeasurable records broadcast इस newest cell working device के माध्यम से कर सके.

इसलिए ये ज्यादा clever generation है, जो की पूरी दुनिया को interconnect करने में सहायक सिद्ध होगा. इसीतरह हमारे दुनिया को common और uninterrupted get entry to to knowledge, verbal exchange, और leisure मिलेगी जिससे ये हमारे जीवन में एक नयी measurement का द्वार खोलेगी और ये हमारे lifestyles taste और बेहतर और significant बनाएगी.

इसके साथ governments और regulators भी इस generation का इस्तमाल excellent governance और बेहतर more fit environments create करने के लिए कर सकेंगे. इससे एक बात तो साफ़ है की 5G के विस्तार में लोगों का सही मनोभाव इसे और भी अधिक बेहतर बनाने में सहायक होगा.

Ceaselessly Requested Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q – क्या 5G Telephones भारत में पहुच चुके हैं?

A – भारत में 5G के services and products के ऊपर काम 2020 से चालू हो जायेगा और 5G telephones 2022 या 2023 तक लोगों को उपलब्ध करवा दिए जायेंगे.

Q – क्या हम अपने 4G Handsets को 5G में improve कर सकते हैं ?

A –  इस बात की तो पूरी तरह से पुष्टि नहीं की गयी है लेकिन जानकारों का मानना है की हम customers 4G mobiles को 5G के community में इस्तमाल कर सकते हैं.

Q – कब 5G Web को भारत में release किया जायेगा ?

A – भारत में 5G Web को 2022 तक release कर दिया जायेगा.

आज आपने क्या सीखा ?

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को 5G क्या है? और ये कैसे काम करता है? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को 5G क्या है (What’s 5G in Hindi) के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Percentage करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा.

आपको यह लेख 5G Era क्या है और 5G कब लॉंच होगा कैसा लगा हमें remark लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Fb, Twitter इत्यादि पर percentage कीजिये.

“ मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है ”

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