2G Cell Community क्या है और इसका इतिहास

[ad_1]

क्या आप जानते हैं 2G Cell Community क्या है (What’s 2G in Hindi)? कैसे ये काम करता है, इसके महत्वपूर्ण options क्या है? Wi-fi Era में 1G के बाद 2G ने cellular communique की पूरी काया ही बदल कर रख दी थी.

जहाँ 1G में केवल Voice ही होता था वहीँ 2G में Voice के साथ knowledge provider भी प्रदान किया जाता है. 1G और 2G में जो मुख्य अंतर है वो ये की जहाँ 1G में इस्तमाल हो रहे radio sign analog होती हैं वहीँ 2G community के indicators virtual होती हैं.

इससे लोगों को अपने Cellphones को पूरी तरह से सही उपयोग करने का मौका मिला. साथ में उन्हें textual content encryption, knowledge provider जैसे की SMS, image message और MMS भी साथ में मिलीं.

2G या 2nd era communique में telephone dialog पूरी तरह से digitally encrypted हुआ करता है. इससे communique की safety 1G के मुकाबले काफी बढ़ जाती है. 2G generation ने लोगों को अपने mobile phone में बातचित के साथ साथ web का भी इस्तमाल करना सिखा दिया.

इससे लोग अपने mobile phones को केवल calling software कहना छोड़ दिए और इस एक software software कहने लगे. इसलिए आज मैंने सोचा की आप लोगों को 2G Community क्या है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान करूँ जिससे आपको Cellular Era की development के बारे में पता चल से सके. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और 2G generation के बारे में जानते हैं.

2G Cell Community क्या है (What’s 2G in Hindi)

2G Cellular Network Kya Hai Hindi

Cellphones को सबसे पहली primary improve तब मिली जब इसमें इस्तमाल हुआ generation 1G से 2G में improve हुआ. यह generation का सबसे पहले इस्तमाल Finland में सन 1991 में हुआ GSM networks में. इससे telephones का analogue communique से virtual communique में एक बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ.

2G का Complete Shape है 2d Era. 2G phone generation में नए options जैसे की name और textual content encryption, जिसमें knowledge products and services जैसे की SMS, image messages, और MMS को सम्मिलित किया गया. माना की 2G ने 1G को exchange कर दिया, जैसे की सभी नयी generation के साथ होता आया है. लेकिन 3G के आने के बाद भी अभी भी बहुत से देशों में 2G का इस्तमाल होता है.

वहीँ 2G की most pace होती है Normal Packet Radio Provider (GPRS) में 50 Kbps. वहीँ Enhanced Information Charges GSM Evolution (EDGE) में 1Mbps होती है. इस era का मुख्य उद्देश्य है safe और dependable communique channel प्रदान करना. इसमें दोनों idea CDMA और GSM का implementation हुआ है. 2G functions को succeed in करने के लिए more than one customers को एक unmarried channel permit किया जाता है multiplexing के द्वारा.

2G की max pace Normal Packet Radio Provider ( GPRS ) के साथ होती है 50 Kbps और 1 Mbps होती है Enhanced Information Charges for GSM Evolution ( EDGE ) में. 2G से 3G wi-fi community में जाने से पहले उस hole को बहुत ही कम जानी पहचानी generation 2.5G और 2.75G के द्वारा पूर्ण किया जाता है.

2G (First Era) की Historical past

2d era 2G mobile telecom networks को commercially release किया गया GSM usual में, वो भी Finland के Radiolinja (जो की अभी एक phase है Elisa Oyj का) में सन 1991 में.

2G Era के Options

चलिए अब 2G Era के essential options के विषय में speak about करते हैं.

  • 2d era communications में telephone conversations को digitally encrypt किया जाता है. इससे इसकी safety काफी बढ़ जाती है.
  • 2G GSM Era बहुत सारे अलग अलग frequency bands 900/1800 में काम करता है.
  • इसमें Virtual Modulation को सबसे पहली बार introduce किया गया था.
  • इसकी knowledge fee as much as 9.6 Kbps होती है.
  • इसमें Voice calls, noise-free होती है virtual modulation के कारण.
  • 900 uplink में जो की है cellular से BTS की frequency vary 890-915 MHz होती है और downlink में जो की BTS से cellular की frequency vary 935-960 MHz होती है.
  • 2G में दो प्रकार के more than one Get entry to का इस्तमाल होता है TDMA Primarily based GSM generation और CDMA based totally IS 95 generation.
  • GSM में अलग अलग प्रकार के carriers of frequency 200 KHz का इस्तमाल होता है, जहाँ 900 frequency band में 124 carriers का इस्तमाल होता है वहीँ 1800 frequency band में 373 carriers का इस्तमाल होता है.
  • सबसे पहले Information provider की शुरुवात SMS के shape में हुई और बाद में GPRS को introduce किया गया.
  • CDMA generation में As much as 61 customers बड़े ही आराम से concurrently be in contact कर सकते हैं.
  • CDMA की भी 20 MHz की bandwidth होती है 800 bands और 1900 band में.
  • यह generation Multimedia products and services को fortify नहीं करता है.
  • इसके उदहारण हैं GSM और CDMA.

2G में इस्तमाल हुए Applied sciences

वास्तव में 1G generation बोलकर कोई community नहीं होती है, कहने का मतलब है की 2G के आने के बाद से ही communique generation में बढ़ोतरी हुई है. इसमें ऐसे बहुत सारे options को come with किया गया जो की 1G में आप नहीं पा सकते थे. 2G community एक बहुत ही a success community रहा है जो की सन 1980 से 2003 तक काफी लोकप्रिय रहा. 2G में ऐसे कुछ developments हुई इसकी spectrum में जो की इसे बहुत ही लोकप्रिय बनायीं. उसमें GSM, GPRS और EDGE प्रमुख हैं.

1.  GSM: इसका complete shape होता है International Programs for Cellular Communique. इसमें knowledge switch भी enabled होता है voice communique के साथ. इसकी pace 30-35 kbps होती है. यह cellular generation के evolution में एक बहुत ही crucial function अदा किया है.

2.  GPRS: इसका complete shape होता है Normal Packet Radio Provider. यह भी equivalent 2G generation जैसे की GSM के तरह ही काम करता है लेकिन इसमें कुछ refinements के होने से इसकी knowledge speeds (110 kbps) बढ़ जाती है.

3.  EDGE: इसका complete shape होता है Enhanced Information charges for GSM Evolution. इसे 2003 में introduce किया गया और इसे 2.9G या 3G में इस्तमाल किया गया. यह दोनों GPRS और GSM से काफी उन्नत generation है. साथ ही ये prime speeds जो की 135 kbps तक प्रदान करता है और बहुत सारे देशों में अभी तक भी cellular networks में इस्तमाल होता.

2G की Limitation क्या थी?

अगर में 2G की limitation की बात करूँ तब ये इसके subsequent generation 3G की तुलना में थोडा कम उपयोगी है. चलिए इसके विषय में जानते हैं.

  • 2G को ठीक तरीके से perform होने के लिए sturdy virtual indicators की जरुरत होती है. और अगर community protection ठीक नहीं होगी तब 2G का इस्तमाल करना संभव नहीं होता है.
  • इसमें devoted channel को ongoing voice name में alloted किया जाता है.
  • Community के कम होने से इसमें name drop जैसे असुविधाएं उत्पन्न होती है.
  • ये community advanced knowledge जैसे की movies को care for करने में असमर्थ होता है.
  • इसके indicators आसानी से intrude हो जाते हैं कुछ electronics units से जैसे की audio amplifier.
  • 2G आजकल के smartphones purposes से ज्यादा suitable नहीं होता है.
  • 2G community की add और obtain pace बहुत ही कम होती है 3G community के मुकाबले.
  • ये Information और Vidoe communique को care for नहीं कर सकता है.

2.5G और 2.75G की Era:

2G से 3G में जाने से पहले उस hole को पूर्ण करने के लिए बहुत ही कम जानी पहचानी generation 2.5G और 2.75G जैसे intervening time requirements का इस्तमाल हुआ जो की knowledge transmission के इस hole को पूर्ण कर सके.
2.5G में एक नयी packet-switching methodology को introduce किया गया जो की 2G generation के मुकाबले ज्यादा environment friendly था. वहीँ उसके कुछ सालों बाद 2.75G को लाया गया, जो की एक theoretical threefold pace build up प्रदान करी. AT&T वो पहला GSM community रहा जिसने की 2.75G को EDGE के साथ approve किया U.S में.

2.5G और 2.75G को officially wi-fi requirements के हिसाब से माना नहीं जाता है. वो most commonly एक advertising gear के हिसाब से advertise किया गया नए mobile phone के options में public के सामने जिससे आम जनता इससे ज्यादा आकर्षित हो.

जैसे की हम सभी जानते हैं की प्रत्येक 10 वर्षों में एक बार नयी cellular generation का जन्म होता है जो की इससे पहले वाले generation का upgraded model हुआ करता है. ऐसे में 2G के 10 वर्षों बाद 3G का जन्म हुआ, और जिसके बारे में हम दुसरे article में जानेंगे.

Often Requested Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1Q – 2G Rip-off क्या है और इसका क्या असर हुआ हमारे Financial system पर?

A – 2G घोटाला एक प्रकार का rip-off है जिसमें कुछ govt officers ने अपने powers का गलत फायेदा उठाया और 2G licences को बहुत ही कम दामों में बेच दिया उनके ही कुछ जाने पहचाने लोगों को. इसका ये असर हुआ की भारत को करीब 1.Five lakh करोड़ रुपयों का घटा सहना पड़ा. बाद में उन officers को जेल की हवा खानी पड़ी. इसके मुख्य आरोपी हैं A.Raja, M.Okay.Kanimozhi, Siddhartha Behura, RK Chandolia.

2Q – क्या हम airtel 2G SIM से SMS भेज सकते हैं अगर हमारे Telephone में ज्यादा Steadiness हो?

A – यदि आपके airtel 2G SIM में ज्यादा बैलेंस हो तब भी आप SMS भेज सकते हैं.

3Q – Does iPhone 4s Strengthen 2G Community?

A – iPhone 4s, 2G aur 3G community को fortify करता है.

4Q – 2g telephone कैसे attach होता है jio router से?

A – यदि आप अपने पुराने 2G या 3G telephone में Jio 4G की सुविधा प्राप्त करना चाहते हैं तब इसके लिए आपको बस एक JioFi software खरीदनी होगी जिसमें की unfastened में एक JIO sim उपलब्ध करवाया जायेगा. यह JioFi software की कीमत Rs.1999/- रखी गयी है. यदि आप इस JioFi के router के साथ अपने 2G फ़ोन को attach करना चाहते हैं तब बस आपको यह software चालू करना होगा और साथ में अपने telephone का wifi भी चालू करना होगा, कहीं तभी जाकर ये दोनों wifi के मदद से attach हो सकते हैं. और आप Jio web का मज़ा उठा सकते हैं.

5Q – Jio 2g pace में बिना रुके youtube कैसे चलाये?

A – यदि आप Jio 2G pace में youtube को बिना रुके चलाना चाहते हैं तब आपको बताये गए steps का पालन करना होगा. तो चलिए उनके बारे में जानते हैं.
1.  सबसे पहले Youtube movies का solution कम करें.
2.  यदि Chrome का इस्तमाल कर रहे हैं तब Information Saver Mode का इस्तमाल करें.
3.  Background में चल रहे Apps के knowledge utilization को limit करें.
4.  Whatsapp के media obtain choice को disable करें.
5.  Youtube का Offline में इस्तमाल करें.
6.  Apps केवल Wi-Fi में ही replace करें.
7.  Web Boosting Apps का इस्तमाल करें.
8.  सही browser का चुनाव करें.

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को 2G Cell Community क्या है (What’s 2G in Hindi)? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को 2G Cellular Community क्या है के बारे में समझ आ गया होगा. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच feedback लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह article 2G Community क्या होता है in Hindi अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Fb, Google+ और Twitter इत्यादि पर percentage कीजिये.

Leave a Comment