हाथरस रेप केस के बारे में पूरी जानकारी 2020 | Hathras Rape Case Main points in Hindi

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हाथरस रेप केस जानकारी 2020 (न्यूज़, विवाद, आरोपी जानकारी, पीढ़ीत परिवार) (Hathras Rape Case main points in Hindi) (Complete tale, accused, sufferer title)

हाथरस रेप केस 14 सितंबर 2020 को उत्तर प्रदेश के हाथरस की रहने वाली एक लड़की के साथ घटी थी, जिसकी 29 सितंबर 2020 को मौत हो गई है। यहां आपको बता दें कि सारे देश में आक्रोश और गुस्सा उस समय फूटा जब उस पीड़िता लड़की की मृत्यु हो गई तो लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना गुस्सा जताया और लड़की के लिए इंसाफ की मांग की। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे हाथरस के से जुड़ी हुई सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

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पीड़िता के साथ 14 सितंबर को घटी घटना

हाथरस में घटी यह शर्मनाक घटना 14 सितंबर 2020 की है जब पीड़िता अपने घर से अपने खेतों में चारा लेने के लिए गई थी। उसके साथ उस समय उसकी मां और उसका भाई भी था। बाद में उसका भाई घर वापस आ गया था और वह मां के साथ अकेली ही चारा काट रही थी। वह दोनों एक दूसरे से थोड़ी दूरी पर थी तभी उसी समय वहां पर गांव के दबंग ठाकुर परिवार के लड़के आए और उन्होंने लड़की को खींच लिया और उसके साथ चारों ने मिलकर बलात्कार किया। बाद में जब उसकी मां ने यह देखा कि उसकी बेटी कहीं दिखाई नहीं दे रही तो उसने उसे ढूंढना शुरू किया तो तभी उसकी नजर अपनी बेटी पर पड़ी जो कि बहुत ही खराब हालत में पड़ी हुई थी।

बाद में जब पीड़िता का परिवार उसको अस्पताल लेकर गया तो लड़की की हालत उस समय बहुत ज्यादा खराब होने के कारण पुलिस भी उसका बयान नहीं ले सकी थी। पीड़िता को पूरे nine दिन बाद होश आया था और उसके बाद उसने अपने साथ घटी उस वारदात के बारे में पुलिस को बताया।

पुलिस की छवि भी हुई खराब

होश में आने पर जब पीड़िता ने पुलिस को बयान दिया और गांव के उन चार लड़कों के बारे में बताया तो पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल एवं पूछताछ करनी शुरू की। मामला उस समय गरमाया जब पीड़िता की हालत 28 सितंबर को काफी बिगड़ने लगी तो उसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया और वहां पर उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। लेकिन अफसोस की बात है कि 29 सितंबर 2020 को उस बेटी ने जिंदगी की जंग हार दी और उसकी मृत्यु हो गई।

अब यहां पर पुलिस की भूमिका काफी संदिग्ध हो गई थी क्योंकि पुलिस ने 30 सितंबर 2020 को पीड़िता का जबरदस्ती अंतिम संस्कार किया जबकि उसके घरवालों की इसमें बिल्कुल भी सहमति नहीं थी। इसके अलावा पुलिस ने उन चारों लड़कों पर भी बलात्कार का केस नहीं बनाया था केवल छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया था जबकि पीड़िता बेटी ने स्वयं अपने मुंह से रेप होने की बात कही थी।

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कई पुलिस अधिकारी हुए सस्पेंड

हाथरस घटना में क्योंकि पुलिस की भूमिका काफी संदेहपूर्ण रही जिसके कारण पुलिस की छवि खराब हो गई। जानकारी दे दें कि पुलिस लगातार अपने बयान भी बदल रही थी। इस मामले में पहले पुलिस ने कहा की रेप नहीं हुआ है जबकि पीड़िता बेटी ने खुद अपने मुंह से यह बात कही थी कि उसके साथ गांव के चार लड़कों ने रेप किया है। लेकिन पुलिस ने जब यह देखा कि देश भर में बवाल मच गया है उसके बयान से तो उसने फिर अपनी बात बदल दी और यह कहा कि पीड़िता के साथ जबरन संबंध नहीं बनाए गए।

इस प्रकार इस पूरे मामले में ऐसा लग रहा था जैसे पुलिस आरोपियों के पक्ष में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए और पुलिस की तरफ से उचित कार्यवाही ना होने के कारण उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने हाथरस के कई एसपी, डीएसपी एवं इंस्पेक्टर सहित दूसरे अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया है। यहां आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि पीड़िता ने जिन चार लड़कों पर आरोप लगाया था उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है जिनके नाम है रामू, लवकुश, रवि और संदीप। हालांकि इन चारों लड़कों के मां-बाप का यही कहना है कि उनके बेटों ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है और वारदात के समय यह चारों अपने-अपने घरों पर थे।

सोशल मीडिया पर फूट रहा है लोगों का गुस्सा

हाथरस घटना सारे देश के लिए एक बहुत ही शर्म की बात है क्योंकि यहां पीड़िता के साथ पुलिस का रवैया बहुत ही गलत रहा। पीड़िता बेटी केवल 20 वर्ष की थी और अभी उसे अपनी जिंदगी में बहुत कुछ करना था परंतु उन चार दरिंदों ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी और जिसके चलते वह इस दुनिया से ही चली गई। लेकिन सबका गुस्सा आरोपियों के साथ-साथ पुलिस पर भी है क्योंकि पुलिस ने इस मामले में बहुत अधिक लापरवाही बरती है। जब पीड़िता की 29 सितंबर को मृत्यु हो गई तो उसके बादसोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर यूपी पुलिस को लताड़ा और खूब आड़े हाथों लिया। इसके अलावा काफी लोग पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर भी उतर आए हैं।

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पीड़िता के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं सभी राजनीतिक नेता और फिल्म इंडस्ट्री के लोग

बता दें कि हाथरस पीड़िता बेटी के लिए केवल भारत की जनता ही नहीं बल्कि भारत के बड़े बड़े राजनीतिक नेता चाहे वह किसी भी पार्टी के हो सभी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग भी कर रहे हैं। इसके अलावा बहुत सारे राजनीतिक नेताओं ने दिल्ली के पंचकुइयां रोड पर भी योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शन में चंद्रशेखर आजाद, कन्हैया कुमार, आम आदमी पार्टी के कई नेता शामिल रहें।

इसके साथ साथ आपको यह भी बता दें कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी बेटी के साथ हुए इस निर्मम जघन्य कांड की काफी निंदा की है और इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि लड़की के परिवार पर बंदिश लगाना बिल्कुल भी ठीक नहीं है और परिवार पूरी तरह से किसी से भी मिलने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए।

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यहां यह भी बता दें कि सारी फिल्म इंडस्ट्री हाथरस पीड़िता बेटी के लिए मिलकर आवाज़ उठा रही है और सभी की यही मांग है कि आरोपियो को ऐसी सजा दी जाए जिसको देखकर कोई भी रेप जैसा जघन्य कांड करने के बारे में सोचे भी नहीं।

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको हाथरसघटनासे जुड़ी हुई जानकारी दी। हमें पूरी उम्मीद है कि ऐसे जघन्य कांड की आप भी निंदा करते होंगे। अगर आपके मन में इस केस को लेकर कोई बात है तो आप हमसे कमेंट करके शेयर कर सकते हैं।

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विभूति अग्रवाल मध्यप्रदेश के छोटे से शहर से है. ये पोस्ट ग्रेजुएट है, जिनको डांस, कुकिंग, घुमने एवम लिखने का शौक है. लिखने की कला को इन्होने अपना प्रोफेशन बनाया और घर बैठे काम करना शुरू किया. ये ज्यादातर कुकिंग, मोटिवेशनल कहानी, करंट अफेयर्स, फेमस लोगों के बारे में लिखती है.

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