शेयर मार्केट क्या है और कैसे काम करता हैं? (Proportion Marketplace Information in Hindi)

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आज की डेट में पैसा कमाने और बचाने से भी ज्यादा जरुरी है की आप उसे कहाँ Make investments करते है|

क्योकि अगर आपको यह नहीं पता है की आपका पैसे कहाँ जा रहा है तो यह आपके लिए सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है|

Funding की बात करे दुनिया में निवेश का सबसे बड़ा तरीका Proportion Marketplace or Inventory Marketplace को ही माना जाता है|

तो आज हम जानेगे की –

शेयर बाज़ार क्या हैं?

ऑनलाइन डीमेट अकाउंट खोलें

What is Share Market

Inventory Marketplace या Proportion Marketplace वह जगह होती हैं जहाँ पर Stocks, Debentures, Mutual Budget, Derivatives और अन्य प्रकार की Securities (प्रतिभूतियों) को ख़रीदा और बेचा जाता हैं|

शेयर को Inventory Trade के माध्यम से ख़रीदा और बेचा जाता हैं और भारत में BSE (Bombay Inventory Trade) और NSE (Nationwide Inventory Trade) दो मुख्य Inventory Trade हैं|

शेयर क्या होता हैं?

Proportion का मतलब होता हैं -“हिस्सा” और स्टॉक मार्केट की भाषा में “शेयर” का मतलब हैं – “कंपनियों में हिस्सा”| जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं|

उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी ने कुल 1 लाख शेयर Factor किये हैं और आपने उसमें से 10 हजार Stocks खरीद लिए हैं तो आप उस कंपनी के 10% हिस्सेदार बन जाते हैं| आप जब चाहें तब इन शेयर्स को स्टॉक मार्केट में बेच सकते हैं|

शेयर मार्केट कैसे काम करता हैं?

How Share Market Works

देखिए यह कई बातो पर निर्भर करता है, जैसे –

  • लिस्टेड कम्पनियां
  • शेयर धारक
  • डिमांड और सप्लाई
  • मार्केट की परिस्थिति आदि|

इसे सरल तरीके से एक एक करके समझते है >>>

कम्पनियां शेयर्स कैसे Factor करती हैं?

सबसे पहले कंपनियां अपने शेयर्स की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करवाकर IPO (Preliminary Public Providing) लाती है और अपने शेयर्स स्वंय द्वारा निर्धारित किये हुए मूल्य पर Public को Factor करती हैं|

एक बार IPO पूरा हो जाने के बाद Stocks – Marketplace में आ जाते हैं और स्टॉक एक्सचेंज और ब्रोकर्स के माध्यम से निवेशकों द्वारा आपस में ख़रीदे और बेचे जाते हैं|

शेयर्स की Value कैसे बदलती हैं?

IPO लाते समय शेयर्स की कीमत कंपनी तय करती हैं लेकिन एक बार आईपीओ पूरा हो जाने के बाद Stocks का मूल्य मार्केट की Call for और Provide के आधार बदलता रहता है|

यह डिमांड और सप्लाई कंपनियों द्वारा समय-समय पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर Alternate होती रहती है|

आप इसे ऐसे समझ सकते है –

अगर शेयर्स ख़रीदने वालो की संख्या बेचने वालो से ज्यादा होगी तो Stocks की Value बढ़ेंगे —

और उसका अगर उल्टा होता है यानी बेचने वालो की संख्या खरीदने वालो से ज्यादा है तो Value कम होगी —

Sensex क्या होता है?

Sensex बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक (Index) हैं और Sensex का निर्धारण BSE में लिस्टेड Best 30 Corporations के मार्केट कैपिटलाइजेशन (कंपनीयों का कुल मूल्य) के आधार पर किया जाता हैं|

अगर सेंसेक्स बढ़ता हैं तो इसका मतलब हैं कि BSE में रजिस्टर्ड ज्यादातर कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया हैं|

और इसी तरह अगर सेंसेक्स गिरता हैं तो इसका मतलब यह हैं कि अधिकांश कंपनियों का प्रदर्शन ख़राब रहा हैं|

Nifty क्या हैं?

Nifty नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक (Index) हैं और इसका निर्धारण NSE में लिस्टेड Best 50 Corporations के मार्केट कैपिटलाइजेशन आधार पर किया जाता हैं|

अगर Nifty बढ़ता हैं तो इसका मतलब यह हैं कि NSE में रजिस्टर्ड कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया हैं और अगर Nifty घटता हैं तो इसका अर्थ यह हैं कि NSE की कंपनियों ने बुरा प्रदर्शन किया हैं|

अन्य प्रकार की सिक्योरिटीज

Different Types of Secretaries

ज्यादातर लोगों को लगता हैं कि स्टॉक मार्केट में केवल शेयर्स ही ख़रीदे और बेचे जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है|

शेयर्स की तरह अन्य कई सिक्योरिटीज भी होती हैं जिनका स्टॉक मार्केट में Business किया जाता है|

Bond | Debentures क्या होते है?

Bond/Debenture एक तरह से Mortgage की तरह ही होता हैं|

जब कंपनी को किसी प्रोजेक्ट के लिए पैसे की आवश्यकता होती हैं तो या वे बैंक से लोन ले सकते हैं या फिर वे जनता (Traders) से लोन लेते हैं और जनता को Bonds/Debentures Factor कर देते हैं|

जिसका Reimbursement उन्हें तय समय में करना होता हैं|

कंपनियां Bonds/Debentures पर निर्धारित Charge से Passion का Cost करती हैं और Bond की अवधि पूरी हो जाने पर वापस बांड्स के बदले Reimbursement कर देती हैं|

Bonds/Debenture किसी भी निवेशक के लिए Stocks की तुलना में एक Protected Funding Choice होता हैं|

क्योंकि इसमें कंपनी द्वारा निर्धारित दर से समय समय पर ब्याज दिया जाता हैं और Adulthood (बांड की अवधि पूरी होने) पर Reimbursement कर दिया जाता हैं|

Mutual Budget क्या है?

Mutual Budget एक तरह का Stocks और Bonds में Oblique Funding होता है|

म्यूच्यूअल फंड्स एक प्रकार की संस्था या ट्रस्ट होती है जो अपनी यूनिट्स (Stocks) जारी करती है, जिसे खरीदकर लोग म्यूच्यूअल फण्ड में Make investments करते है|

इन्वेस्ट की गयी रकम को म्यूच्यूअल फंड्स के प्रोफेशनल मैनेजर अपने ज्ञान, अनुभव, सूझबूझ और एनालिसिस के आधार पर कई प्रकार की प्रकार के Stocks एंव अन्य सिक्योरिटीज में निवेश करते है|

म्यूच्यूअल फण्ड में Funding का Get advantages यह होता कि Skilled Fund Supervisor सभी एकत्रित धनराशी को अपने ज्ञान के आधार पर सबसे बेस्ट तरीके से निवेश करने की कोशिश करते है जिसके बदले में वे कुछ फीस चार्ज करते है|

SIP क्या होती है?

एसआईपी का मतलब हैं – Systematic Funding Plan. SIP म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने का ही एक तरीका हैं|

इसमें एकमुश्त (Lump Sum) निवेश की जगह हर महीने एक निश्चित राशी को Mutual Fund में निवेश किया जाता हैं|

निवेशक के Financial institution Account को SIP Scheme से लिंक कर दिया जाता हैं जिससे हर महीने एक निश्चित राशि बैंक अकाउंट से म्यूच्यूअल फण्ड में ट्रान्सफर हो जाती हैं और उतनी राशि के बराबर म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स निवेशक के अकाउंट में आ जाती हैं|

सरल और आटोमेटिक होने के कारण SIP आजकल बहुत प्रचलित हैं|

Derivatives क्या होती है?

  • Derivatives का अर्थ भविष्य के लेन देन को आज निर्धारित करना होता हैं|
  • जिन्हें Inventory Marketplace में Choices एंव Futures के द्वारा अंजाम दिया जाता हैं|
  • वायदा कारोबार तहत आप भविष्य के लेन देनों को आज एक निर्धारित मूल्य (Long run Value) पर अंजाम दे सकते हैं|
  • और सबसे माझे की बात की इसमें Precise Supply नहीं दी जाती और मूल्य के अंतर के आधार पर Agreement किया जाता हैं|

 

शेयर्स मार्केट में Make investments कैसे करे?

ऑनलाइन डीमेट अकाउंट खोलें

How To Invest In Share Market

इन सभी नियमों को ध्यान में रखकर जब आप Inventory Marketplace में Make investments करने का निर्णय ले लेते हैं तो आपका अगला कदम शेयर बाज़ार में निवेश प्रक्रिया को शुरू करना हो सकता है|

इसके लिए सबसे पहले आपको किसी Inventory Dealer के साथ Buying and selling और Demat Account खोलना होता है।

Demat Account क्या हैं?

जिस तरह बैंक अकाउंट में रूपये जमा कर सकते हैं उसी तरह Demat Account में आपके निवेश से संबंधी सभी Securities जैसे Proportion, Bonds, Govt Securities, Mutual Budget आदि को Digital Shape में Retailer किया जाता हैं|

Buying and selling Account क्या हैं?

Buying and selling Account का उपयोग आपके शेयर व्यवसाय में Proportion Promote and Acquire करने के काम आता है|

यह Account आप किसी अच्छे Dealer के पास खोल सकते हैं और ऑनलाइन सुविधा होने के कारण आप इस अकाउंट की सहायता से कभी भी शेयर्स खरीद और बेच सकते हैं।

डीमेट अकाउंट कैसे खोले?

ट्रेडिंग और डीमेट अकाउंट खोलने के लिये यह जरुरी है की आप Absolute best Demat Account में ही अपना खाता खोले|

इसके लिए आपको अपने बैंक से KYC करवाने की जरूरत होती है|

एक प्रकार से यह खाता आपके फंडस को मेनेज करता है जिसमें शेयर्स और फंड यूनिट आदि की खरीद से संबन्धित सारी जानकारी होती है|

इस Account को आप बैंक से उसी प्रकार खोल सकते हैं जैसे आप किसी बैंक से सामान्य खाता खोलते हैं|

Demat और Buying and selling Account खोलने के लिए आपको जिन डोक्यूमेंट्स की जरूरत होगी >>>

  1. PAN Card
  2. Cope with Evidence
  3. Source of revenue Evidence
  4. Cancel Cheque
  5. 2 Passport Measurement Photograph

इन सभी दस्तावेज़ों को जमा करते समय इस बात का ध्यान रखें इन सभी प्रमाण पत्रों में आपका नाम सही और स्पष्ट लिखा हो और एक ही तरीके से लिखा हो|

इसके अलावा आप Account खुलवाते समय इन सभी Paperwork की Photostat Replica लगाते हैं|

लेकिन अपने पास इनकी Unique Replica भी रखें जो किसी भी समय वेरिफिकेशन के लिए मांगी जा सकती है|

Demat Account या Buying and selling Account को खोलते समय आप जिन कागजों पर हस्ताक्षर करते हैं उन पर लिखे गए नियमों और निर्देशों को आप ध्यान से पढ़ जरूर लें|

Word:—>

आशा करता हूँ की आपको Proportion Marketplace क्या है और यह कैसे काम करता है – से जुडी सभी बातो का ज्ञान हो गया होगा|

अगर आपका इससे जुदा कोई सवाल है तो हमें Remark Field में पूछ सकते है|

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