वूमेन हैव लेग कैंपेन क्या है| Ladies Have Legs Marketing campaign in hindi

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वूमेन हैव लेग कैंपेन क्या है (चर्चित क्यों है, विस्तार से समझिये, सोशल मीडिया) (Ladies Have Legs Marketing campaign in hindi)

ऑनलाइन कैंपेन चलते रहते हैं जैसे आजकल सोशल मीडिया पर बहुत सारे कैंपेन का चलन है जिसमें से यदि आप देखें #Bestcouple #Couple फेसबुक पर बहुत ज्यादा प्रचलित है। और भी ना जाने कैसे-कैसे कैंपेन लोग पोस्ट करते रहते हैं और आए दिन लाइक और कमेंट के चक्कर में उन्हें वायरल कर देते हैं। एक ऐसा ही कैंपेन जो ऑनलाइन अभियान के तहत चलाया जा रहा है विमेन हैव लेग। यह क्या है और क्यों है कहां से शुरू हुआ चलिए थोड़ा सा इसके बारे में विस्तार पूर्वक हम आप को समझाते हैं।

Women Have Legs Campaign in hindi

विमेन हैव लेग कैंपेन का प्रारंभ

अलग-अलग डिजाइनर कपड़े पहनना और मेकअप करके फोटो खींचा ना आप लोगों का शौक बन चुका है और साथ ही होने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद सबसे ज्यादा लाइक हासिल करना लोगों का जुनून बन चुका है। ऐसा ही हाल ही में मलयालम सिनेमा की 18 साल की अभिनेत्री अनश्वरा राजन के द्वारा चलाए गए कैंपेन विमेन हैव लेग ने सोशल मीडिया पर अच्छी खासी जगह बना ली है। दरअसल इसमें छोटे कपड़े पहन कर लड़कियां अपने पैरों की फोटो दर्शा रही है जिसे भारत के लोगों द्वारा बहुत ही घृणा और क्रोध के साथ देखा जा रहा है।

अब जैसे ही मलयालम अभिनेत्री अनश्वरा राजन ने अपनी पिक्चर पोस्ट की लोगों ने उनकी पिक्चर को ट्रोल करना प्रारंभ कर दिया। उनका अलग-अलग तरीके से मजाक उड़ाया जाना प्रारंभ हो गया। समाज की ऐसी सोच देखकर कुछ और अभिनेत्रियां आगे आए जिनमें रिमा कलिंगल, अनारकली मरिकर, पार्वती और अहाना कृष्णा यह सभी साउथ अभिनेत्रियां हैं जिन्होंने अनश्वरा राजन को सपोर्ट किया। और एक टैग कैंपेन प्रारंभ कर दिया #Womenhavelegs

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लड़कियां अक्सर छोटे कपड़े पहनती हैं इस सोच के साथ बहुत से लोगों ने इस बात का विरोध भी किया है। लोगों के इस विरोध प्रदर्शन के चलते ही अभिनेत्रियों शार्ट ड्रेस पहनकर अपने पैर दिखाने शुरू कर दिए है। मानो वो कहना चाहती है कि तुम (समाज) होते कौन हो जो हमारे पहनावें पर सवाल उठाते हो। जैसा कि सभी जानते ही हैं कि औरतों को लेकर समाज में कितनी अलग-अलग बातें कही जाती हैं और निंदा की जाती है ऐसे में लड़कियों के पहनावे को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठाए जाते हैं।

यदि आज की लड़कियों को देखा जाए तो वह ऐसे सवालों से बिल्कुल परेशान नहीं होती हैं बल्कि उनका मुंह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहती हैं। सब साउथ अभिनेत्रियों ने #लगाकर पोस्ट करना प्रारंभ कर दिया यहां तक कि उन्होंने बड़े-बड़े कैप्शन भी अपनी पोस्ट पर लिखे। साउथ अभिनेत्री अहाना कृष्णा ने अपने कैप्शन में लिखा कि यह एक व्यक्ति की खुद की चॉइस होती है कि उसे क्या पहनना चाहिए और क्या नहीं… चाहे में शॉर्ट पैंट शर्ट पहनू या फिर साड़ी पहने या फिर स्विमसूट पहनू आप होते कौन हैं मुझे जज करने वाले।

सोशल मीडिया में क्यूँ हो रहा है ट्रेंड

इस पर कमेंट करने वाले और बहस करने वाले लोगों की इंस्टाग्राम पर भीड़ लग गई। अनश्वरा ने भी अपने कमेंट सेक्शन में लोगों को यही कहा कि आप होते कौन हैं मुझे जज करने वाले मुझे देखने से पहले आप पहले खुद को देखें कि आप क्या कर रहे हैं।

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हाल ही में एक फिल्म में डेब्यू करने के बाद अनश्वरा 18 साल की हुई जब ऑफ शोल्डर ड्रेस और शॉर्ट्स में उनका फोटो शूट हुआ। उसके बाद ही उन्होंने अपनी यह पोस्ट इंस्टाग्राम पर अपलोड की जिसके बाद से ही एक नया कैंपेन इंस्टाग्राम पर छिड़ गया। समाज में हर तरह के इंसान होते हैं कुछ इस तरह के होते हैं जो आपको आपकी कामयाबी देखने के बाद सराहना देते हैं आपकी तारीफ करते हैं परंतु उसके ही विपरीत कुछ लोग ऐसे होते हैं जो आपकी बुराई करने में लग जाते हैं आप में कमियां ढूंढने लगते हैं। कुछ ऐसा ही अनश्वरा राजन की इस पोस्ट के बाद हुआ।

राजन की इस पोस्ट को देखने के बाद कुछ लोगों ने ऐसा भी कहा कि तुम अभी 18 साल की हुई हो और तुम ने अभी से ऐसे कपड़े पहन कर फोटोशूट कराना शुरू कर दिया यह आपके लिए सही नहीं है। बस ऐसे ही कुछ कमेंट के बाद पूरी साउथ इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के बीच होड़ सी लग गई और साउथ अभिनेत्रियों के बीच एकता देखने को मिली जिसमें वे औरतों की सोच और उनके कपड़ों के बारे में बता रहे हैं। एकजुट होकर सभी अभिनेत्रियों ने समाज की सोच को लताड़ा है और बताने की कोशिश की है कि लड़कियों के कपड़े नहीं समाज की सोच छोटी होती जा रही है।

धीरे धीरे इस मूवमेंट में बहुत सारे अभिनेता और अभिनेत्री शामिल हो गए जो शॉर्ट ड्रेसेस पहनकर दिखाना चाह रहे हैं कि यस ladies have legs. कहीं ना कहीं यह घटना हमारे समाज की छोटी सोच को दर्शाता है जो हर बार लड़कियों को देखनी पड़ती है और उस से गुजरना पड़ता है। आखिरकार आजादी के इतने साल बाद भी लड़कियों को अपनी मर्जी से जीवन जीने की आजादी क्यों नहीं दी जाती है। यह सवाल आज भी लड़कियों के जेहन में घर कर चुका है और शायद हमेशा ही बना रहेगा।

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की search engine optimization एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं

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