राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2021 | Global or Nationwide Day of the Lady Kid 2021 in Hindi

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राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2021` क्यों मनाया जाता है, कविता, नारे, विषय (Global or Nationwide Day of the Lady Kid 2021 Slogan, Quotes, Poem, Theme in Hindi)

प्राचीन समय से लड़कियों को लड़कों से कम समझा जाता रहा है. कन्या भ्रूणहत्या, बाल विवाह जैसी रुढ़िवादी प्रथायें उस समय बहुत प्रचलित हुआ करती थी, जिसके चलते शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार और चिकित्सा देखभाल जैसे उनके मानव अधिकार उन्हें नहीं दिए जाते थे. किन्तु अब आधुनिक समय में उन्हें उनके अधिकार देने एवं उसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं. उसी के अनुसार कुछ साल पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बालिका दिवस मनाने का फैसला लिया गया. इस दिन को मनाने की शुरुआत किस लिए एवं किस तरह से की गई एवं इससे जुड़ी सभी तरह की जानकारी हम आपके सामने इस लेख के माध्यम से प्रदर्शित करने जा रहे हैं.     

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राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस

 महत्वपूर्ण जानकारी (Necessary Knowledge)

1. नाम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस
2. अन्य नाम बालिकाओं का दिवस
3. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाया जाता है 11 अक्टूबर
4. मनाने का तरीका प्रतिवर्ष
5. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत कनाडा में ‘प्लान इंटरनेशनल’ प्रोजेक्ट के रूप में
6. पहला अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर 2012
7. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा

  इतिहास (Historical past)

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बालिका दिवस मनाने की पहल ‘प्लान इंटरनेशनल’ प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई, और इसकी शुरुआत कनाडा के एक गैर – सरकारी संगठन ‘ग्लोबल चिल्ड्रेन चैरिटी’ द्वारा की गई. दरअसल इस संगठन ने ‘क्योकि मैं एक लड़की हूँ’ नाम से एक अभियान चलाया, जिसमे लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा, चिकित्सा देखभाल और कानूनी अधिकारों जैसी आवश्यकताओं पर जोर दिया गया था. फिर इस संगठन ने इस अभियान को विकसित करते हुए एवं इसे एक पहल का रूप देते हुए ‘प्लान इंटरनेशनल’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की. इसके लिए इसके कुछ प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पहल के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एवं समर्थकों को इकठ्ठा करने के लिए कनाडा की फ़ेडरल सरकार से संपर्क किया. फिर कनाडा की फ़ेडरल सरकार द्वारा ‘प्लान इंटरनेशनल’ को संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा से आग्रह किया गया.

इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने कनाडा सरकार द्वारा किये गये आग्रह को स्वीकार कर लिया, और लड़कियों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए प्रस्ताव पारित किया. इस बीच कनाडा के महिलाओं और लड़कियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 55 वें संयुक्त राष्ट्र आयोग में महिलाओं की स्थिति पर इस पहल के समर्थन में कुछ प्रस्तुतियां दी, और कनाडा की महिला विकास मंत्री रोना एम्ब्रोस ने इसे प्रायोजित किया था. फिर सन 2011 में दिसंबर महीने की 19 तारीख को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने औपचारिक रूप से 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की घोषणा कर दी, और इसमें लड़कियों के अधिकारों, और दुनिया भर में लड़कियों के सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानने के बारे में कहा गया. फिर 2012 से यह अब तक प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है.

राष्ट्रीय बालिका दिवस उद्देश्य (Goals of  Lady Kid Day )

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बालिकाओं के लिए इस दिन को मनाने का सबसे मुख्य उद्देश्य है महिला सशक्तिकरण और उन्हें उनके अधिकार प्रदान करने में मदद करना, ताकि दुनिया भर में उनके सामने आने वाली चुनौतियों का वे सामना कर सकें, और अपनी जरुरतों को पूरा कर सकें. इसके अलावा इसका एक उद्देश्य दुनिया भर में लड़कियों के लिए होने वाली लैंगिक असामनताओं को खत्म करने के बारे में जागरूकता फैलाना भी है. इन असमानताओं में शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सा देखभाल तक पहुँच और भेदभाव आदि क्षेत्र शामिल हैं, जहाँ उन्हें समान रूप से अधिकार नहीं दिये जाते हैं. महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा, दुर्व्यवहार एवं उनका जबरन विवाह करना जैसी रुढ़िवादी परंपराओं को ख़त्म करना भी इसका एक उद्देश्य है.

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2021 (Nationwide or Global Day of the Lady Kid)

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का उत्सव मनाने के लिए 11 अक्टूबर  तय की गई है. साल 2020 को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर के दिन मनाया जायेगा. इस साल nine वां अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस होगा, जोकि विश्व स्तर पर मनाया जायेगा.  लेकिन भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी 2020, को मनाया जाता है.

विषय (Topics)

इस विशेष दिन हर साल एक विषय सुनिश्चित किया जाता है और उसके अनुसार इसका उत्सव मनाया जाता है, और उसी विषय के अनुसार ही इस दिन के उद्देश्य को पूरा किया जाता है. यहाँ हम आपको अब तक के सभी विषयों के बारे में जानकारी दे रहे हैं –

  • सन 2012 में :- इस दिन को मनाने की शुरुआत सन 2012 में की गई थी, और इस दिन को मनाने का सबसे पहला विषय ‘बाल विवाह को ख़त्म करना’ था. आज काफी हद तक इस उद्देश्य को पूरा करने में सफलता भी हासिल हुई है.
  • सन 2013 में :- अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का यह दूसरा साल था, जिसमें इसका विषय ‘लड़कियों की शिक्षा के लिए नवीनीकरण’ था. इसका उद्देश्य लड़कियों को उनकी शिक्षा के लिए अनेक अवसर प्रदान करना था. इस साल दुनिया भर में लड़कियों के इस दिन के लिए लगभग 2,043 कार्यक्रम आयोजित हुए.
  • सन 2014 में :- इस साल यह तीसरा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया था, इस साल इसका विषय ‘किशोरावस्था की लड़कियों को सशक्त बनाना : हिंसा के चक्र को ख़त्म करना’ था. इसमें लड़कियों पर हो रही हिंसा को ख़त्म करने वाले कार्यों पर ध्यान केन्द्रित किया गया था.
  • सन 2015 में :- इस साल चौथा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन किया गया था, जिसका विषय ‘किशोर लड़कियों की शक्ति : 2030 के लिए विज़न’ था. इसका मतलब सन 2030 तक दुनिया भर की सभी लड़कियों को पॉवर देना है, ताकि वे खुद के लिए लड़ सकें.
  • सन 2016 में :- यह पांचवा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस था. इस साल इस दिन को मनाने के लिए विषय ‘लड़कियों की प्रगति = लक्ष्य प्रगति : लड़कियों के लिए क्या मायने रखता है.’ था. इसमें लड़कियों की प्रगति और उनके लक्ष्य की प्रगति, उनके लिए क्या मायने रखती है यह बताया गया था.
  • सन 2017 में :- छटवां अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस सन 2017 में मनाया गया, इसमें विषय ‘लड़कियों को सशक्त होना : किसी संकट के पहले, दौरान या बाद में’ रखा गया था. इस साल इसके विषय के अनुसार लड़कियों को अपने आप को सशक्त बनाने के उद्देश्य को पूरा करने पर जोर दिया गया था.
  • सन 2018 में :- सातवाँ अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 2018 में मनाया गया था. तब इसका विषय ‘विथ हर : अ स्किल्ड गर्लफ़ोर्स’ था.
  • सन 2019 में :- इस साल यह आठवां अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस होगा, अभी इसके लिए विषय के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. हमें जैसे ही इसकी जानकारी मिलेगी, हम इसे आप तक पहुंचा देंगे.

कैसे मनाया जाता है ? (How one can Rejoice?)

  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के दिन का आयोजन हर साल संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में किया जाता है, जिसका उद्देश्य लड़कियों के मानवाधिकारों की उन्नति के लिए उनकी सहायता करना होता है. इसके अलावा पूरे विश्व में इस अवसर को चिन्हित करने के लिए विशेष कार्यक्रम जैसे संगीत और खेल के कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं.
  • इस दिन विभिन्न समुदायों, राजनीतिक नेताओं और संस्थाओं द्वारा लड़कियों की समान शिक्षा और उनके मौलिक स्वतंत्रता के महत्व के बारे में लोगों को संबोधित कर जागरूक किया जाता है.
  • इसके अलावा महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि वे व्यापार, राजनीति और खेल जैसी गतिविधियों में जुड़े और इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दें.
  • लोग सोशल मीडिया पर हैशटैग # गर्ल्स टेकओवर # डे ऑफ द गर्ल और # गर्ल हीरो के साथ कुछ स्टोरी शेयर करते हैं. हालाँकि इस दिन पब्लिक हॉलिडे नहीं होता है.

अतः इस तरह लोग लड़कियों को उनका अधिकार दिलवाने के लिए एवं उन्हें बढ़ावा देने के लिए अलग – अलग तरह से इस दिन को मनाते हैं.

कार्यक्रम (Events)

इस दिन को मनाने के लिए और लड़कियों की स्थिति के विकास के लिए विश्व के कई देशों में अनेक कार्यक्रमों की योजना बनाई जाती है. कुछ कार्यक्रमों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित किया जाता हैं, जैसे भारत के कई क्षेत्रों में संगीत कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. गैर सरकारी संगठन जैसे गर्ल गाइड्स ऑस्ट्रेलिया भी इस दिन के लिए कार्यक्रम एवं गतिविधियों का समर्थन करते हैं. अब तक हर साल अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उत्सव के लिए अलग – अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है. आने वाले साल में भी कुछ संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित किया जायेगा.   

बालिका दिवस पर नारे और सुविचार (Lady Kid Day Slogan or Quotes)

  • मुझे अब भरोसा है कि मैं अपने जीवन के साथ – साथ दूसरों में भी बदलाव ला सकती हूँ.
  • मैं चाहता हूँ कि हर लड़की यह जान सके कि उसकी आवाज से दुनिया बदल सकती है.
  • दूसरों की सीमित कल्पना के कारण कभी भी खुद को सीमित न रखें, और अपनी सीमित कल्पना के कारण कभी दूसरों को सीमित न करें.
  • मेरे दिमाग में गर्ल पॉवर का मतलब है लड़कियों को वैसे ही बनने देना है जैसी वे हैं. उन्हें गुस्सा होने दो, उन्हें नाराज एवं विद्रोही होने दो, उन्हें कठोर और नरम और प्यारी और उदास और मूर्खतापूर्ण होने दें, उन्हें गलत होने दें, उन्हें सही होने दें, उन्हें सब कुछ होने दें, क्योकि उन्हें सब कुछ करने का हक है.
  • मेरी आँखों में चिंगारी मेरे लक्ष्य हैं. मुझे उन्हें हासिल करने दो. मैं भविष्य हूँ.
  • अगर आप गरीबी के चक्र को तोड़ना चाहते हैं, तो एक लड़की को शिक्षित करें.

इस तरह से अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस, विशेष रूप से विकासशील देशों में लड़कियों से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूकता फ़ैलाने में मदद करने के लिए शुरू किया गया एक अभियान है. अतः आप भी इस अभियान में शामिल होकर लड़कियों को उनका अधिकार दिलाने में मदद कर सकते हैं.

बालिका दिवस पर कविता ( Lady Kid Kavita)

तमन्ना हैं के,एक तारा बन जाऊँ
अग्नि का जलता चिराग बन जाऊँ
ना छू पाए कोई मुझे
ना सुन पाए कोई मुझे
ना मुझे हो किसी की आहट
ना हो किसी को मेरी चाहत
बस दूर कहीं अपनी ही दुनियाँ बसाऊ
बादलों की ओट में जाकर छिप जाऊँ
तमन्ना हैं कि बस एक तारा बन जाऊँ

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