मशीन लर्निंग क्या है – What’s Device Studying in Hindi

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क्या आप जानते हैं की ये Device Studying क्या है? सुनने में तो ये बहुत ही technical time period लगता है. लेकिन अगर आप इसके बारे में ठीक से समझ जाएँ तब ये बहुत ही आसान का funda है जिसे आजकल प्राय सभी जगहों में इस्तमाल में लाया जाता है.

यह एक ऐसी प्रकार की finding out है जिसमें mechanical device खुब्खुद बहुत सी चीज़ें सिख लेता है बिना उसे explicitly programmed किये. यह एक प्रकार का software होता है AI (Synthetic Intelligence) का जो की machine को ये skill प्रदान करता है जिससे वो robotically अपने revel in से ही be informed करें और अपने आप को strengthen करें.

सुनने में भले ही यह मुमकिन न लगे लेकिन ये सच है क्यूंकि आजकल AI इतना ज्यादा complicated हो गया है की जिससे ये Machines को ऐसे बहुत से काम करा सकता है जो की पहले सोचा पाना भी मुमकिन नहीं था.

चूँकि Device Studying से dynamic atmosphere में multi-dimensional और multi-variety information को आसानी से take care of किया जा सकता है इसलिए इसके विषय में पूरी जानकारी प्राप्त करना सभी Technical Scholars के लिए बहुत जरूरी है.

Device Studying के ऐसे हजारों benefits हैं जिन्हें की हम अपने दैनिक कार्यों में इस्तमाल में लाते हैं. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को Device Studying क्या है और ये कैसे काम करता है के विषय में जानकारी प्रदान करूँ जिससे आपको इसे और बेहतर रूप में समझने में आसानी होगी. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और मशीन लर्निंग क्या होता है के विषय में जानते हैं.

मशीन लर्निंग क्या है (What’s Device Studying in Hindi)

Machine Learning Kya Hai

Device finding out जैसे की मैंने पहले ही बताया है की यह एक प्रकार का software होता है synthetic intelligence (AI) का जो की programs को यह skill प्रदान करता है की जिससे वो robotically be informed कर सकें और जरूरत पड़ने पर खुद की strengthen भी कर सकें.

ऐसा करने के लिए वो अपने revel in को ही काम में लाते हैं न की उन्हें explicitly programmed किया जाता है. Device finding out हमेशा Pc Techniques के building पर center of attention करता है जिससे वो information को get entry to कर सके और बाद में उसे खुद के finding out के लिए इस्तमाल कर सके.

इसमें finding out information के observations से शुरू होता है, उदहारण के लिए direct revel in, या instruction, information में patterns को ढूंडना और भविस्य में बेहतर choices लेने में आसानी हो.

Device Studying का मुख्य लक्ष्य है कैसे computer systems robotically be informed करें बिना किसी human intervention या help के जिससे वो अपने movements को उस हिसाब से alter कर सके.

Device Studying Algorithms के प्रकार

Device finding out algorithms को अक्सर कुछ class में बांटा जाता है. चलिए इसके विषय में और उनके sorts के बारे में जानते हैं.

1.  Supervised mechanical device finding out algorithms: इस प्रकार के set of rules में Device अपने previous में जो सीखा हुआ होता है उसे यह नए information में practice करता है जिसमें वो categorized examples का इस्तमाल करते हैं जिससे वो long term occasions को are expecting कर सकें.

एक identified coaching dataset के research से ये finding out set of rules एक प्रकार का inferred serve as पैदा करता है जो की आसानी से predictions कर सकता है output values के विषय में.

Device किसी भी नए enter के लिए goal supply कर सकती है उन्हें enough coaching देने पर. ये finding out set of rules भी निकले हुए output को examine करती है proper, supposed output के साथ और mistakes को ढूंडती हैं जिससे ये fashion को उसी हिसाब से regulate कर सकें.

2.  Unsupervised mechanical device finding out algorithms: इन algorithms का तब इस्तमाल किया जाता है जब knowledge जिसे teach किया जाये न ही categorised हो और न ही labelled हो.

Unsupervised finding out ये learn about करती है की कैसे programs किसी serve as को infer कर सकें जिससे वो unlabeled information से किसी hidden construction को describe कर सकें.

ये machine किसी proper output को नहीं describe करती है, लेकिन ये information को discover करती है और उनके datasets से ये inference draw करती हैं की जिससे ये hidden constructions को describe कर सकें unlabeled information की मदद से.

3.  Semi-supervised mechanical device finding out algorithms: ये set of rules दोनों supervised और unsupervised finding out के बीच आता है. चूँकि ये दोनों labelled और unlabeled information का इस्तमाल करते हैं coaching के लिए – normally जो की होता है small quantity of labelled information और a considerable amount of unlabeled information.

वो programs जो की इस means का इस्तमाल करते हैं वो बड़ी ही आसानी से significantly finding out accuracy को strengthen कर सकते हैं.

Typically, semi-supervised finding out को तब make a choice किया जाता है जब received labelled information को जरुरत होती है professional और related assets की जिससे ये उन्हें teach कर सके और उनसे be informed भी कर सके. अन्यथा, unlabeled information को achieve करने के लिए further assets की जरुरत नहीं होती है.

4.  Reinforcement mechanical device finding out algorithms: यह एक प्रकार का finding out means है जो की उसके atmosphere के साथ engage करता है movements produce कर और साथ ही mistakes और rewards को uncover भी करता है.

Trial and blunder seek और not on time praise ये सभी maximum related traits हैं reinforcement finding out के.

यह means machines और instrument brokers को permit करता है robotically किसी भी ultimate behaviour को resolve करने के लिए जो की किसी particular context के भीतर हो और जिससे ये उनकी efficiency को maximize कर सके.

Easy praise comments बहुत ही जरुरत होती है किसी भी agent के लिए जिससे ये be informed कर सके की कोनसी motion easiest है; इसी को reinforcement sign भी कहा जाता है.

Device finding out से large amounts of knowledge को analyze किया जा सकता है. जहाँ से normally quicker ship करता है, ज्यादा correct effects जिससे ये पता लगाया जा सकता है की कहाँ पर winning alternatives है या unhealthy dangers हैं, साथ में इसमें extra time और assets भी लग सकता है जिससे इन्हें सभी रूप से correctly teach किया जा सके.

एक बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है की अगर हम mechanical device finding out को AI और cognitive applied sciences के साथ mix कर दें तब इससे ज्यादा efficient तरीके से massive volumes of data को procedure किया जा सकता है.

Device Studying की categorization required Output के Foundation पर :-

यह एक दूसरा प्रकार का categorization है mechanical device finding out duties का जब हम केवल किसी machine-learned machine का desired output को ही believe करते हैं. तो चलिए इसके संधर्व में जानते हैं :-

1. Classification : जब inputs को two या extra categories में divide किया जाता है, और learner को कोई ऐसे fashion को produce करता है जो की assign करता है unseen inputs किसी एक या उससे ज्यादा (multi-label classification) categories को. इसे normally tackled किया जाता है supervised manner में.

Junk mail filtering एक प्रकार का उदहारण है classification का, जहाँ पर inputs होते हैं e mail (या कोई दूसरा) messages साथ ही categories होते हैं “junk mail” और “now not junk mail”.

2. Regression: यह एक प्रकार का supervised drawback होता है, एक case जहाँ की outputs steady होते हैं discrete के बदले.

3. Clustering: यहाँ पर एक set of inputs को teams में divide कर दिया जाता है. इसके classification को छोड़कर, teams को पहले से जाना नहीं जा सकता, जो की इसे एक normally unsupervised job बनाती है.

हमेशा याद रहें की Device Studying केवल तब image में आती है जब की issues को conventional approaches से resolve न किया जा सके.

Synthetic Intelligence VS Device Studying

Synthetic Intelligence और Device Studying का इस्तमाल अभी प्राय तोर से industries में किया जा रहा है. अक्सर लोग इन दोनों phrases को interchangeably इस्तमाल करते हैं. लेकिन में बता दूँ की ये दोनों के idea पूरी तरह से अलग हैं. तो चलिए इन दोनों के अंतर के बारे में जानते हैं.

Synthetic Intelligence : Synthetic Intelligence में दो शब्दों का इस्तमाल हुआ है “Synthetic” और “Intelligence”. Synthetic का मतलब है की जिसे इंसानों के द्वारा बनाया गया हो और जो प्राकृतिक न हो (now not herbal). वहीँ Intelligence का मतलब होता है की सोच पाने की क्षमता या समझ सकने की काबिलियत.

बहुत से लोगों के मन में ये false impression है की Synthetic Intelligence एक machine है, लेकिन असल में ये सच नहीं है. AI को machine में enforce किया जाता है.

वैसे तो AI के बहुत सारे definition हैं, एक definition ये भी हैं की “ ये एक प्रकार का learn about है जिसमें ये जाना जाता है की कैसे computer systems या कोई अन्य machine को teach किया जा सके जिससे ये computer systems खुद कर सकते हैं जो की फ़िलहाल इन्सान ज्यादा बेहतर कर रहे हैं .”

इसलिए ये intelligence ही है जहाँ पर हम इन्सानों के सभी functions को machines में upload कर सकते हैं.

Device Studying: Device Studying एक प्रकार की finding out है जिसमें mechanical device खुद अपने आप ही be informed करती हैं बिना उसे explicitly programmed किये.

ये एक प्रकार का software है AI का जो की machine को वो skill प्रदान करता है जिससे वो robotically be informed और strengthen कर सकें अपने revel in से. यहाँ पर हम एक ऐसा program generate कर सकते हैं जो की उसी program के enter और output को combine कर बनाया गया हो.

Device Studying का एक easy definition ये भी है की “Device Studying” एक ऐसी software है जिसमें mechanical device revel in E से be informed करता है w.r.t कुछ magnificence job T के और एक efficiency measure P अगर newbies की efficiency उस job जो की magnificence में है और जिसे measured किया जाता है P से improves होती है stories से.”

Synthetic Intelligence और Device finding out में क्यां अंतर है?

अब चलिए जानते हैं की Synthetic Intelligence और Device finding out में क्यां अंतर है।

       ARTIFICIAL INTELLIGENCE               MACHINE LEARNING
AI का complete shape होता है Synthetic intelligence जहाँ पर intelligence को outline किया जाता है एक ऐसी skill जहाँ पर wisdom को achieve और practice किया जाता है ML का Complete shape होता है Device Studying जिसे outline किया जाता है एक प्रकार का characteristic जिससे revel in से wisdom और talent को achieve किया जाता है.
इसका intention होता है luck के likelihood को बढ़ाना न की उसकी accuracy को वहीँ इसका intention होता है accuracy को build up करने का और ये luck को ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं
ये pc program के जैसे काम करते हैं जो की good paintings करता हो वहीँ ये एक easy idea mechanical device होती है जो की information ग्रहण करती हैं और उसी से be informed करती हैं
इसका primary objective है herbal intelligence को simulate करना जिससे ये complicated drawback resolve कर सके इसका primary objective है किसी sure job से information be informed करना जिससे ये mechanical device के efficiency को maximize कर सके उसी particular job के लिए
AI खुद ही determination making होता है ML permits करता है machine को जिससे वो information से नयी चीज़ें be informed कर सके
ये एक ऐसा machine broaden करता है जो की इंसानों को mimic कर सके जिससे ये किसी instances में ठीक तरीके से reply कर सके इसमें ये ज्यादा contain रहता है self finding out algorithms create करने में
AI हमेशा किसी drawback का optimum answer ढूंडने में यकीन रखता है वहीँ ML किसी drawback का कोई भी answer चाहे वो optimum हो या न हो ढूंडने में यकीन रखता है
AI आखिर में intelligence और knowledge की और lead करता है वहीँ ML (Device Studying) wisdom की और lead करता है

Device Studying और Conventional Programming में क्या अंतर है?

1.  Conventional Programming: यहाँ पर हम mechanical device में DATA (Enter) + PROGRAM (good judgment) feed करते हैं, mechanical device को चलाने के लिए और आखिर में हमें हमारे Information और program के अनुसार ही output मिलता है.

2.  Device Studying : वहीँ यहाँ पर हम mechanical device में DATA(Enter) + Output feed करते हैं, और इसे run करने पर mechanical device coaching के दोरान खुद के program(good judgment) broaden करती है, जिसे बाद में trying out करने के दोरान evaluation किया जा सकता है.

Pc के लिए finding out का क्या मतलब है?

हम एक pc को कह सकते है की ये finding out from Reviews कर रहा है तब जब किसी magnificence of Duties के appreciate में, इसका efficiency किसी given Activity के लिए strengthen होता है Revel in के साथ.

मशीन लर्निंग कैसे काम करता है

Device Studying कैसे काम करता है सुनने में आपको बहुत ही रोचक लग सकता है. तो फिर चलिए जानते हैं. आप सभी ने on-line buying groceries तो करी ही होगी, जहाँ ecommerce web pages में रोजाना करोड़ों लोग आते हैं और अपने पसंदीदा चीज़ खरीदते हैं.

क्यूंकि यहाँ पर उन्हें चुनने के लिए limitless vary के manufacturers, colours, worth vary और बहुत कुछ दिखाई पड़ते हैं. लेकिन हमारी एक अच्छी आदत ये भी है की हम ऐसे ही अपने चीज़ नहीं खरीद लेते हैं बल्कि हम बहुत से चीज़ों को पहले देखते हैं और सही का चुनाव करते हैं. ऐसे देखने के लिए हमें बहुत सारे pieces को खोलना पड़ता है.

बस हमारे इसी आदत को बहुत से promoting platform goal कर लेते हैं जिससे हमें beneficial checklist में ऐसे pieces दिखाई पड़ते हैं जिन्हें की हम पहले खोज चुके हुए होते हैं. इसमें आपको आश्चर्य होने की जरुरत नहीं है क्यूंकि ये कोई इन्सान नहीं कर रहा है बल्कि इस job को कुछ ऐसे program कर दिया गया है जिससे ये हमारे गतिविधियों को report कर सके.

इस चीज़ के लिए Device Studying हमारे बहुत काम आता है क्यूंकि वो हमारे behaviour को पढ़ लेता है और उसी हिसाब से अपने revel in से खुद को program कर लेता है. इसलिए जितनी अच्छी information मिलेगी उतने ही अच्छे से finding out fashions बनकर तैयार होंगे. और shoppers को भी उस हिसाब से फायेदा होगा.

अगर हम Custom Commercial की बात करें तब उसमें newspaper, magazines, radio प्रमुख थे, लेकिन अब generation बदल रही है और ये good भी बनती जा रही है जो की Centered commercial (On-line advert machine) से कर रही है.

ये बहुत ही कारगर means है जो की सिर्फ focused target market पर ही अपने commercial display करते हैं जिससे की conversion charge ज्यादा होता है.

बात सिर्फ On-line buying groceries तक ही नहीं रह गयी है, बल्कि Well being Care industries में भी Device Studying से वहुत से कार्य किये जाते हैं.

Researchers और Scientists अब ऐसे fashions get ready किये हुए हैं जो की machines को teach करते हैं most cancers जैसे बड़े रोग को पहचानने के लिए. इसके लिए वो इन machines में most cancers mobile photographs feed कर दिए हैं जो की exact में cancel cells के अलग अलग diversifications हैं.

जिससे sufferers के checks के दोरान इन ML programs का इस्तमाल किया जाता है Most cancers cells को locate करने के लिए. जो की इन्सानों के लिए करना बहुत time taking था. इससे बहुत ही कम समय में बहुत मात्रा के मरीजों के most cancers check हो पाते हैं.

इसके अलावा Device finding out का इस्तमाल IMDB rankings, Google Footage, Google Lens के लिए किया जाता है. ये बस आपपर rely करता है की आप Device finding out का इस्तमाल कहाँ पर और कैसे करना चाहते हैं.

Device Studying में सही fashions बनाने के लिए computer systems को सही मात्रा में information की जरुरत है जैसे की textual content, symbol, audio. इसमें जितनी अच्छी और बेहतर high quality की information होती है उतनी की अच्छी fashion finding out होगी. इसके लिए algorithms को कुछ इस ढंग से design किया जाता है जिससे previous revel in से mechanical device long term movements को कर पाता है.

Device Studying सिखने के लिए कुछ Pre-requisites

यदि आपको भी Device Studying सिखनी है तब आपको भी कुछ pre-requisites के बारे में पहले सीखना होगा. तो चलिए जानते हैं की आपको ऐसे क्या सीखना होगा जिससे आप भी Device Studying सीख सकते हैं.

  • Linear Algebra
  • Statistics और Likelihood
  • Calculus
  • Graph concept
  • Programming Talents – Language जैसे की Python, R, MATLAB, C++ या Octave

Device Studying के Benefits

वैसे तो Device Studying के बहुत सारे benefits हैं जिनके विषय में शायद ही हमें पता हो. लेकिन यहाँ पर मैंने कुछ महत्वपूर्ण benefits के विषय में जानते हैं.

i.  Device finding out के बहुत सारे vast packages है जैसे की banking और monetary sector, healthcare, retail, publishing इत्यदि industries में.

ii.  Google और Fb mechanical device finding out के इस्तमाल से related commercials push कर पाते हैं. ये सभी commercials customers के previous seek behaviour पर ही आधारित होते हैं. इसलिए इसे focused advertisements भी कहा जाता है.

iii.  Device finding out का इस्तमाल multi-dimensional और multi-variety information को take care of करने के लिए किया जाता है वो भी dynamic environments में.

iv.  Device finding out के इस्तमाल से time cycle aid होता है और assets का environment friendly usage भी किया जा सकता है.

v.  अगर कोई चाहता है steady high quality, massive और complicated procedure environments प्रदान करने के लिए तब भी इसमें ऐसे कुछ gear मेह्जुद हैं mechanical device finding out के कारण.

vi.  वैसे तो Device Studying के advantages के अंतर्गत बहुत सारे चीज़ आते है जो की nearly हमारे बहुत काम आ सकते हैं, जैसे की self sustaining computer systems का building, instrument systems इत्यादि. साथ ही ऐसे procedure भी जो की बाद में automation of duties हो पाते हों.

Device Studying के Dis-Benefits

वैसे तो Device Studying के कुछ disadvantages भी हैं जिसके विषय में चलिए जानते हैं.

i.  Device finding out की एक main problem होती है Acquisition. जिसमें, other algorithms पर based totally होकर information को procedure किया जाता है.

और इसे processed किया जाता है किसी respective algorithms के enter के हिसाब से इस्तमाल करने से पहले. इसलिए इसका important have an effect on होता है effects के ऊपर जो की accomplished या got किया जाता है.

ii.  एक और शब्द होता है interpretation. जिसका मतलब है की effects भी एक बहुत main problem है. इससे ये resolve करना होता है की mechanical device finding out algorithms की effectiveness कितनी है.

iii.  हम बोल सकते हैं की mechanical device set of rules के makes use of restricted होते हैं. साथ में ये भी surety नहीं होती है की algorithms हमेशा सभी conceivable instances में भी काम करेंगी.

क्यूंकि हमने देखे हैं की ज्यादातर instances में mechanical device finding out fail होते हैं. इसलिए drawback के बारे में कुछ working out होना बहुत जरुरी होता है जिससे सही set of rules को practice किया जा सके.

iv.  Deep finding out set of rules के तरह ही mechanical device finding out में भी बहुत से coaching information की जरुरत होती है. हम कह सकते हैं की इतने ज्यादा मात्रा के information के साथ काम करना बहुत ही tricky है.

v.  एक बहुत ही notable limitation mechanical device finding out की ये है की ये mistakes के प्रति ज्यादा inclined होते हैं. Brynjolfsson और McAfee ने इसके exact drawback के विषय में ये बताया है की जब वे कोई error करते हैं, तब उन्हें diagnose और proper करना बहुत ही कठिन होता है. ऐसा इसलिए की इसे underlying complexities के निचे से गुजरना होता है.

vi.  इसमें बहुत ही कम chances होती है speedy predictions करने के mechanical device finding out machine के साथ. साथ में ये न भूलें की ये ancient information से ही ज्यादातर be informed करते हैं. इसलिए जितनी ज्यादा बड़ी information होगी और जितनी ज्यादा देर तक ML को information से disclose किया जाये, इससे ये और भी बेहतर carry out कर सकता है.

vii.  ज्यादा Variability का न होना भी एक दूसरा limitation है mechanical device finding out का.

मशीन लर्निंग का भविष्य

Device finding out का भविस्य सच में बहुत ही उज्जवल है. ये उन generation में से है जिनकी restrict हम जैसे इन्सान ही तय करते हैं. कहने का मतलब यह है की हमारा जितना बड़ा creativeness होगा उतना की हम Device finding out का भी इस्तमाल अपने कार्यों के लिए कर सकते हैं.

बहुत से चीज़ें जिन्हें हमारे older era unattainable सोचते थे वो अब हमारा वर्तमान हो चूका है. साथ ही समय के साथ साथ हम भी ऐसे चीज़ों का expereince कर रहे हैं जो की कभी एक सपना हुआ करता था.

In my opinion, में ये सोचता हूँ की mechanical device finding out एक catalyst के तरह हो सकता है जो की हमारे long term को बदलने के लिए हमारा सहायक होने वाला है. हम mechanical device finding out पर अब इतने ज्यादा dependent हो गए है की उनके बिना जीवन creativeness के बहार सा मालूम पड़ता है.

उदहारण के लिए जब हम Taxi बुक करते हैं Ola या Uber में तब ये हमें go back and forth का price, कितना distance, कोन सा course जैसे knowledge हमें पहले ही दिखा देता है. इसलिए हम कह सकते हैं की Device Studying का long term सच में बहुत ही अनोखा होने वाला है.

आज आपने क्या सीखा

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को मशीन लर्निंग क्या है (What’s Device Studying in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को मशीन लर्निंग कैसे काम करता है के बारे में समझ आ गया होगा.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच feedback लिख सकते हैं.

आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा. यदि आपको मेरी यह submit Device Studying क्या होता है हिंदी में अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सिखने को मिला हो तब अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Fb, Twitter इत्यादि पर proportion कीजिये.

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