फोन का आविष्कार किसने किया और कब?

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फोन का आविष्कार किसने वैज्ञानिक ने किया था? आज के समय मे आप सबसे बड़ा नशा किस चीज को मानेंगे? एल्कोहोल, सिगरेट, चाय?

मैं कहूंगा स्मार्टफोन!

आज की नई पीढ़ी क्रिकेट नही बल्कि स्मार्टफोन में हैवी ग्राफिक्स वाले गेम खेलती हैं. फ़ोन के आविष्कार को पॉजिटिव और नेगेटिव, दोनों ही तरीके से लिया जा सकता हैं. लेकिन फ़ोन के आविष्कार ने जैसे दुनिया को बहुत छोटा और आसान बना दिया हैं.

अगर आपके पास एक फोन और उसमें इंटरनेट है तो आप पूरी दुनिया की खबरों से अपडेटेड रह सकते हैं और अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ जुड़े रह सकते हैं. आज के स्मार्टफोन्स से न केवल कॉल्स और SMS किये जा सकते हैं बल्कि इंटरनेट के जरिये सोशल मीडिया जैसे माध्यमो से हम लोगो से जुड़े रह सकते हैं.

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स्मार्टफोन इंडस्ट्री काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं. आज के समय मे हमें काफी कम कीमत में काफी एडवांस और बेहतरीन स्मार्टफोन मिल जाते हैं. लेकिन क्या आपको याद हैं कि दुनिया के पहले मोबाइल फ़ोन की कीमत 2 लाख से भी ज्यादा थी जिससे एक बार चार्ज करने पर केवल 30 मिनट बात की जा सकती थी.

स्मार्टफोन के आविष्कार में आज उन कामो को सामान्य बना दिया है जिनजे बारे में शायद आज से 20 साल पहले किसी ने सोचा भी नही होगा. अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो ना आपको घड़ी रखने की जरूरत है और ना ही वॉलेट! इसके अलावा और ना जाने कितने काम हमारा फ़ोन ही कर देता हैं.

हम सभी रोजाना कई घंटे अपने स्मार्टफोन पर बिताते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि फोन का आविष्कार किसने किया और फोन का आविष्कार कब हुआ? अगर नहीं, तो यह लेख पूरा पढ़िए. इस लेख में हमने दुनिया के पहले फ़ोन के आविष्कार के विषय पर बात की हैं.

फ़ोन क्या है?

फोन एक ऐसा यंत्र है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी आपस में बात कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति दुनिया के एक कोने में और दूसरा व्यक्ति दुनिया के दूसरे कोने में भी बैठा है तो वह फोन के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रह सकते हैं.

वैसे तो फोन कई प्रकार के होते हैं लेकिन टेलीफोन के आविष्कार के बाद उसे छोटे आकार में बदलने और अधिक तकनीकी व फीचर्स के साथ पेश करने की सोच ने ही ‘फोन‘ को जन्म दिया. फ़ोन टेलीफोन से साइज में काफी छोटे होते है और व्यक्ति इन्हें साथ मे लेकर भी ट्रेवल कर सकता हैं.

फोन भी टेलीफोन की तरह एक प्रकार का कम्युनिकेशन डिवाइस होता है जिसके माध्यम से दो व्यक्ति आपस में बात कर सकते हैं. फोन के माध्यम से दो या दो से अधिक व्यक्ति एक दूसरे से दूर होते हुए भी वर्चुअली बात कर सकते हैं.

फोन एक ऐसा यंत्र होता है जो किसी भी प्रकार की आवाज मुख्य रूप से मानवीय आवाज (Human Voice) को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल्स में कन्वर्ट करता है जो केबल या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग जैसे माध्यमो से दूसरे व्यक्ति तक पहुचती है और दूसरा व्यक्ति पहले व्यक्ति को सुन पाता हैं.

मोबाइल फोन का आविष्कार किसने किया?

मोबाइल फोन का आविष्कार मार्टिन कूपर ने किया था। आज के समय में हमारे हाथों में उंगलियों के इशारों पर चलने वाले टच-स्क्रीन स्मार्टफ़ोन्स मौजूद हैं जिनमे हजारो फीचर्स मौजूद हैं.

फोन इंडस्ट्री को इस स्तर तक पहचाने के पीछे लाखों इंजीनियर विद्वानों और वैज्ञानिकों का हाथ है लेकिन यह सब इसलिए ही शुरू हो पाया क्योंकि एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया और उसके बाद विद्वानों ने इसे और भी छोटा और एडवांस बनाने की कोशिश की.

टेलीफोन के आविष्कार के बाद से ही इसे और भी ज्यादा आधुनिक और पोर्टेबल बनाने की कोशिश की जा रही थी. कई कंपनियों और विद्वान इस क्षेत्र में काम कर रहे थे लेकिन मोटरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर में सबसे पहले जीत हासिल की.

दुनिया के पहले फोन का आविष्कार करने वाले व्यक्ति मार्टिन कूपर ही थे जिन्होंने साल 1970 में मोटोरोला को जॉइन किया था. मार्टिन एक अमेरिकी थे जिन्हें टेलीकॉम इंडस्ट्री में काफी रूचि थी. मार्टिन कूपर वायरलेस तकनीक पर काम कर रहे थे. वह इस तकनीकी का उपयोग करते हुए एक टेलीफोन जैसा उपकरण बनाना चाहते थे जिसमे कोई केबल ना हो.

आखिरकार मार्टिन में दुनिया के पहले फोन का आविष्कार किया जिसका वजन 1.1 किलोग्राम था और एक बार बार चार्ज करने के बाद इस फ़ोन से 30 मिनट तक कॉलीन्ग की जा सकती थी. इस फ़ोन को चार्ज होने में 10 घण्टे लगते थे. दुनिया के इस पहले फोन की कीमत 2700 अमेरिकी डॉलर यानी कि करीब 2 लाख रुपये थी.

दुनिया के पहले फोन का आविष्कार कब हुआ?

सन 1876 में एलेग्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था. Guglielmo Marconi ने 1890 के दशक में वायरलेस टेक्नोलॉजी को सिद्धांतो के साथ इंट्रोड्यूस किया था. इसके बाद दोनों ही क्षेत्रों में कई विद्वान काम करने लगे.

इनमें से कुछ ऐसे भी थे जो इन दोनों तकनीकी को मिलाकर एक ऐसा यंत्र बनाना चाहते थे जिससे बिना किसी केबल के दो या दो से अधिक व्यक्ति आपस में बात कर सकें. वायरलेस तकनीकी में रुचि रखने वाले मार्टिन कूपर ने 1970 में मोटोरोला कम्पनी को एक इंजीनियर के तौर ओर जॉइन किया और साल 1973 में उन्होंने पहले फोन का आविष्कार किया. एक ध्यान देने वाली और रोचक बात यह भी हैं की दुनिया का पहला फ़ोन मोटोरोला का था.

सबसे पहला मोबाइल का नाम क्या था?

पूरी दुनिया के पहले मोबाइल का नाम Motorola DynaTAC था जो nine इंच का था और इसका वजन करीब 2.five पाउंड यानी 1.1 किलोग्राम था. मार्टिन कोपर के इस आविष्कार के बाद से ही मोबाइल कॉल इंडस्ट्री और टेलीकॉम इंडस्ट्री की शुरुआत होने लगी.

मार्टिन कूपर के द्वारा किए गए इस आविष्कार के बाद एक दशक तक इस पहले मोबाइल फोन की खामियों को दूर करने की कोशिश जारी रही और देश में सेलुलर नेटवर्क को भी बेहतर बनाने पर काम किया जाता रहा. करीब 10 साल बाद 1983 में मोटोरोला ने सामान्य लोगों के लिए मोबाइल फोन बाजार में उतारा जिसका नाम Motorola DynaTAC 8000X था.

इस फ़ोन की कीमत 3995 डॉलर यानी कि 2.80 लाख रुपये थी. इस फ़ोन की बैटरी 6 घण्टे तक चलती थी और फ़ोन में 30 लोगो के कॉन्टेक्ट्स तक सेव किये जा सकते थे.

पहली मोबाइल टेलीफोन की सेवा कहाँ और कब दी गयी थी?

पहली मोबाइल टेलीफोन की सेवा सं 1926 में Deutsche Reichsbahn की top notch यात्रियों को प्रदान की गयी थी जो की Berlin और Hamburg के बीच सफ़र कर रहे थे.

पहली मोबाइल कॉल कहाँ पर और कब की गयी थी?

पहली मोबाइल कॉल सन 1946 में एक automobile की radiotelephone में की गयी थी Chicago में. चूँकि काफी काम मात्रा में radio frequencies उपलब्ध था, इसलिए carrier बहुत ही जल्द अपनी पूरी capability पर पहुँच गयी.

पहली Computerized Cell Telephone Machine कब शरू की गयी और कहाँ पर?

पहली automatic cell phone device सन 1956 में Sweden में शुरू की गयी थी. शुरू में ये केवल personal automobiles में ही दी जा रही थी. उस समय इस tool को set up किया जाता था एक automobile में, वहीँ इसमें vacuum tube generation का इस्तेमाल होता था वो भी rotary dial के साथ. वहीँ इसका वजन करीब 40Kg था.

फ़ोन के आविष्कारक मार्टिन कूपर की जीवनी

दुनिया के पहले सेल फोन का आविष्कार करने वाले मार्टिन कूपर का जन्म साल 1928 में संयुक्त राज्य अमेरिका के शिकागो शहर में हुआ था. मार्टिन ने अपनी शुरुआती शिक्षा शिकागो शहर से ही प्राप्त की.

इसके बाद मार्टिन ने साल 1957 में Illinois Institute of Generation से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली. साल 1954 से मार्टिन ने मोटरोला के साथ काम करना शुरू कर दिया और 1970 में उन्हें कंपनी में एग्जीक्यूटिव की पोस्ट पर प्रमोट कर दिया गया.

अपने कंप्यूटर को पीछे छोड़ने के लिए ही मार्टिन ने सेल फोन के आविष्कार के बारे में सोचा था. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि मार्टिन को सेल फोन का आईडिया स्टार ट्रेक टिवी जो को देख कर आया था जिसमें किरदारों के पास इस प्रकार के छोटे डिवाइस होते तो जिससे वह एक दूसरे से बात कर पाते थे.

आज आपने क्या सीखा

मुझे आशा है की मैंने आप लोगों को फ़ोन का आविष्कार किसने किया के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को फ़ोन के आविष्कारक मार्टिन कूपर की जीवनी के बारे में जानकारी मिल गया होगा.

यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच feedback लिख सकते हैं. आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा.

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