टच स्क्रीन क्या है और कैसे काम करता है

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Touchscreen एक digital visible show होता है जिसे की एक consumer अपने उँगलियों को display के ऊपर contact करके keep watch over कर सकता है यानि की अपने काम कर सकता है.

Touch Screen Kya Hai Hindi

एक touchscreen consumer को device के साथ ज्यादा direct रूप से interplay करने के लिए मौका देते हैं किसी mouse के साथ तुलना में.

Touchscreens का इस्तमाल अब इतना regular हो गया है pill computer systems, good telephones और दुसरे cellular gadgets में की अब manufactures ज्यादा से ज्यादा gadgets में touchscreen का ही इस्तमाल कर रहे हैं common display के बदले.

जहाँ हम पहले Conventional enter gadgets के तोर पर laptop programs में keyboards और mouse का इस्तमाल करते थे, वहीँ पिछले कुछ वर्षों से हम इन touchscreen generation का इस्तमाल बड़े पैमाने में कर रहे हैं laptop या cellular device के साथ engage करने के लिए.

इसके साथ अभी common computer और desktop computer systems में touchscreen presentations के साथ conventional enter tool का भी इस्तमाल करने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं जिससे customers के पास ज्यादा choices मेह्जुद हो इस्तमाल करने के लिए.

Touchscreens का इस्तमाल हम बहुत से selection के gadgets में करते हैं जैसे की laptop, computer screens, smartphones, capsules, money registers, और data kiosks में.

कुछ touchscreens में तो touch-sensitive enter के बदले में infrared beams की grid का भी इस्तमाल होता है उँगलियों के presence को महसूस करने के लिए.

Touchscreen की Historical past

Touchscreen के इतिहास की बात करें तब, इसके विषय में सबसे पहला concept E.A Johnson को आया जो की उस समय Royal Radar Established order, Malvern, UK में काम करते थे overdue 1960s में. जानकारों का मानना है की पहली touchscreen capacitive kind की थी, जिसे की हम अभी अपने Smartphone में इस्तमाल करते हैं.

उसके बाद touchscreen को लेकर कर experiment किये गए और फिर सन early 1970s के समय, पहला touchscreen को expand किया गया Frank Beck और Bent Stumpe के द्वारा, जो की उस समय CERN में engineers थे. इस bodily product को पहली बार सन 1973 में इस्तमाल किया गया था.

वहीँ सन 1971 में, touchscreen generation में एक नया कीर्तिमान Physician George Samuel Hurst ने स्थापित किया, जो की उस समय एक trainer थे College of Kentucky Analysis Basis में. उन्होंने एक contact sensor का आविष्कार किया था जिसे की उन्होंने ‘Elograph’ का नाम दिया था.

वहीँ सन 1974 में, Hurst ने अपने corporate Elographics के साथ मिलकर दुनिया की सबसे पहली actual touchscreen तैयार की जिसमें की clear floor जैसे characteristic था.

सन 1977 में, लगातार प्रयासों के बाद Elographics ने एक resistive touchscreen को expand किया और उसे अपने नाम पर patent भी किया. ये वही resistive touchscreen generation थी, जो की आज touchscreen applied sciences के तोर पर बहुत प्रसिद्ध है और उसे हम आज इस्तमाल भी कर रहे हैं.

एक बात जो बहुतों को पता नहीं है वो ये की पहली resistive touchscreen को सन 1975 में Samuel Hurst के द्वारा expand तो कर लिया गया था लेकिन उसे सन 1982 तक न ही दुनिया के सामने produce किया गया और न ही इस्तमाल किया गया.

Kinds of Touchscreens

यहाँ पर हम जानने वाले हैं की ये Touchscreen के कितने प्रकार उपलब्ध हैं और हमारे लिए कोन सा प्रकार बेहतर है. वैसे तो कई अलग अलग प्रकार के Touchscreen in hindi उपलब्ध है लेकिन यहाँ मैंने सबसे ज्यादा इस्तमाल में लाये जाने वाले touchscreen के विषय में जानकारी प्रदान करने वाला हूँ.

  • Resistive
  • Capacitive
  • Floor Wave
  • Infrared

1. Resistive

Resistive touchscreens (जो की फिलहाल सबसे ज्यादा common generation है) और जो की एक “clear keyboards” के तरह ही है जिसे की Display screen के most sensible में overlay किया गया होता है.

ये resistive contact display panel के ऊपर एक पतली steel electrically conductive की coating होती है और एक resistive layer भी होता है जो की electrical present में exchange पैदा करता है जब कोई contact match होता है, मतलब की जब कोई अपनी ऊँगली से इस display के ऊपर contact करता है तब इससे जो हलचल पैदा होती है उससे present के प्रभाव में भी बदलाव आता है और इसे ही controller के पास भेजा जाता है processing के लिए. ये तो थी इसकी technical main points अब इसे आसान भाषा में समझते हैं.

इस resistive touchscreen में एक versatile higher layer जो की accomplishing polyester plastic की बनी होती है वो एक inflexible decrease layer जो की एक accomplishing glass होती है उसके साथ bonded होती है और एक insulating membrane से ही separate हुई होती है.

जब आप display को press करते हैं, तब आप उस polyester को pressure करते हैं glass को contact करने के लिए और जिससे ये circuit entire होती है — जैसे की जब आप कोई keyboard की key press करते हैं. Display screen के भीतर स्तिथ chip आपके coordinates का पता करती है की आपने किस जगह में उस display को contact किया है.

ये Resistive contact display panels ज्यादा reasonably priced होते बाकियों के तुलना में लेकिन ये केवल 75% की ही readability प्रदान करते हैं और ये layer को आसानी से किसी sharp object से injury किया जा सकता है. Resistive contact display panels भी दुसरे बाहरी components जैसे की mud या water से ख़राब नहीं होती है.

2. Capacitive

एक capacitive contact display panel ऐसे subject matter से covered होती है जो की electric fees को retailer करती है. जब भी panel को contact किया जाता है, तब एक छोटी ही मात्रा में price उस level of touch की और draw होई है.

Circuits जो की panel के nook में स्थित होती है वो उस price को measure करती है controller को सारी जानकारी भेजती है processing करने के लिए. ये Capacitive contact display panels को केवल उँगलियों से ही contact करने से काम करता है और plastic या कोई दूसरी वस्तु से ये काम नहीं करती हैं.

इसके साथ ये Capacitive contact monitors पर दुसरे out of doors components ज्यादा प्रवाह नहीं डाल सकते हैं और ये बहुत ही top readability के होते हैं.

ये monitors बहुत से layers of glass से बने हुए होते हैं. इसकी inside layer electrical energy behavior करती हैं और ठीक वैसे ही outer layer भी, इसलिए successfully ये display ऐसा behave करता है जैसे की दो electric conductors के insulator के वजह से separate हों, इसलिए इसे एक capacitor भी कहा जाता है.

जब हम अपनी ऊँगली को display के ऊपर रखते हैं वैसे ही आप उसके electrical box को भी exchange करते हैं. इन Capacitive monitors को हम एक से ज्यादा जगह में छु सकते हैं और ये अच्छे तरीके से काम भी करता है.

3. Floor wave

Floor wave generation में ultrasonic waves का इस्तमाल होता है जो की contact display panel के ऊपर से move करता है. जब आप panel को contact, करते हैं तब एक छोटे portion की wave को ये soak up कर लेती है.

यही बदलाव ultrasonic waves में होने से ये उस contact किये गए स्थान का पता कर लेती है और controller को data भेज देती है processing करने के लिए. Floor wave contact display panels अभी तक की सबसे complicated sorts है बाकियों के मुकाबले लेकिन ये बाहरी components से आसानी से injury हो जाता है.

4. Infrared

किसी intruder alarm में जैसे magic eye beams का इस्तमाल होता है, ठीक उसी तरह infrared touchscreen में LEDs के grid trend of LEDs और light-detector photocells का इस्तमाल होता है. उन्हें display के reverse aspects में organize करके रखा जाता है. ये LEDs से infrared gentle निकलती है जो की display के entrance से आती है — आप कह सकते हैं की ये एक invisible spider’s internet के जैसे प्रतीत होती है.

अगर आप display को किसी स्थान में contact करते हैं तब आप उन beams के रास्ते में आते हैं या रुकाव डालते हैं. Display screen के भीतर स्तिथ microchip ये calculate करती है की आपने उन beams को कहाँ पर interrupt किया है, और उस हिसाब से controller को data भेज देती है processing करने के लिए. यहाँ पर उँगलियों के अलावा भी अगर आप कोई दुसरे वस्तु से display को contact करें तब भी आप इसे इस्तमाल कर सकते हैं.

आगे मैं आप लोगों को कुछ less-common contact display applied sciences के विषय में जानकारी प्रदान करने वाला हूँ.

Dispersive Sign Era:
इसे सन 2002 में 3M corporate के द्वारा introduce किया गया था, इसमें sensors आपके mechanical power को hit upon करते हैं जब आप उन्हें contact करते हैं.

इसमें स्तिथ Advanced algorithms उन knowledge को interpret करते हैं ये पता करने के लिए की आपका location कहाँ पर है, और फिर knowledge को controllers के भेजा जाता है.

Execs: ये ज्यादा Sturdy होते हैं, बहार के components से ज्यादा impact नहीं होते हैं, इसकी readability भी बहुत very good होती है और इसमें आप finger या कोई दूसरी वस्तु का इस्तमाल contact करने के लिए कर सकते हैं.

Cons: प्रारंभिक contact के बाद, इसकी device को आपके immobile finger को hit upon कर पाना थोडा मुस्किल होता है.

Acoustic Pulse Popularity:
इस device को सन 2006 में unlock किया गया था Tyco World’s Elo department के द्वारा. इसमें transducers का इस्तमाल होता है जो की display के आसपास स्तिथ होते हैं और जो की vibration को electric power में convert करते हैं algorithms के द्वारा और ये इसी तरह से ही location का अनुमान लगाते हैं.

Execs: इसकी sturdiness और readability अच्छी होती है, ये बाहरी components से ज्यादा प्रभावित नहीं होती है और ये massive show में ज्यादा well-suited होते हैं.

Cons: ये एक immobile finger को hit upon नहीं सकती है.

Optical Imaging:
Symbol sensors (cameras) जिन्हें की display के edge में रखा जाता है वो infrared black lighting fixtures को आसानी से pick out कर सकते हैं जो की display के reverse aspect में provide होते हैं.

Execs: ये Scalable, flexible, reasonably priced होते हैं और इन्हें massive presentations में भी इस्तमाल किया जा सकता है.

Resistive और Capacitive Contact Display screen में क्या अंतर है?

यदि हम देखें तो touchscreens में मुख्य रूप से दो प्रकार के ही touchscreens ही हैं : Resistive और Capacitive. एक आसान तरीका जो की इन दोनों touchscreen के में अंतर बता सकता है वो है की resistive touchscreen आपके उँगलियों के contact को “resists” करते हैं, इसके बदले आपको एक stylus या digital pen का इस्तमाल करना होगा display के साथ वो भी थोडा pressure लगाकर, क्यूंकि अगर केवल display के ऊपर ऊँगली फेर दी जाये तब उसमें ज्यादा impact नहीं होगा.

आप इन resistive touchscreen को grocery store में देख सकते हैं, जहाँ पर आप अपना digital signature प्रदान करते हैं अपने invoice pay करने के लिए.

वहीँ एक capacitive touchscreen को कुछ इस प्रकार से design किया गया है की वो केवल आपके finger’s contact से ही काम करता है. इसलिए आप इन capacitive touchscreen का इस्तमाल smartphone और pill में करते हैं. इसलिए इन presentations का इस्तमाल मुख्य रूप से client electronics में किया जाता है.

Touchscreens कैसे काम करता है?

एक resistive touchscreen कुछ इसप्रकार से काम करता है जिसके बारे में हम आगे समझने वाले हैं/ Display screen के ऊपर consumer को contact करना होता है और इस display के निचे electrically conductive layer provide होता है. जब आप इन show को press करते हैं तब आप ये really feel करेंगे की show थोडा bend होता है.

यही इसे काम करने में मदद करती है. Contact करने से निचे स्तिथ electrical present में बदलाव आता है जिससे ये पता चलता है की contact कहाँ पर हुआ है. उसके बाद ये सभी जानकारी processing के लिए controller को भेज देता है.

आप Contact Display screen का इस्तमाल कैसे करें?

Observe: सभी touchscreens के समान purposes नहीं होता हैं, लेकिन यहाँ पर जो भी movements के विषय में मैंने बताया है वो बहुत ही regular serve as हैं.

Faucet – एक unmarried contact या faucet करने से display के ऊपर अपने ऊँगली के द्वारा आप कोई भी app को खोल सकते हैं या कोई object को choose कर सकते हैं. अगर हम इसे एक conventional laptop के साथ तुलना करें तब, एक faucet का मतलब है अपने mouse के द्वारा click on करना है.

Double-tap – एक double-tap से बहुत सारे अलग अलग purposes हो सकते हैं वो भी उस बात पर rely करता है की आप उसे किस प्रकार make the most of करना चाहते हैं. उदहारण के लिए अगर हम एक photograph के ऊपर double faucet करते हैं तब इससे वो zoom हो जाता है.

Contact and grasp – अगर हम touchscreen को Press और grasp करेंगे अपने finger के सहायता से तब इससे कोई textual content choose हो जाता है या कोई object spotlight हो जाता है.

Drag – अगर आप कोई object या icon के ऊपर press करते हैं और उसे grasp करते हैं तब इससे आप उसे एक जगह से दुसरे जगह तक drag या खिंच सकते हैं.

Swipe – Display screen के ऊपर Swip करने से आप pictures को बदल सकते हैं आसानी से. या फिर इससे display को किसी भी दिशा में scroll भी कर सकते हैं.

Pinch – अगर आप अपने दो उँगलियाँ को display के ऊपर रखें और उसे pinch करें तब इससे कोई भी जगह को आप zoom in और zoom out कर सकते हैं.

Benefits of Touchscreen

–  Touchscreen के होने से आपको conventional buttons की और जरुरत नहीं है जो की अक्सर दो तीन सालों में टूट जाते हैं.

– Touchscreen gadgets में जो interface इस्तमाल होता है वो बहुत ही easy होते है इस्तमाल करने के लिए.

–  Display screen में कम बटन या no button के होने से Display screen की measurement बड़ी नज़र आती है और इसमें {hardware} developer ज्यादा serve as डाल सकते हैं.

–  Touchscreen को साफ करना बहुत ही आसान है और ये ज्यादा मैले भी नहीं होते हैं.

–  Touchscreen को इस्तमाल करना इतना आसान है की इसे कोई बच्चा या कोई बुजुर्ग भी इस्तमाल कर सकते हैं.

Dis-advantages of Touchscreen

–  Touchscreen की display ज्यादा बड़ा होना चाहिए जिससे की कोई consumer इसे आसानी से छु सके और इस्तमाल कर सके.

–  ज्यादा बड़ा और vibrant display के होने से इसे ज्यादा computing energy भी चाहिए जिससे battery lifestyles कम हो जाती है.

–  इन्हें direct daylight में इस्तमाल करना आसान नहीं है क्यूंकि चीज़ें ठीक से दिखती नहीं है.

–  ये touchscreen अक्सर बहुत हलकी और breakable होती हैं जिससे ये आसानी से टूट जाती हैं अगर इनका सही ध्यान न रखा जाये तब.

– ये monitors आसानी से मैले हो जाते हैं.

–  ये standard display के मुकाबले थोड़े ज्यादा pricey होते हैं.

Software of Touchscreen

Stepped forward revel in का होना – Touchscreens के इस्तमाल से consumer को device को इस्तमाल करने में बड़ी आसानी होती है. इसके इस्तमाल से human-computer interface में development दिखाई पड़ती है और जिससे consumer’s revel in भी अच्छी होति है.

Simple get entry to – Touchscreens को इस्तमाल करना बहुत आसान होता है, जिससे इसके purposes को हमारे mind को समझने में कोई problem नहीं होती है. Contact जो की एक herbal means हम सभी के लिए पहले से ही है इसलिए touchscreen को इस्तमाल करना बहुत आसान है.

Saves time – Mouse और दुसरे exterior gadgets को इस्तमाल करना थोडा tedious होता है और इससे time का भी waste होता है. ऐसे में touchscreen generation हमारा बहुत सारा समय बचाती है और इसका इस्तमाल करना भी उतना ही आसान है.

Sanitary – Buttons में सबसे ज्यादा germs पाए जाते हैं क्यूंकि इसे लोग ज्यादा छुते हैं और इन्हें साफ़ करना भी इतना आसान नहीं है. वहीँ Touchscreen को साफ़ करना बहुत आसान होता है जिससे यहाँ पर germs के पनपने की सुयोग का होता है.

Tool measurement – Touchscreen के इस्तमाल से हमें बहुत सारे gadgets की जरुरत नहीं है. इसका मतलब है की हमें buttons, माउस, keyboard की और जरुरत नहीं है. सभी चीजों को एक जगह में combine होने से house की भी बचत होती है. और एक get advantages ये है की यहाँ पर cords और wires के नहीं होने से इसे इस्तमाल करना आसान होता है.

Sturdiness और Simple to Blank का होना – दुसरे conventional display की तुलना में ये touchscreen बहुत ज्यादा sturdy होती हैं. आजकल तो gorilla glass जैसे protecting layers के होने से ये display बहुत ज्यादा sturdy नहीं बन जाता है. इसके अलावा ये प्राय तोर से mud evidence होता है इसलिए इसे साफ करना बही बहुत आसान होता है.

Possible to save cash – Complete touchscreen generation के होने से कोई भी keyboard या mouse की जरुरत नहीं होती है इससे पैसों की बचत होती है.

Touchscreen की Fundamental Fixes क्या है

Contact monitors बहुत ही अच्छे लगते हैं जब वो ठीक से काम करते हैं वहीँ जब ये contact display काम करना बंद कर देते हैं तब हमारे भीतर frustration बढती है और हम चाहते हैं की कैसे जल्द से जल्द हम इसे कैसे ठीक करें. कुछ gadgets में तो केवल touchscreen ही एक मात्र तरीका है tool के साथ engage करने के लिए.

और जब वो काम करना बंद कर देते हैं ऐसे में हमारे tool पूरी तरह से lock हो जाता है. यहाँ पर में आप लोगों को कुछ elementary fixes के विषय में बताने वाला हूँ जो की आपके बहुत काम में आएँगी.

Touchscreen के Fundamental Fixes

1.  पहले display को एक lint-free कपडे की मदद से साफ़ करें. Blank the display with a lint-free material.

2.  उसके बाद tool को Restart करें. your tool.

3.  अगर कोई display protector है तब आपको उन्हें Take away करना होगा. your case or display protector.

4.  और सबसे necessary चीज़ ये काम करने से पहले अपने हाथों को साफ़ करें और उन्हें dry भी रखें.

5.  यदि इन elementary fixes से आपकी downside का resolution नहीं निकले तब आपको अपने निकटवर्ती carrier station पर जाकर cellular का check-up कराना चाहिए.

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को टच स्क्रीन क्या है और ये कैसे काम करता है? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को Touchscreen क्या है के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Proportion करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा.

आपको यह लेख Touchscreen क्या है? और ये कैसे काम करता है? कैसा लगा हमें remark लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले. मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Fb, Twitter इत्यादि पर percentage कीजिये.

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