कृत्रिम बुद्धिमत्ता या आर्टिफिशल इंटेलिजेंस क्या है

0
6


क्या आप जानते हैं की कृत्रिम बुद्धिमत्ता या आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) क्या है (What’s Synthetic Intelligence in Hindi)? जब से computer systems का आविष्कार हुआ है तब से इंसानों ने इसका इस्तमाल काफी बढ़ा दिया है. वो इन्हें अपने सारे काम करने में लगा देते हैं जिससे हमें उनपर ज्यादा rely होना पड़ता है.

इससे उनकी addiction का exponential expansion हुआ है. मनुष्यों ने इन मशीनों की capacity को काफी हद तक बढ़ा दिया है जैसे की उनकी pace, उनका dimension और उनकी कार्य करने की क्ष्य्मता जिससे की ये हमारे काम बहुत ही कम समय में कर सकें जिससे की हमारे समय की बचत होगी.

आपने भी शायद ये लक्ष्य किया होगा की आजकल जिसे देखो Synthetic Intelligence की बस तारीफ किये जा रहा है. यदि आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तब आपको चिंतित होने की जरुरत नहीं है क्यूंकि आज में आप लोगों को Synthetic Intelligence क्या है और ये इतना जरुरी क्यूँ है के बारे में पूरी जानकरी देने जा रहा हूँ. जिससे की आपके मन में उठ रहे सारे सवालों के जवाब इस article के समाप्त होने तक आपको मिल जायेंगे.

एक नया area अब सामने आया है जिसे लोग Synthetic Intelligence के नाम से जानते हैं जो की मूल रूप से Pc Science का ही department है और जिसका मुख्य काम ये है की ऐसे clever device बनाएं जो की मनुष्य के जैसे ही बुद्धिमान हो और जिसकी अपनी ही resolution लेने की क्ष्य्मता हो. इससे ये हमारे काम और भी आसान कर देंगे.

तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की आखिर ये आर्टिफिशल इंटेलिजेंस क्या होता है और हम मनुष्यों के लिए ये इतना जरुरी क्यूँ है.

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस क्या है (What’s Synthetic Intelligence in Hindi)

Artificial Intelligence Kya Hai

AI का complete shape है Synthetic Intelligence या हिंदी में इसका अर्थ है कृत्रिम होशियारी या कृत्रिम दिमाग. ये एक ऐसा simulation है जिससे की मशीनों को इंसानी intelligence दिया जाता है या यूँ कहे तो उनके दिमाग को इतना उन्नत किया जाता है की वो इंसानों के तरह सोच सके और काम कर सके.

ये खासकर pc device में ही किया जाता है. इस प्रक्रिया में मुख्यत तीन processes शामिल है और वो हैं पहला finding out (जिसमें मशीनों के दिमाग में data डाला जाता है और उन्हें कुछ regulations भी सिखाये जाते हैं जिससे की वो उन regulations का पालन करके किसी दिए हुए कार्य को पूरा करे), दूसरा है Resoning (इसके अंतर्गत मशीनों को ये instruct किया जाता है की वो उन बनाये गए regulations का पालन करके effects के तरफ अग्रसर हो जिससे की उन्हें approximate या particular conclusion हासिल हो) और तीसरा है Self-Correction.

अगर हम AI की specific software की बात करें तो इसमें professional device, speech popularity और device imaginative and prescient शामिल हैं. AI या Synthetic Intelligence को कुछ इस प्रकार से बनाया गया है की वो इंसानों के तरह ही सोच सके, कैसे इंसानी दिमाग किसी भी drawback को पहले सीखती है, फिर उसे procedure करती है, come to a decision करती है की क्या करना उचित होगा और in spite of everything उसे कैसे resolve करते उसके बारे में सोचती है.

उसी प्रकार की synthetic intelligence में भी मशीनों को भी इंसानी दिमाग की सारी विसेश्तायें दी गयी हैं जिससे वो बेहतर काम कर सके.

Synthetic Intelligence के बारे में सबसे पहले John McCarthy ने ही दुनिया को बताया. वो एक American Pc Scientist थे, जिन्होंने सबसे पहले इस era के बारे में सन 1956 में the Dartmouth Convention में बताया.

आज ये एक पेड़ की तरह बहुत ही बड़ा हो गया है और सारी robotics procedure automation से precise robotics तक सभी चीज़ें इसके अंतर्गत आती हैं. विगत कुछ वर्षों में इसने बहुत exposure acquire कर ली है क्यूंकि इसमें giant information की era भी शामिल हो चुकी है और इसकी दिनबदिन बढती हुई pace, dimension और number of information industry से बहुत से corporations इस era को अपनाना चाहते हैं.

अगर में AI की बात करूँ तो इसकी मदद से uncooked information में trend को determine करना काफी आसान हो गया है वहीँ इंसानों द्वारा बहुत गलतियाँ होती हैं, इससे corporations को कम समय में अपने information के ऊपर ज्यादा perception प्राप्त होती है.

Synthetic Intelligence की Philosophy

जब इन्सान Pc Gadget की असली ताकत की खोज कर रहा था, तब मनुष्य की अधिक जानने की इच्छा ने उसे ये सोचने में बाध्य किया की “क्या Gadget भी हमारी तरह सोच सकते हैं ?” और इसी तरह ही Synthetic Intelligence की construction को शुरुवात हुई जिसका की केवल एक ही उद्देश्य था की एक ऐसी clever device की संरचना की जाये जो की इंसानों की तरह ही बुद्दिमान हो और हमारे ही तरह ही सोच सके.

AI के लक्ष्य

•  Skilled Techniques बनाना − कुछ ऐसे programs को बनाना जो की clever conduct प्रदर्शन कर सके, जो की be told कर सके, show, give an explanation for, और इसके साथ अपने customers को recommendation कर सके.

•  Human Intelligence को Machines में enforce करना – ऐसे programs बनाना जो की इंसानों की तरह ही समझ, सोच, सिख, और behave कर सकें.

Synthetic Methodology क्या है?

अगर हम actual international की बात करें तब, ज्ञान की कुछ अजीबोगरीब विसेश्ताएं हैं जैसे की
•  इसकी quantity बहुत ही ज्यादा है, या यूँ कहे तो अकल्पनीय है.

•  ये पूरी तरह से well-organized or well-formatted नहीं है.

•  इसके साथ साथ ये निरंतर बदलता रहता है.

अब बात आता है की तब AI Methodology क्या है. तो में आपको बता दूँ की Synthetic Methodology एक ऐसा method हैं जिससे की हम ज्ञान या wisdom को ऐसे arranged means में रखेंगे की जैसे हम इसका इस्तमाल बहुत ही successfully कर सकते हैं जैस की −

•  ये पढने और समझने योग्य होना चाहिए जो लोग इसे supply करते हैं.

•  ये आसानी से adjust करने योग्य होना चाहिए जिससे की इसकी mistakes को आसानी से सुधारा जा सके.

•  ये बहुत से जगहों में helpful होना चाहिए हालाँकि ये incomplete और faulty हो.

AI tactics को अगर कोई comlpex methods के साथ equip किया जाये तो उसकी pace of execution को बहुत हद तक बढाया जा सकता है.

Synthetic intelligence के sorts या प्रकार

Synthetic Intelligence को बहुत से प्रकारों में divide किया जा सकता है, लेकिन उनमें से जो सबसे मुख्य हैं वो हैं

1) Vulnerable AI

2) Sturdy AI

Vulnerable AI: –

इस प्रकार के AI को slim AI भी कहा जाता है, इन AI device को कुछ इस प्रकार से design किया गया है की ये केवल एक specific activity ही करें. उदहारण के तोर पर इसमें Digital Non-public Assistants reminiscent of Apple’s Siri susceptible AI का बहुत बढ़िया उदहारण है.

Sturdy AI :-

इस प्रकार के synthetic intelligence को basic synthetic intelligence भी कहा जाता है. इस प्रकार के AI Gadget में generalized मनुष्य की बुद्धिमता होती है जिससे की ये समय आने पर अगर इसे कोई tough सा activity दिया जाये तो ये आसानी से उसका answer निकाल सकता है.

Turing Take a look at को mathematician Alan Turing द्वारा सन 1950 में expand किया गया था जिसका इस्तमाल ये जानने के लिए किया गया था की क्या Computer systems भी इंसानों के तरह सोच सकते हैं की नहीं.

Arend Hintze, जो की एक assistant professor भी हैं of integrative biology and pc science and engineering, Michigan State College में. उन्होंने ही AI को चार हिस्सों में Categorize किया है जो की कुछ इसप्रकार हैं.

Sort 1: Reactive machines.
इसका एक उदहारण है Deep Blue, जो की एक IBM chess program है और जिसने Garry Kasparov को सन 1990s में हराया था. Deep Blue को कुछ इसप्रकार से design किया गया है की ये chess board के items को determine कर सकता है और उसके हिसाब से prediction कर सकता है.

लेकिन इसकी अपनी कुछ reminiscence नहीं है जिससे ये अपने previous transfer के बारे में याद नहीं रख सकता जो की ये long term में इस्तमाल कर सके. ये imaginable strikes को analyze करता है – इसके खुद की और इसके opponent की – और फिर ये उस हिसाब से सबसे बेहतर strategic transfer को चुनता है.

Deep Blue और Google’s AlphaGO को narror functions के लिए design किया गया है और इसे आसानी से दुसरे scenarios में observe नहीं किया जा सकता.

Sort 2: Restricted reminiscence.
इस प्रकार के AI programs अपने previous studies को इस्तमाल कर अपने long term selections को तय करते हैं. कुछ decision-making purposes को जो की self sustaining cars में इस्तमाल किये जाते हैं उन्हें इसी प्रकार से design किया गया है.

ऐसे ही Observations को इस्तमाल कर भविष्य में होने वाले हादसों को कुछ हद तक रोका जा सकता है, जैसे की automobile को दुसरे lane में trade करना. ये Observations completely retailer नहीं होते.

Sort 3: Concept of thoughts.
ये एक psychology time period है. ये एक hypothetical thought है. इसमें ये दर्शाता है की दूसरों का अपना ideals, wants and intentions होता है जो की उनके selections में affect डालते हैं.

इस प्रकार के AI अभी इस दुनिया में मेह्जुद नहीं हैं.

Sort 4: Self-awareness.
इस class के अंतर्गत AI programs की खुद की self consciousness होती है, अपनी एक awareness होती हैं.

Machines जिनकी self-awareness होती हैं वो अपने present state को समझते हैं और उसी data को इस्तमाल कर ये समझते हैं की दुसरे क्या really feel करते हैं. इस प्रकार के AI अभी इस दुनिया में मेह्जुद नहीं हैं.

AI era के उदहारण

•  Automation एक ऐसी प्रक्रिया जिससे की device और procedure serve as को computerized कर दिया जाता है. उदहारण के तोर पे Robot procedure automation, को programmed किया जाता है ताकि वो top quantity, repeatable duties को आसानी से कर सकें.

RPA और IT Automation में ये अंतर है की RPA में वो cases के हिसाब से adapt होता है वहीँ IT Automation में ऐसा नहीं होता है.

•  Gadget Finding out एक ऐसा विज्ञान है जिसमें pc बिना programming के काम करता है. Deep Finding out Gadget Finding out का ही एक भाग है जिसमें predictive analytics को automation किया जाता है.

Gadget finding out के मुख्यत तीन algorithms हैं : supervised finding out, जहाँ की information units को patterns कहा जाता है और जिसे की नए information units को lebel करने में काम आता है, दूसरा है unsupervised finding out, जहाँ की information units को lebel नहीं किया जाता बल्कि उन्हें kind किया जाता है उनके समानता और असामनता के आधार पर.

तीसरा है reinforcement finding out, जहाँ information units को lebel नहीं किया जाता पर कुछ motion और ज्यादा motion करने के बाद, AI device को comments दिया जाता है.

•  Gadget imaginative and prescient एक ऐसा विज्ञानं है जिसकी मदद से हम pc को देखने के काबिल कर सकते हैं. Gadget Imaginative and prescient में pc visible infomations को digicam की मदद से seize करती है और analyze करती है, इसके साथ साथ analog-to-digital conversion और electronic sign भी करती है.

इसके इंसानी आँखों के साथ भी तुलना की जाती है, लेकिन device imaginative and prescient की कोई limitation नहीं है और ये दीवारों के पार भी देख सकते हैं. इसी लिए इनका काफी इस्तमाल scientific में भी होता है.

•  Herbal language processing (NLP) एक ऐसा procedure है जिसमें pc program की मदद से किस इंसानी भाषा को मशीन के द्वारा समझा जाता है.

उदहारण के तोर पे आप SPAM detection को ही ले सकते हैं जिसमे pc की program ही ये come to a decision कर लेता है की कोन सी textual content authentic emain है और कोन सी Unsolicited mail e-mail है. NLP के कामों में मुख्यत textual content translation, sentiment research and speech popularity आता है.

•  Development popularity एक ऐसा department है device finding out का जो की information में patterns को determine करता है और जिसका इस्तमाल बाद में information research में होता है

•  Robotics एक ऐसा box है जिसमें की Robots की design और production में ज्यादा focal point किया जाता है. ऐसे काम जो की हम इंसानों के लिए बहुत ही मुस्किल हैं वहां हम robots को इस्तमाल में लाते हैं.

क्यूंकि वो कठिन से कठिन काम बड़ी आसानी से कर लेते हैं और वो भी बिना किसी गलती के. उदाहंरण के तोर में हम उनका इस्तमाल Automobile Manufacturing के Meeting line में करते हैं.

AI के Packages

AI in healthcare.
AI का सबसे बड़ा इस्तमाल Healthcare business में होता है. यहाँ सबसे बड़ा problem ये है की कैसे हम sufferers का बेहतर इलाज कर सकें और वो भी कम से कम लागत में. इसीलिए अब corporations AI का इस्तमाल hospitals में कर रही है जिससे की बेहतर और जल्दी मरीजों का इलाज सुचारू रूप से हो सके.

ऐसे ही एक बहुत ही well-known healthcare era है और जिसका नाम है IBM Watson. इसके साथ साथ अब not unusual बीमारियों के लिए Well being assistants भी आ चुके हैं जिसकी मदद से अब आम लोग अपने बिमार्रियों का इलाज करवा सकते हैं.इन सभी मशीनों के इस्तमाल से अब Healthcare business में एक बहुत ही बड़ी क्रांति आने वाली है.

AI in industry.
Robot procedure automation की मदद से अब extremely repetitive duties को अब मशीनों के द्वारा किया जा रहा है. Gadget finding out algorithms को अब analytics and CRM platforms के साथ combine किया जा रहा है जिससे की ये पता चल सके की कैसे corporations अपने consumers को बेहतर मदद कर सके.

Chatbots को web pages के सकत incorporate किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द consumers को provider दी जा सके.

AI in training.
AI की मदद से अब automate grading किया जा सकता है जिससे की educators को ज्यादा time मिल सके बच्चों को पढ़ने में. AI की मदद से कोई भी छात्र को अच्छी तरह से check out किया जा सकता है, क्या उसकी जरुरत है, किन किन topics में वो wealk हैं इत्यदि ताकि उस छात्र का सही तरीके से मदद की जा सके.

आजकल AI Tutors की मदद से Scholars घर बैठे ही सभी चीज़ों का हल ढूंड ले रहे हैं. इससे उनकी पढ़ने में pastime भी काफी बढ़ रही है.

AI in finance.
AI की मदद से monetary establishments को काफी लाभ मिल रहा है. क्यूंकि corporations को पहले information anylasis में पहले खूब पैसे और समय make investments करना पड़ता था पर अब ऐसा नहीं होता अब तो AI ही सब कुछ बहुत ही कम समय में कर देती है.

AI in regulation.
पहले ये paperwork की processing बहुत ही चिंता पैदा करने वाली काम थी पर अब AI के मदद से अब ये paperwork की processing बड़ी आसानी से कर दी जाती है इससे काम बड़े ही environment friendly तरीके से चलता है.

AI in production.
AI का इस्तमाल Production Trade में भी खूब जोरों से है. पहले जिस काम को करने के लिए सेकड़ों लोग लगते थे वहीँ आज एक मशीन के मदद से वही काम बहुत जल्दी और बेहतर किया जा पा रहा है.

Synthetic Intelligence और हमारा भविष्य

दिनबदिन Synthetic Intelligence का इस्तमाल बढ़ते ही जा रहा है. हम मनुष्य धीरे धीरे ऐसे मशीनों के ज्यादा आदि बनते जा रहे हैं. हम हमारी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में Synthetic Intelligence को और भी ज्यादा शक्तिशाली और ज्यादा advance कर रहे हैं ताकि ये हमारे कठिन से कठिन काम कर सके.

ऐसा होने से हमारे जाने अनजाने में ये मशीन और भी ज्यादा ताकतवर बन जा रहे हैं. और इनमें सोचने की शक्ति भी धीरे धीरे बढ़ रही है जिससे ये किसी भी परिस्तिथि में खुद को ढाल सकते हैं और ये हमारे लिए अच्छी बात नहीं है.

वो दिन दूर नहीं जब ये हमारे आदेश का पालन भी न करें और अपने मन मुताबक ही काम करें. ऐसे में मनुष्य समाज को काफी नुकशान उठाना पड़ सकता है. ये हमारे सभी industries में अपना जड़ पहले से ही गाड़ चुके हैं और हम उनके बहुत आदि बन चुके हैं जिससे उनके बिना हमारा काम हमें करने में भी तकलीफ हो रही है.

सुनने में भले ही ये बात थोडा अटपटा लगे लेकिन ये 100% सही है. मेरा मानना ये है की भले ही हम Synthetic Intelligence का इस्तमाल अपने जीवन में अच्छाई के लिए करें लेकिन हमें ये बात ध्यान में रखना बहुत ही जरुरी है की कुछ चीज़ें जो की Regulate के ऊपर है उनकी चाबी हमें हमारे पास ही रखनी चाहिए. ताकि समय आने पर हम उसका सही इस्तमाल कर सकें.

आज आपने क्या सीखा

मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को Synthetic Intelligence क्या है के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता या आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (What’s Synthetic Intelligence in Hindi) के बारे में समझ आ गया होगा.

मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Proportion करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं. मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा.

आपको यह लेख Synthetic Intelligence क्या है कैसा लगा हमें remark लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

“ मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है ”

आइये आप भी इस मुहीम में हमारा साथ दें और देश को बदलने में अपना योगदान दें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here