इंटरनेट क्या है – What’s Web in Hindi

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इंटरनेट दुनिया का बहुत ही बड़ा नेटवर्क का जाल है. यहाँ पर सभी नेटवर्क एक दुसरे के साथ जुड़े हुए होते हैं. यह एक ग्लोबल कंप्यूटर नेटवर्क होता है जो की बहुत से प्रकार के जानकारी और संचार सुविधाएं प्रदान करता है.

internet kya hai

ये असल में एक बहुत बड़ा जाल होता है interconnected networks का और साथ में ये एक दुसरे के साथ जुड़े रहने के लिए standardized verbal exchange protocols का इस्तमाल करते हैं.

इसी जाल को Web की भाषा में media या फिर Transmission media बोला जाता है. वैसे थोड़ी जानकारी और दे देता हूँ ये जाल एक तरह का Twine है, जिसमे Knowledge और knowledge दुनिया भर में घूमता रहता है. यह डाटा इन सब में से “textual content, symbol, mp3, video” कुछ भी हो सकता है ज्यदा तोर textual content, symbol, MP3, video Web पे सब ढूंडते रहते है.

Web में Information और Knowledge, Router और Server के जरिए जाना आना करते हैं, Router और Server ही दुनिया के सारे Pc को जोडके रखते हैं, जब Message एक Pc से दुसरे Pc तक जाता है तो तब एक protocol काम करता है जिसका नाम है IP (Web Protocol), Protocol का मतलब “Web को चलने के नियम है जिनको प्रोग्रामिंग में लिखा ज्याता है”.

Table of Contents

इंटरनेट का फुल फॉर्म

Web का Complete Shape होता है Interconnected Community. जो की असल में एक बहुत ही बड़ा community होता है सभी Internet Servers International का. इसलिए इसे बहुत से जगहों में Global Large Internet या merely the Internet भी कहा जाता है.

इस community में ऐसे बहुत से personal और public organizations, colleges और faculties, analysis facilities, hospitals के साथ साथ बहुत से servers भी शामिल हैं पुरे दुनिभर में.

इन्टरनेट एक assortment होता है interconnected networks का, i.e. community of networks का. ये बना हुआ होता है बहुत से interconnected gateways और routers के आपस में attached होने से पुरे दुनियाभर में.

इंटरनेट की खोज किसने की

Web का आविष्कार कर पाना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं थी. इसे बनाने में बहुत से Scientist और Engineers की जरूरत लगी थी. सन 1957 में COLD WAR के समय, अमेरिका ने Complicated Analysis Initiatives Company (ARPA) की स्थापना की जिसका उद्देश्य एक ऐसी Era को बनाना था, जिससे की एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से जोड़ा जा सके.

सन 1969 में इस Company ने ARPANET की स्थापना की. जिस से कि किसी भी कंप्यूटर को किसी भी Pc से जोड़ा जा सकता था.

सन 1980 तक आते-आते उसका नाम Web हो गया. Vinton Cerf और Robert Kahn ने TCP/IP protocol को invent किया सन 1970s, और 1972 में, वहीँ Ray Tomlinson ने सबसे पहले E-mail Community को introduce किया.

इंटरनेट कब शुरू हुआ?

Web की शुरुवात January 1, 1983 से हुई. जब ARPANET ने TCP/IP को undertake किया January 1, 1983 में, और उसके बाद researchers ने शुरू किया उन्हें compile करने का काम. उस समय उसे “community of networks” कहा जाता था, बाद में आज के trendy समय में उसे Web के नाम से जाना जाता है.

भारत में इन्टरनेट कब शुरू हुआ था ?

भारत में web provider को publicly to be had कराया गया सन 14 August 1995 में जब इसे लांच किया गया state-owned Videsh Sanchar Nigam Restricted (VSNL) के द्वारा.

इंटरनेट की परिभाषा

Web असल में एक international vast house community होता है जो की दुनिया भर के Pc programs को आपस में attach करता है. इसमें बहुत से high-bandwidth knowledge strains होते हैं जो की Web का “spine” कहलाते हैं. ये strains को attach किया जाता है main Web hubs के साथ जो की knowledge को distribute करते हैं दुसरे places को, जैसे की internet servers और ISPs.

वहीँ यदि आपको Web के साथ attach होना है, तब आपके पास एक Web provider supplier (ISP) का entry होना चाहिए, जो की एक intermediary के तरह act करता है आपके और Web के बीच में.

ज्यादातर ISPs broadband Web entry प्रदान करते हैं by way of एक cable, DSL, या fiber connection के. जब आप Web के साथ attach होते हैं एक public Wi-Fi sign के माध्यम से, यहाँ पर भी Wi-Fi router एक ISP के साथ attached होता है आपको इन्टरनेट प्रदान करने के लिए.

वहीँ cell knowledge towers को भी किसी न किसी एक Web provider supplier से जुड़ा होना होता है attached gadgets को web entry प्रदान करने के लिए.

इंटरनेट की विशेषताएं

चलिए अब Web की विसेश्ताएं के विषय में जानते हैं, जिन्हें जानना बहुत ही जरुरी होता है.

Global Large Internet

1. All over the world internet एक हिस्सा होता है web का, जो की enhance करता है hypertext paperwork, वहीँ ये permit करता है customers को विभिन्न प्रकार के knowledge को view और navigate करने के लिए.

2. वहीँ एक internet web page ऐसा एक file होता है जो की encoded होता है hypertext markup language (HTML) tags के साथ.

3. HTML permit करता है designers को एक साथ hyperlink होने के लिए by way of links.

4. प्रत्येक internet web page की एक cope with होती है, जिसे की uniform useful resource locator (URL) कहा जाता है.

Email

1. Piece of email (e mail) एक बहुत ही well-liked reason why जिसके कारण लोग web का इस्तमाल करते हैं.

2. E- Mail Messages को create, ship, और obtain करने के लिए आपको एक e mail program और एक account चाहिए एक Web mail server में एक area title के साथ.

3. Email इस्तमाल करने के लिए, एक consumer के पास एक e mail cope with होना बहुत ही जरुरी होता है, जिसे आप create कर सकते हैं अपना consumer title e mail में upload कर. जैसे की यदि आप Gmail में अपना account बनाना चाहते हैं तब आप [email protected] जैसे बना सकते हैं. यहाँ पर आपको username थोडा distinctive चुनना होता है जो की पहले से to be had न हो.

Information

1. एक Web-based Provider होती है information, जिसमें बहुत से newsgroups शामिल होते हैं.

2. प्रत्येक newsgroup host करता है discussions एक particular matter में. सभी subjects पर अलग अलग Newsgroups होते हैं.

Telnet

1. Telnet एक specialised provider होती है जो की आपको permit करती है एक Pc का इस्तमाल कर दुसरे pc के contents को entry करने के लिए एक telnet host के मदद से.

2. एक telnet program create करता है एक “Window” host पर जिससे की आप recordsdata entry कर सकते हैं, instructions factor करते हैं, और knowledge trade करते हैं.

3. Telnet को libraries के द्वारा extensively इस्तमाल किया जाता है जिससे ये guests को permit करता है data को देखने के लिए, articles ढूंडने के लिए इत्यादि.

Record switch protocol

1. Record Switch protocol (FTP) एक web instrument होता है जिसका इस्तमाल recordsdata को एक pc से दुसरे pc में replica करने के लिए इस्तमाल किया जाता है.

2. एक particular FTP program के इस्तमाल से या एक internet browser के, आप एक ETP host pc पर log in कर सकते हैं, web के over और आपके pc के recordsdata को replica भी कर सकते हैं.

3. FTP बहुत ही to hand होता है tool recordsdata को to find करने के लिए और replica करने के लिए, वहीँ आप articles और दुसरे प्रकार के knowledge varieties के साथ भी ऐसा कर सकते हैं. Universities और tool firms FTP servers का इस्तमाल करते हैं जिससे वो guests को knowledge entry करने की permission प्रदान कर सकें.

Web Relay Chat (IRC)

1. Web Relay Chat (IRC) एक ऐसी provider है जो की customers को permit करती है एक दुसरे के साथ be in contact करने के लिए real-time में वो भी एक particular window में textual content sort कर.

1. Information के तरह ही, सेकड़ों IRC “channel” भी होते हैं और प्रत्येक किसी एक topic या consumer staff को devoted होते हैं.

3. आप चाहें तो एक particular IRC program का इस्तमाल कर सकते हैं इन chat room dialogue में take part करने के लिए लेकिन ज्यादातर chat rooms को web site में ही arrange किया जाता है, जो की guests को allow करता है without delay ही अपने browser window से chat करने के लिए.

Intranet क्या है?

Intranet एक ऐसा प्राइवेट नेटवर्क होता है जो की अक्सर किसी एक undertaking में देखने को मिलता है. इसमें आमतोर से बहुत से interlinked native house networks होते हैं और साथ में ये leased strains का भी इस्तमाल करता है एक vast house community में.

Usually देखा जाये तो, एक intranet में सिर्फ एक या उससे ज्यादा gateway computer systems ही बाहरी Web से जुड़े हुए होते हैं.

Intranet का मुख्य काम ही होता है किसी कंपनी की data और computing sources को सिर्फ workers के बीच में शेयर करना. वहीँ intranet का इस्तमाल running teams के मध्य में teleconferences के लिए भी इस्तमाल किया जा सकता है.

वहीँ intranet इस्तमाल करता है TCP/IP, HTTP, और दुसरे Web protocols. इसीलिए ये आमतोर से ये इन्टरनेट का एक personal model के तरह नज़र आता है.

Web और Intranet में क्या अंतर है ?

यहाँ पर आप जानेंगे की Web और Intranet में क्या अंतर होता है.

Web का अर्थ

Web एक international community होता है जो की एक connection identify करता है और बहुत से अलग अलग computer systems को transmission प्रदान करता है.

ये दोनों stressed और wi-fi mode की verbal exchange का इस्तमाल करता है किसी भी प्रकार की data को भेजने और पाने के लिए जैसे की knowledge, audio, video इत्यादि. इसमें अक्सर knowledge go back and forth करती है “fiber optic cables” के द्वारा, जिन्हें की phone firms personal करती हैं.

अभी के समय में इन्टरनेट का इस्तमाल प्राय सभी लोग करते हैं data प्राप्त करने के लिए, verbal exchange के लिए, और डाटा shifting करने के लिए community में. यह एक public community होता है जिसका इस्तमाल कर कंप्यूटर आसानी से एक दुसरे के साथ attach और relay कर सकते हैं. यह customers को एक बहुत ही बढ़िया supply प्रदान करती हैं data का.

Intranet का अर्थ

Intranet एक हिस्सा होता है Web का जो की privately owned होता है किसी एक group के द्वारा. ये अपने सभी computer systems को आपस में जोड़ देता है और वहीँ प्रदान करता है entry अपने सभी recordsdata और folders को community के भीतर ही.

इसमें एक firewall भी होता है जो की device को घेरे हुए होता है, जिससे ये किसी unauthorized consumer को community entry करने से रोकता है. केवल licensed customers के पास ही permission होता है इस community को entry करने का.

वहीँ, Intranet का इस्तमाल computer systems को attach करने के लिए और knowledge tranmit करने के लिए होता है वो भी एक corporate community के भीतर ही. यह एक safe तरीका होता है main points, fabrics, और folders शेयर करने का क्यूंकि इसमें community बहुत ही ज्यादा secured और limited होता है group के भीतर ही.

Web और Intranet में क्या अंतर है?

  • जहाँ Web प्रदान करता है limitless data जिसे कोई भी देख और इस्तमाल कर सकता है, वहीँ Intranet में, knowledge केवल group के भीतर ही flow into होता है.
  • Web को entry हर कोई और सभी जगह से कर सकता है, वहीँ Intranet का इस्तमाल केवल authenticate customers ही कर सकते हैं.
  • Web को कोई एक unmarried या more than one group personal नहीं करते हैं, वहीँ Intranet एक personal community होने के वजह से ये एक company या establishment के अंतर्गत आता है.
  • Web एक public community हैं इसलिए सभी के लिए to be had हैं, वहीँ Intranet एक personal community होता है इसलिए सभी के लिए to be had नहीं होता है.
  • Intranet ज्यादा more secure होता है Web की तुलना में.

इंटरनेट कैसे काम करता है

Web में Computer systems एक दुसरे के साथ attached होते हैं छोटे networks के माध्यम से. वहीँ ये networks attached होते हैं gateways के द्वारा Web Spine के साथ.

वहीँ सभी Computer systems Web पर एक दुसरे के साथ be in contact करते हैं TCP/IP के माध्यम से, जो की एक Fundamental Protocol (i.e algorithm) होता है Web का.

TCP/IP (Transmission Keep an eye on Protocol / Web Protocol) organize करते हैं Web में हो रहे सभी transmission को फिर चाहे वो knowledge/record/file कुछ भी क्यूँ न हो, लेकिन इसे करने के लिए उन्हें उस knowledge/record/paperwork को छोटे छोटे portions में तोडना होता है जिन्हें की packets या datagrams कहा जाता है.

इसमें प्रत्येक packet में precise knowledge का cope with phase स्तिथ होता है, i.e addresses of vacation spot और supply होता है upto 1500 characters के जितना.

TCP और IP का Purposes

1. TCP का काम होता है की ये messages को छोटे छोटे packets में destroy करता है जिन्हें की web में transmit किया जाता है और फिर बाद में उन्हें reassemble भी किया जाता है उन छोटे छोटे packets को oringinal message में जो की obtain किया जाता है web के द्वारा.

2. IP का काम होता है की ये Take care of करता है प्रत्येक phase के cope with phase को, जिससे की knowledge को सही cope with तक भेजा जा सके. प्रत्येक gateway नेटवर्क का इस cope with को take a look at करता है ये देखने के लिए की कहाँ message को ahead किया जा रहा है.

इंटरनेट का इतिहास

Web की Historical past की बात की जाये तो 1969 में ये दुनिया में अपना पहला कदम रख चुकता था, और वक्त और era क बदलाव से ये आगे बढ़ता गया और अभी बी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. थोडा और जानते है.

तो चलिए आगे Web की historical past in hindi जानते हैं.

1. Web का उद्गम ARPANET (ADVANCE RESEARCH PROJECT AGENCY community) से हुआ था.

2. ARPANET Ameriaca का रक्षा बिभाग का हिस्सा था 1969 में.

3. सुरुवात में गुपनिया ख़त Pc के जरिये भेजने क लिए ये Community बनाया गया था इसी का नाम था ARPANET.

4. सुरुवात में इस बिचार को पांच US College के Pc को Attach करने के लिए ये इस्तेमाल हुआ था. 1972 के दसक तक ये दुनिया के 23 Node और दुनिया के अलग अलग देशों से जुड़ चूका था जिसका नाम बाद में दिया गया Web

5. सुरुवात इससे इस Community को Non-public Community के तोर पर इस्तमाल किया जाता था बाद में ये सब तक पोहंचा गया और साल भर साल इसमें बदलवा आता गया और अभी आप इसी Web के जरिया मेरी जानकारी Web क्या है और Web का इतिहास आप पढ़ रहे थे.

इंटरनेट का उपयोग

1. Piece of email का आदान प्रदान के लिए

Web से जुड़े करीब 85% से ज्यादा लोग Web का इस्तमाल e-mail भेजने और पाने के लिए करते हैं. एक सप्ताह में करीब 20 million से भी ज्यादा emails का आदान प्रदान होता है.

2. Analysis करने के लिए

Web एक बहुत ही बड़ा supply है paperwork, books, analysis papers इत्यादि का इसलिए लोग इसका इस्तमाल अपने analysis करने के लिए करते हैं.

3. Recordsdata Obtain या Add कर सकते हैं

यहाँ पर ऐसे बहुत से recordsdata को add किया गया होता है बहुत से web pages के द्वारा जैसे की Motion pictures, Songs, Movies, Documenteries इत्यादि. यदि आप उन्हें देखना चाहते हैं तब आपको उन्हें obtain करना होगा जिसके लिए web की आवश्यकता होती है.

4. Chat groups का होना

यदि आपको किसी matter के विषय में जानना है या किसी professional से इसके विषय में राय लेनी है तब आप Dialogue Teams का इस्तमाल कर सकते हैं. यहाँ पर आपको बहुत से skilled और professionals मिल जायेंगे किसी चीज़ के विषय में professional recommendation के लिए.

5. Interactive video games खेलने के लिए

यदि आप bore हो रहे हों तब आप Web में बढ़िया और मज़ेदार Interactive video games खेल सकते हैं अपने मनोरंजन के लिए.

6. Schooling और self-improvement के लिए

यहाँ पर आपको बहुत से Online classes और workshops मिल जायेंगे जिनसे आप बहुत कुछ सीख सकते हैं वहीँ इनके On-line Seminars को attend कर आप अपना self-improvement भी करा सकते हैं.

7. Friendship और courting

यदि आपको on-line दोस्त बनाना पसंद है तब आपके लिए यहाँ पर बहुत से social media websites मेह्जुद हैं जैसे की Fb, Instagram, Twitter.

वहीँ अगर आप family members बनाने में ज्यादा उत्सुक हैं तब आप On-line Courting Websites पर जाकर खुद को sign in करा सकते हैं जिससे आप अपने मन मुताबिक साथी से बातचित कर अपने रिश्ते को आगे बढ़ा सकते हैं.

8. Digital अकबारों और मैगजीन्स में 

यहाँ पर आपको ऐसे बहुत से information web pages मिल जायेंगे जहाँ पर आपको सभी latest-breaking information, climate, और sports activities के समाचार आसानी से मिल सकता है. वहीँ आप यहाँ पर कई On-line Magazines भी पढ़ सकते हैं.

9. Process की तलाश करने में 

ऐसे बहुत से web pages हैं जो की निरंतर jobs की जानकारी प्रदान कर रहे होते हैं. फिर चाहे वो कोई technical activity हो या फिर non- technical jobs. यदि आपको भी jobs की तलाश है तब आप भी इनमें sign in कर अपने पसंदीदा activity प्राप्त कर सकते हैं.

10. Buying groceries कर सकते हैं

अब वो दिन गए जब आपको buying groceries करने के लिए कई दुकान घूमना पड़ता था. लेकिन अब आप घर बैठे ही अपने मनचाही चीज़ें on-line order कर सकते हैं.

आपको यहाँ पर सभी प्रकार के चीज़ें मील सकते हैं वो भी बहुत ही अच्छे be offering value पर. बस आपको अपने को इन websites में sign in कराना होता है. फिर आप जितनी चाहे उतनी buying groceries कर सकते हैं.

भारत में इंटरनेट का इतिहास

भारत में Web पहली बार 15 August 1995 को इस्तेमाल हुआ था. उस वक्त की सबसे बड़ी Telecom कंपनी VSNL(Videsh Sanchar Nigam Restricted) ने ये सेवा दी गई थी.इसके बाद ये भारत में कुछ इस तरह से बदलाव लाया था.

  • बड़े बड़े सहरों में web को पोहंचाया गया.
  • 1996 Redifmail नाम की ईमेल साईट की सुरुवात हुई भारत में.
  • भरता पहला साइबर कैफ़े 1996 में मुंबई में खुला.
  • 1997 Noukri.com जैसी साईट भारत में बनी, आज हर कोई इसे जनता है.
  • 1999 Hindiportal “webdunia” की सुरुवात हुई.
  • 2000 के दशक तक era act 2000 भारत में लागु हुआ.
  • Yahoo इंडिया और msn इंडिया की भी सुरुवात 2000 के दसक में हुई थी.
  • 2001 On-line Educate Website online irctc.in की सुरुवात हुई थी.

जैसे सिक्के के दो पहलु रहते हैं वैसे ही हर चीज़ के लाभ और हानि होते हैं वैसे ही Web के भी फायदे और नुन्सन होते हैं चलोये जानते हैं क्या है Web के फायदे और नुकसान इसके बारे में थोडा विस्तार में जानते हैं.

इंटरनेट के प्रकार

इन्टरनेट connection के ऐसे बहुत से प्रकार हैं जिससे की आप एक non-public digital instrument को web के साथ attach कर सकते हैं. ये सभी connections अलग अलग {hardware} का इस्तमाल करते हैं और प्रत्येक की एक अलग ही vary की connection speeds होती है.

जैसे जैसे era में बदलाव आ रहे हैं, sooner web connections की जरुरत पड़ रही है ऐसे बदलाव को take care of करने के लिए. इसलिए मैंने सोचा की क्यूँ की ऐसे ही Web Connection के प्रकार के विषय में बताया जाये जिससे की आपको इन सभी विकल्पों के विषय में पता चल सके.

Dial-Up Connection (Analog 56Okay) क्या है

Dial-up Connection सबसे fundamental shape का Web connection होता है. इसमें एक phone line होती है जो की more than one customers (एक devoted line के विपरीत) से attached होती है और जो की एक PC के साथ जुड़ा हुआ होता है जिसमें Web का entry होता है.

Dial-up entry बहुत ही सस्ता होता है लेकिन वहीँ उतना ही gradual भी. एक modem (interior या exterior) attach होता है Web के साथ एक बार Pc dial करता है एक telephone quantity.

इसमें analog sign को convert किया जाता है virtual में by way of modem के और फिर उसे भेजा जाता है एक land-line provider में एक public phone community के द्वारा.

Phone strains बहुत से high quality के हो सकते हैं और वहीँ connection भी कभी कबार ख़राब भी हो सकती है. इसमें strains incessantly काफी interference enjoy करती हैं और ये इसकी pace को have an effect on करती है, जो की करीब 28Okay से लेकर 56Okay तक होती है. चूँकि एक Pc या दुसरे instrument percentage करते हैं वहीँ समान line phone के, इसलिए दोनों एक समय में energetic नहीं हो सकते हैं.

DSL Connection क्या है

DSL का complete shape होता है Virtual Subscriber Line. ये एक ऐसा web connection होता है जो की हमेशा “on” होता है. ये 2 strains का इस्तमाल करता है जिससे की आपके telephone बिलकुल ही loose होता है जब आपका Pc attached होता है.

DSL एक stressed Connection होता है जो की knowledge को transmit करता है conventional copper phone strains के माध्यम से जो की पहले से ही put in होते हैं घरों और companies में.

इसमें आपको किसी भी quantity को dial करने की जरुरत ही नहीं Web से attach होने के लिए. DSL इस्तमाल करता है एक router का knowledge को delivery करने के लिए और इसकी connection pace की vary निर्भर करती है provider के ऊपर, जो की करीब 128Okay से लेकर Eight Mbps के बीच होती है.

DSL Provider की pace और availablity निर्भर करती है की आपका घर या industry कितनी दूरता में आपके पास वाले phone corporate facility से.

Cable Connection क्या है

Cable प्रदान करता है web connection एक cable modem के माध्यम से और ये function होता है cable TV strains के माध्यम से.

Importing और Downloading का अलग अलग transmission pace होता है. चूँकि coaxial cable ज्यादा bandwidth प्रदान करते हैं एक dial-up या DSL phone strains के तुलना में, इसलिए आपको यहाँ पर sooner entry प्राप्त होता है.

Cable connection की pace की vary होती है 512Okay से 20 Mbps के बीच.

Fibre Connection क्या है

इस Fibre Connection में fast-fiber optic cables without delay आपके घर या workplace तक जाती है और आपको एक ज्यादा solid, environment friendly और dependable connection प्रदान करती है hybrid copper और fibre programs की तुलना में.

ये broadband pace as much as 1Gbps तक enhance करने में सक्षम होती है, इतनी स्पीड की ये एक HD TV programme को पांच seconds में ही play करने में सक्षम हो जाता है.

Fibre optic era convert करती है electric alerts जो की knowledge elevate कर रहे होते हैं उन्हें mild में और उसी mild को ship करती है clear glass fibres के माध्यम से जिसकी diameter एक इंसानी बाल के जितनी ही होती है.

Fibre knowledge को transmit करती है बहुत ही high-speed में जो की present DSL या cable modem speeds से बहुत ज्यादा होती है, most often tens या loads of Mbps की pace में. इस FTTP connection को, किसी दुसरे के साथ percentage नहीं किया जाता है. वहीँ ये बहुत ही कीमती विकल्प है.

Wi-fi Connection क्या है

Wi-fi, या Wi-Fi, जैसे की नाम से मालूम पड़ता है की, इसमें phone strains या cables का इस्तमाल नहीं होता है Web से attach होने के लिए. वहीँ ये radio frequency का इस्तमाल करता है.

Wi-fi Connection भी हमेशा On रहती है और इसे कहीं से भी entry किया जा सकता है. Wi-fi networks की protection spaces धीरे धीरे बढ़ रही है. वहीँ इसकी pace की vary Five Mbps से लेकर 20 Mbps तक होती है.

Wi-fi DIA (Direct Web Get right of entry to) क्या है

Devoted Web Get right of entry to का मतलब होता है की एक specified quantity की bandwidth को केवल आपके इस्तमाल के लिए specify किया जाता है. यह एक devoted quantity होती है जो की सिर्फ आपके इस्तमाल के लिए ही होती है.

यहाँ आप किसी के साथ कुछ sharing नहीं कर रहे होते हैं लेकिन आप जरुर से Web SuperHighway के साथ without delay connection जरुर रहते हैं.

जहाँ दुसरे web connection की pace इस बात पर भी निर्भर करती है की कितने लोग उस Web connection से जुड़े हुए हैं वहीँ इसमें लेकिन इस बात का कोई फरक नहीं पड़ता है चूँकि इसमें devoted bandwidth पहले से प्रदान की गयी होती है.

Satellite tv for pc Connection क्या है

Satellite tv for pc entry करती है web by way of एक satellite tv for pc के Earth के orbit में. इसमें चूँकि sign को इतनी बड़ी distance तय करनी होती है धरती से satellite tv for pc और फिर से again होना, इसलिए ये not on time connection प्रदान करती है cable और DSL की तुलना में. Satellite tv for pc connection की pace 512Okay से 2.zero Mbps तक होती है.

Cell या Cellular era Connection क्या है

Cell era प्रदान करती है wi-fi Web entry mobile phones के माध्यम से. इसमें speeds range कर सकती है provider supplier के हिसाब से, लेकिन सबसे not unusual 3G और 4G speeds ही होती है.
यहाँ 3G describe करता है एक third technology cell community को जिसकी cellular speeds करीब 2.zero Mbps के आसपास होती है.

वहीँ 4G का मतलब fourth technology of cell wi-fi requirements होता है. वैसे तो 4G का purpose होता है एक height cellular speeds करीब 100 Mbps को प्राप्त करना लेकिन truth में ये केवल 21 Mbps तक ही these days उपलब्ध है.

वहीँ 5G अभी केवल कुछ ही जगहों में उपलब्ध हो पाया है और ज्यादातर trying out section में ही है.

इन्टरनेट कैसे चलाई जाती है?

यहाँ पर हम जानेंगे की कैसे आप अपने Pc और Cellular Tool में Web चला सकते हैं.

Cellular में इन्टरनेट कैसे चलायें?

Smartphones जैसे की iPhones और Android telephones, बहुत ही छोटे hand held Computer systems होते हैं जिसमें की integrated GPS और digital camera की सुविधा रहती है. वहीँ बहुत से लोगों के लिए उनका SmartPhone ही instrument होता है Web entry करने के लिए.

ज्यादातर smartphones दो अलग applied sciences का इस्तमाल करते हैं web को entry करने के लिए – पहला है cell community जिसे consumer को subscribe करना होता है, जैसे की Airtel, Jio, Concept इत्यादि. वहीँ दूसरा है Wi-fi Connection.

इसमें Mobile Community में सबसे बड़ा merit ये हैं की इससे आपको कहीं पर भी और कभी भी Web entry प्राप्त हो सकती है. वहीँ Wi-fi Community में आपको Modem के निकट होना आवश्यक होता है बेहतर pace पाने के लिए क्यूंकि इसकी एक protection house होती है.

Pc या PC में इन्टरनेट कैसे चलायें?

यदि आप अपने Pc या PC में Web चलाना चाहते हैं तब आपको इसके लिए या तो broadband connection लेना होगा किसी ISP से या उनका कोई Wi-fi Connection भी ले सकते हैं. इसका इस्तमाल कर आप अपने pc में Web entry कर सकते हैं.

वहीँ यदि आपके पास यदि इतना पैसा नहीं है तब भी आप Web entry चाहते हैं तब आप अपने Smartphone को एक hotspot के तोर पर इस्तमाल कर भी web entry प्राप्त कर सकते हैं.

इंटरनेट के लाभ

अगर आप Web के सही से उपयोग करोगे तो आप बोहत कुछ कर सकते हो, इसलिए निचे दिए गए web के फायदे अछे से पढ़ें और अपनी जिंदिगी को Virtual बनायें

1. इसको  ज्यादा तोर पर Social Networking, Schooling, मनोरजन, On-line जानकारी देने में ज्यदा मददगार होता है.

2.इसे आपकी  time की बचत तो  होगी और आप चाहो तो बोहत कुछ सिख सकते हो.

3.इसके इस्तेमाल से  हम कोई भी Knowledge को बड़ी आसानी से ढूंड सकते है.जैसे हम Google में करते है.
किसीको भी बड़ी आसानी से Message, audio, video, File Web में हम भेज सकते है जैसे की Whatsapp, Fb, Twitter में हर कोई करता है.

4. अगर पढाई की बात की जाये आजकल हर कोई ऑनलाइन पढाई कर सकता है और analysis कर सकता है.

5. और सबसे अच्छा फायदा- On-line services and products जैसे on-line Buying groceries, On-line Recharge, Film Price ticket Boking, Web Banking, On-line Transaction ये सब Web की वजह से ही हो पाया है.

6. इसके के जरिये आप किसी के साथ आमने सामने मतलब Video कालिंग कर सकते है.

7. इसकी वजह से ही आजकल E-Trade साईट बोहत ही तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

8. इसमें में आप Knowledge Percentage कर सकते हैं, E-Mail जैसे सुविधा आपको Web की वजह से हो पाया है.

9. मनोरंजन के लिए भी आपको इसकी  की सक्त जरुरत है. जिससे आप गाने डाउनलोड कर सकते हो, Video देख सकते हो, दुःख को दूर करने के लिए On-line recreation खेल सकते हो.

10. सबसे बड़ा फायदा यह है की आपको सारे सवालों के जवाब मिल जायंगे जैसे अभी आपको ये भी मिल जाये गा Web क्या है(What’s the That means of Web in hindi).

11. आपको हर  पल की खबर आपको मिलती रहेंगी जब चाहो तब, इसके साथ Science,Technolgy,की भी जानकारी मिलती रहेगी Web में.

12. आप अपना सारा डाटा स्टोर करके रख सकते हो इसमें  और जब चाहो तब वापस डाउनलोड कर सकते हो.

ये Govt के लिए भी काफी फायदे मंद है, Govt अपने scheme Web के जरिये आसानी से लोगों तक पोहांचा सकी है.

इंटरनेट की हानि

आपको अगर अपनी जिंदगी को सही तरीके चलाना है इस Virtual दुनिया में तो इन बातों को जरुर ध्यान से पढ़ें, और दुसरो को बताएं

1. इसका का नुकसान इसकी लत है, अगर आपको लग गई तो अप इसके पीछे लगे रहो गे और होगा क्या इससे आपका वक्त बर्बाद होगा.

2. इसमें कोई भी कुछ भी लिख के percentage कर देता है चाहे वो सही हो या गलत, इससे गलत Knowledge लोगों तक पहच ती है|

3. इसके जरिये आपका सारा Information आपके Pc से कोई भी चुरा सकता है Hackers के जरिये.

4. कभी कभी कोई भी गलत Video(mms) बड़ी तेजी से नेट में फ़ैल जाता है ये भी एक  नुकसान है.

5. Pc Virus Web से ही आपके Pc तक पोहंच सकता है जिससे आपके सारे डाटा गायब हो सकते हैं और आपके Pc को भी Gradual कर देता है

6. बोहत सारे प्रोनोग्र्फी साईट web में होती हैं जिसमे अश्लील तस्वीर और Video रहते है और इनसे बचों के दिमाग पर बोहत ही बुरा असर पड़ता है.

7. इसमें में जो Social साईट जैसे Fb,Instagram रहती है उनमे कुछ लोग किसी की भी तस्वीर छोड़ देते हैं ये भी Web का नुकसान हैं

8. Web पे कुछ ऐसे वेबसाइट होती हैं जिनमे लोग आपको कुछ सवाल पूछ कर सारी जानकारी ले लेते हैं और उसका वो गलत फ़ायदा उठाते है.

9. Web के इस्तेमाल से जैसे आपका वक्त बचाता है वैसे ही आपका वक्त भी बर्बाद करता है.

इंटरनेट का विकास

यहाँ पर मैंने Web का विकास या Evolution of Web को प्रदर्शित करने की कोशिश करी है. वहीं इसे मैंने इसके building के अनुसार उसकी timeline में व्यवस्तित रूप से दर्शाया है.

July 1945

Vannevar Bush ने submit की अपनी essay “As We Would possibly Suppose” Atlantic Per thirty days में. ये वो पहला image था जिसमें की इंसानी दिमाग से कुछ आगे सोचना प्रारंभ किया था. वहीँ इसमें Web और Global Large Internet को असली रूप देने का वो बीज लोगों के दिमाग में बस चूका था.

October 4, 1957

Sputnik को release किया गया था. Sputnik के release के बाद ही U.S. govt को लगा की वो एक ऐसा community बनायें जो की किसी भी army assault से उनकी रक्षा कर सके. Paul Baran जो की RAND Company के थे उन्होंने ये turn out कर दिया था की एक packet-switching, disbursed community अब तक का सबसे absolute best design है. उनकी concepts को काम में लगाया गया और पुरे The united states में कुछ mainframe computer systems में knowledge को switch किया जा सका.

December 9, 1968

वहीँ सबसे बड़ी जित तब हुई जब Conference Middle, San Francisco में Douglas Engelbart और उनकी staff ने show किया एक running hypertext device, phrase processing, video conferencing वो भी over a community, Pc mouse और बहुत कुछ.

ये सच में computing और web के box में एक बड़ा छाप रख दिया.

October 29, 1969

सबसे पहला connection एक packet-switching community का बनाया गया Stanford और UCLA के बीच में. यहाँ पर दो mainframes ने interface message processors (IMPs) का इस्तमाल किया एक message ship करने के लिए. सबसे first message था जिसे की Web में भेजा गया वो था “lo” क्यूंकि device crash कर गया Login के letter g में ही. ये community बाद में ARPANET बना.

September 1971

ARPANET ने put into effect किया एक terminal interface processor (TIP), जो की permit किया Pc terminals faraway entry community को. इसने ARPANET को develop होने में बहुत मदद की connection को आसान बनाकर.

1971

Ray Tomlinson ने सबसे पहला e-mail ship किया अपने को ही वो भी एक community के माध्यम से separate machines के द्वारा. उन्होंने जो message भेजा था वो उन्हें याद ही नहीं रहा. वो एक @ signal को चुना consumer को host से separate करने में – ये observe अभी भी e-mail addresses में इस्तमाल की जाती है.

December 1, 1971

Michael Hart ने अपना समय व्यतीत किया Fabrics Analysis Lab, College of Illinois में public area books और paperwork को retailer करने के लिए, जिससे की ये आगे loose हो गया entry करने के लिए. सबसे पहला file जिसे की sort किया गया था वो था Declaration of Independence.

1974

Telenet को release किया गया, जो की वप पहला pay-for-access Web बना जो की public के लिए to be had था.

1980

Usenet को release किया गया Tom Truscott और Jim Ellis के द्वारा. ये काम कर रहा था एक other protocol में present networks के उस समय, और ये constitute करता था Web का earliest use एक supply के हिसाब से public information और bulletin-board-style posts के लिए.

1983

MILNET को cut up off किया गया ARPANET से जो अब केवल एक military-only Web के हिसाब से काम करने लगा. ये unclassified था और इसे ज्यादातर bases के बीच emails भेजने के लिए इस्तमाल किया गया.

January 1, 1983

ये वो ऐतिहासिक दिन था जब ARPANET को transfer किया गया TCP/IP में, एक suite of protocols जिसे की design किया गया था Robert Kahn और Vint Cerf के द्वारा. अब भी TCP/IP को Web का language कहा जाता है.

1984

वहीं Area Identify Machine (DNS) को introduce किया गया, जिससे की Host को एक significant नाम प्राप्त हुआ न की कोई numerical cope with जिसे पहले इस्तमाल किया जाता था.

March 1989

Tim Berners-Lee ने एक proposal लिखा जो की बाद में Global Large Internet बन गया. उन्हें खुद सभी चीज़ें करना पड़ा शुरुवात में, जैसे की paperwork के language को formalize करना (HTML), उन्हें entry करने का protocols (HTTP) और पहला Internet browser/editor को बनाना (जिसे की confusingly नामित किया गया था WorldWideWeb).

बाद में कई लोग इस venture में जुड़े इसे और अधिक बढ़िया बनाने के लिये.

1991

1. Tim Berners-Lee ने release किया पहला Internet browser और Internet web page. ये Internet web page ने describe किया Internet और HTML को, जो की दूसरों को permit किया अपने लिए और अधिक websites बनाने के लिए.

2. Gopher को liberate किया गया लोगों को Web में seek करने में मदद करने के लिए किसी particular content material को एक menu-based interface का इस्तमाल कर. बाद में Gopher को change किया गया algorithmic engines like google जैसे की Google और directories जैसे की Yahoo से, लेकिन उस समय इसका मुख्य काम था Web से data ढूंडना.

1993

Mosaic को liberate किया गया, जो की एक graphical Internet था normal public के लिए. Mosaic के एक author, Marc Andreessen ने, Netscape Navigator बनाया और Web के introduction को affect किया , जो की अब सिर्फ textual content से आगे था.

October 1994

Netscape Navigator को launched किया गया beta shape में. इसका authentic model 1.zero liberate किया गया December में और ये browser पूरी दुनिया भर में well-liked बन गया Global Large Internet के लिए.

1995

Protected sockets layer (SSL) encryption को introduce किया गया Netscape के द्वारा, जो की अब On-line industry को protected बना दिया bank cards इस्तमाल करने के लिए. इस innovation से e-commerce की शुरुवात होने में मदद मिल गयी.

September 15, 1997

Google.com को sign in किया गया एक area के तोर पर. वहीँ इसका seek engine सन 1998 में are living हुआ और दोनों ही बड़े बन गए समय के साथ.

December 17, 1997

Jorn Barger ने इस time period Internet log को नामित किया जो की refer करता था on-line hyperlinks के assortment को, जिन्हें की उन्होंने “logged” किया Web से. यह time period को बाद में shortened किया गया “weblog” में.

January 9, 2001

iTunes को release किया गया. Apple’s on-line song retailer ने song trade को बदल के रख दी थी. जहाँ पर प्रत्येक particular person tracks को 99 cents में बेचा जाता था.

February 2004

Fb को release किया गया एक Harvard dorm room से. इस social media website online की करीब Five million customers से भी ज्यादा थी सन 2005 के finish तक और इसने 2010 तक करीब 500 million customers का consumer base बना दिया.

January 9, 2007

iPhone को unveiled किया गया, जिससे Telephone Trade में smartphone का जन्म हुआ और Cellular Compution धीरे धीरे well-liked होने लगा.

July 7, 2009

Google ने announce किया Google Chrome OS venture. ये एक open-source venture था जो की center of attention था एक solid, quick OS बनाने के लिए जिसे की customers के द्वारा एक shopper interface के तोर पर इस्तमाल किया Internet-based programs के लिए न की utility run करने के लिए native Pc में.

आज आपने क्या सिखा?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख इंटरनेट क्या है (what’s Web in Hindi) जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को इंटरनेट की परिभाषा के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे websites या web में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी data भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच feedback लिख सकते हैं.

यदि आपको यह put up इन्टरनेट किसे कहते है पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Fb और Twitter इत्यादि पर percentage कीजिये.

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