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भारतीय संविधान में वर्णित राज्य के नीति निदेशक तत्वों (सिद्धान्तों) की विवेचना कीजिए।

डॉ. अम्बेडकर के अनुसार, "राज्य-नीति के निदेशक तत्व भारतीय संविधान की एक अनोखी और महत्वपूर्ण विशेषता है।" यह विशेषता केवल आयरलैण्ड के संविधान में ही पायी जाती है। भारतीय संविधान के चौथे भाग में अनुच्छेद 36 से लेकर 51...

भारतीय संविधान के अन्तर्गत दिए गए मौलिक कर्त्तव्यों की विवेचना कीजिए।

प्रस्तावना (Introduction) मानव मूल्यों के स्रोत क्या है ? मानव मूल्य कहाँ से निकलते हैं ? हम कहाँ से मूल्यों को प्राप्त करते हैं ? सैद्धान्तिक जीवन में मूल्य विचार और चेतना से उत्पन्न होते हैं, परन्तु व्यवहार में मूल्यों...

भारतीय संविधान में शिक्षा संबंधी प्रावधानों की विवेचना कीजिए।

हमारे संविधान में शिक्षा सम्बन्धी निम्न प्रावधान निहित हैं- 1. अनिवार्य तथा निःशुल्क शिक्षा-संविधान की 45वीं धारा के अनुसार राज्य 14 वर्ष की आयु पूरी करने तक सभी बच्चों के लिए संविधान लागू होने से दस वर्ष के अन्दर स्वतन्त्र...

भारतीय संविधान के अन्तर्गत नागरिकों को प्रदत्त मौलिक अधिकारों का वर्णन कीजिए।

भारत के संविधान का निर्माण संविधान सभा ने किया था। संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई थी। सभा ने 26 नवम्बर, 1949 को संविधान को अंगीकार कर लिया था तथा 26 जनवरी, 1950 से भारत...

मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 द्वारा स्थापित मानवाधिकार आयोग की शक्तियों एवं उसके कार्यों की...

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की संरचना (Composition of National Human Rights Commssion) इस आयोग की संरचना केन्द्रीय सरकार करेगी इसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे (क) अध्यक्ष या सभापति जो उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति रहा हो; (ख) एक सदस्य जो उच्चतम न्यायालय का...

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के उद्देश्य एवं महत्व बताइए तथा इसके प्रमुख ...

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 का मुख्य उद्देश्य मानव अधिकारों के संरक्षण हेतु और उन्हें प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, राज्य मानव अधिकार आयोग का गठन करना तथा मानव अधिकारों के उल्लंघन पर उचित न्याय दिलाने...

भारत में मौलिक आवश्यकता मूलक मानव अधिकारों के रूप में राज्य के नीति निदेशक...

संविधान के भाग 4 में राज्य के नीति निदेशक तत्व का उल्लेख किया गया है। नीति निदेशक तत्वों में वे उद्देश्य एवं साक्ष्य निहित हैं जिनका पालन करना राज्य का कर्तव्य है। संविधान की प्रस्तावना में परिकल्पित लोकहितकारी राज्य...

मानव अधिकार न्यायालय पर टिप्पणी लिखिए।

अधिनियम की विषय-वस्तु में वर्णित मानव अधिकार अधिनियम, 1993 की वस्तुओं में से एक, जिला स्तर पर मानवाधिकार न्यायालयों की स्थापना है। जिला स्तर पर मानवाधिकार न्यायालयों के निर्माण में जमीनी स्तर पर मानव अधिकारों की रक्षा और उन्हें...

मानवाधिकार से आप क्या समझते हैं ? प्रमुख मानवाधिकारों का वर्णन कीजिए।

संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वावधान में 10 दिसम्बर 1948 को पेरिस में संयुक्त राष्ट्र की साधारण सभा द्वारा मानव अधिकारों की घोषणा तथा मानव अधिकारों के सम्बन्ध में संयुक्त राष्ट्र घोषणा-पत्र (चार्टर) 1948 को लागू होने के फलस्वरूप यह...

भारत में मानव अधिकार प्रतिमानों के प्रभाव पर एक लेख लिखिए।

उत्तर-पेरिस में, संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्वाधान में 10 दिसम्बर, 1948 की साधारण सभा द्वारा (दुर्ग वि. वि. बी. ए. 2019 ) मानव अधिकारों सम्बन्धी घोषणा तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के लागू होने के पश्चात् एक बात देखने में...

मानव अधिकारों का संरक्षण एवं सार्वभौमिक घोषणा 1948 की व्याख्या कीजिए।

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में मानव अधिकार सम्बन्धी व्याख्या- 1. संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर की प्रस्तावना- "मानव के मौलिक अधिकारों, मानव के व्यक्तित्व के गौरव तथा महत्व में तथा पुरुष और स्त्रियों के समान अधिकारों में आस्था प्रकट...

बाल अधिकार अधिनियम 1989 पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 25 के परिच्छेद 2 के अन्तर्गत यह प्रावधान किया गया था कि शैशवावस्था में विशेष देखभाल एवं सहायता की आवश्यकता होती है। शिशु के सम्बन्ध में सार्वभौमिक घोषणा के अन्य सिद्धान्तों के...

राज्य मानवाधिकार आयोग के संगठन एवं कार्यों को लिखिए।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना सरकार द्वारा अक्टूबर 1993 में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अधीन की गई थी। आयोग में कुल आठ सदस्य होते हैं एक अध्यक्ष, एक वर्तमान अथवा पूर्व सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, एक वर्तमान अथवा...

महिलाओं के प्रति भेदभाव मिटाने के उपाय लिखिए।

'महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव' शब्द से आशय लिंग के आधार पर किया गया ऐसा कोई भेद, अपवर्जन या प्रतिबन्ध है जिसका प्रभाव अथवा उद्देश्य महिलाओं द्वारा उनकी वैवाहिक प्रास्थिति पर बिना विचार किये हुये राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, सिविल...

मानव अधिकारों के वर्गीकरण एवं प्रकारों की विवेचना कीजिए।

लुईस बी. सोहन के अनुसार मानवाधिकारों को तीन भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है 1. प्रथम पीढ़ी के मानवाधिकार नागरिक एवं राजनैतिक अधिकारों की अन्तर्राष्ट्रीय प्रसंविदा में सम्मिलित विभिन्न अधिकारों को प्रथम पीढ़ी के मानवाधिकार कहा जाता है। ये...

मानव अधिकार के अर्थ एवं परिभाषा की व्याख्या कीजिए।

मानव बुद्धिमान व विवेकपूर्ण प्राणी है और इस कारण इसे कुछ ऐसे मूल तथा अहरणीय अधिकार प्राप्त रहते हैं जिसे सामान्यतया मानव अधिकार कहा जाता है। चूँकि ये अधिकार उनके अस्तित्व के कारण उनसे सम्बन्धित रहते हैं अतः वे...

मानव अधिकार की अवधारणा पर एक निबन्ध लिखिए।

परम्परागत अंतर्राष्ट्रीय विधि को एक ऐसी विधि माना जाता था जो राज्यों के पारस्परिक सम्बन्धों को विनियमित करती थी। अतः यह विधि केवल राज्यों के क्रिया-कलापों से ही सम्बन्धित थी। यह मत इस अवधारणा पर आधारित था कि अन्तर्राष्ट्रीय...

मानव अधिकार के प्रकार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

ऐतिहासिक रूप में मानवाधिकारों के संघर्ष का प्रमाण 15 जून 1215 से मिलता है, उस समय ब्रिटेन के तत्कालीन राजा द्वारा मानव अधिकारों के सम्बन्ध में एक दस्तावेज जारी किया गया, जिसे मैग्नाकार्टा (Magna Carta) कहा जाता है। इसके...

सूचना प्रौद्योगिकी का पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर भूमिका ।

वर्तमान में विज्ञान अपने विभिन्न आयामों के साथ विकास की ओर बढ़ता चला जा रहा है। इन विभिन्न आयामों में सूचना प्रौद्योगिकी एक ऐसी आधुनिक शाखा है जिसके माध्यम से आज हमारी सारी योजनाएँ, सारी कार्य प्रणाली बहुत ही...

वायु प्रदूषण (निवारण तथा नियन्त्रण) अधिनियम, 1981 का वर्णन कीजिए।

वायु प्रदूषण के निवारण, नियन्त्रण तथा उपशमन के लिए पूर्वदत्त प्रयोजनों को क्रियान्वित करने की दृष्टि से बोर्डों की स्थापना के लिए, उनसे सम्बन्धित शक्तियाँ और कृत्य ऐसे बोडों को प्रदत्त और समनुदेशित करने के लिए और उनसे सम्बन्धित...

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियन्त्रण के लिए प्रस्तावित विभिन्न अधिनियमों (विशेषताओं) का वर्णन कीजिए।

विगत वर्षों में हुए औद्योगिक विकास तथा नगरीकरण एवं जनसंख्या में हुई असीमित वृद्धि ने पर्यावरण के विभिन्न घटकों को कई प्रकार से प्रदूषित कर दिया है, जिसके कारण हमारे लिए उपयोगी प्रमुख पदार्थ एवं गैसें; जैसे-जल, वायु, मृदा...

परती या बंजर भूमि किसे कहते हैं ? परती भूमि विकास की विभिन्न विधियों...

वर्तमान समय में इसकी उत्पादकता बनाये रखना चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 50% भाग या अधिक मात्रा में अधोगति को प्राप्त हो चुका है तथा वहाँ की भूमि बंजर एवं अनुपयोगी होती...

ओजोन परत अपक्षय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

हमारा वायुमण्डल ऊँचाई के अनुसार अनेक मण्डलों यथा—अधोमण्डल (Troposphere), समतापमण्डल (Stratosphere), ओजोनमण्डल (Ozonosphere) तथा आयनमण्डल (Inosphere) में विभक्त है। धरातल से 15 से 40 किलोमीटर की ऊँचाई पर समताप मण्डल के ऊपर ओजोन गैस पायी जाती है। ओजोन का...

अम्ल वर्षा के कारण, प्रभाव एवं नियंत्रण के उपाय बताइए।

शहरीकरण, औद्योगीकरण एवं अतिशय जनसंख्या वृद्धि ने पर्यावरण को अत्यधिक प्रदूषित कर दिया है। इनके कारण आज भी वायु भी प्रदूषित हो चुकी है, औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों एवं वाहनों से विभिन्न प्रकार की गैसें वायुमण्डल में विसर्जित होती...

जलवायु परिवर्तन के कारणों एवं प्रभावों की विवेचना कीजिए।

वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी का तापमान बढ़ने से विश्वभर में जलवायु का मिजाज बदल रहा है। 'ऑर्गनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक कोऑपरेशन एण्ड डेवलपमेण्ट' नामक एजेन्सी के अनुसार जलवायु की बदलती प्रकृति से विश्वभर में प्रतिवर्ष 970 अरब रुपये की हानि...

ग्रीन हाउस प्रभाव किसे कहते हैं ? इसके कारण तथा दुष्परिणामों पर प्रकाश डालिए।

विगत कुछ वर्षों से पृथ्वी के तापक्रम में निरन्तर वृद्धि होती जा रही है। पृथ्वी के तापक्रम की वृद्धि का प्रमुख कारण हरित पौधघर प्रभाव देखा गया है। • हरितगृह (Greenhouse) का प्रयोग उन देशों में किया जाता है जहाँ...

“मानव का पुनर्स्थापन एवं पुनर्सावास एक समस्या है।” का वर्णन कीजिए।

यह शाश्वत सत्य है कि हमें विकास का मूल्य किसी न किसी रूप में चुकाना है यह मूल्य हम प्रकृति को क्षति पहुँचाकर चुका रहे हैं। यानि हर प्रकार के विकास की गतिविधि से किसी न किसी रूप में...

भारत में वर्षा जल संग्रहण तथा जल विभाजक प्रबन्धन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

वर्षा जल संग्रहण से आशय वर्षा जल के अधिकांश भाग को जमीन के अन्दर भूमिगत जल के रूप में भण्डारण करने से है। वस्तुतः धरातल पर प्राप्त होने वाले वर्षा जल मानव-उपयोग की दृष्टि से संरक्षित करने सम्बन्धी समस्त...

जल संरक्षण को संक्षेप में समझाइए।

जल एक नवीनीकरण योग्य प्राकृतिक संसाधन है, जिसकी उपलब्धता प्रयोग के साथ समाप्त नहीं होती, वरन् जलीय चक्र के माध्यम से पृथ्वी पर जल की उपलब्धता सतत् रूप से कायम रहती है। वर्तमान में मानव-उपयोग से स्वच्छ जल के...

बढ़ती हुई शहरी आबादी की ऊर्जा सम्बन्धी समस्याओं को किस प्रकार हल किया जा...

बढ़ती हुई मानव जनसंख्या एवं औद्योगिकीकरण के कारण आज बेरोजगारी अपनी चरम सीमा पर है, जिसके कारण लोग शहरों की ओर भागने लगे हैं। इन्हीं कारणों से आज ग्रामीण आबादी शहरों की ओर आकर्षित हो रही है। शहरीकरण की...

संपोषित विकास की अवधारणा पर एक लेख लिखिए।

संधारणीय विकास अथवा (Sustainable Development) संपोषित विकास संधारणीय विकास का अर्थ (Meaning of Sustainable Development)- आधुनिक विकास गतिविधियों ने संसाधनों के साथ-साथ पर्यावरण को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। घटते प्राकृतिक संसाधन एवं बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण...

भारतवर्ष में जनसंख्या वृद्धि के कारणों का उल्लेख कीजिए।

जनसंख्या विस्फोट या मानव जनसंख्या वृद्धि (Population Explosion or Human Population Growth) पृथ्वी के किसी भू-भाग में एक निश्चित समय पर उपस्थित जीवों की कुल संख्या को जनसंख्या या आबादी कहते हैं। मनुष्य एक जीवित प्राणी है जिसमें प्रजनन की...

भूकम्प आपदा को समझाइए तथा भूकम्प आपदा प्रबन्ध के उपायों की विवेचना कीजिए।

भू-पटल को प्रभावित करने वाली प्राकृतिक शक्तियों में भूकम्प एक यकायक उत्पन्न होने वाली सर्वाधिक शक्तिशाली शक्ति है। भूकम्प, धरातल के वे कम्पन होते हैं जो प्राकृतिक शक्तियों के प्रभाव से उत्पन्न होते हैं। प्राकृतिक आपदाओं में भूकम्प सर्वाधिक हानिकारक...

भूस्खलन

जब चट्टानें प्राकृतिक या मानवीय कारणों से चटख जाती हैं तो गुरुत्वबल से धराशायी हो जाती है जिसे भूस्खलन कहा जाता है। ऐसी घटनाएँ अधिकतर पहाड़ी क्षेत्रों में घटित होती हैं। भूस्खलन के मलवे से गाँव और शहर उजड़...

बाढ़ के कारण

(1) वनस्पति विनाश (2) वर्षा की अनिश्चितता (3) नदी तल पर अधिक मलवे का जमाव, (4) नदी की धारा में परिवर्तन, (5) नदी मार्ग में मानव निर्मित व्यवधान (6) तटबन्ध और तटीय अधिवास हाल के वर्षों में बाढ़ का...

बाढ़-कारण एवं नियन्त्रण

बाढ़ प्राकृतिक प्रकोपों में सबसे अधिक विश्वव्यापी है। यदि जल प्लावन ऐसे क्षेत्र में होता है जहाँ सामान्यतया पानी नहीं रहता है तो उसे बाढ़ कहते हैं। उदाहरणार्थ, जब वर्षा का जल अपने प्रवाह मार्ग (नदी, नाला) से न...

चक्रवात के कारण एवं उनसे बचाव के उपाय

प्राकृतिक प्रकोपों में तूफान और चक्रवात भी बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका का टारनेडो, प. द्वीपसमूह का हरीकेन और द. पू. एशिया का टाइफून क्षण में विनाश का ताण्डव उपस्थित करते हैं। भारत...

भूकम्प क्या है ? भूकम्प के कारणों तथा प्रभावों का वर्णन कीजिए।

भूकम्प का सामान्य अर्थ 'पृथ्वी का कम्पन' है। जिस प्रकार किसी तालाब के शान्त जल में पत्थर का टुकड़ा फेंकने से गोलाकार लहरें केन्द्र से चारों तरफ बाहर की ओर प्रवाहित होती हैं, उसी प्रकार जब कहीं भूकम्प उत्पन्न...

आपदा प्रबन्धन से क्या अभिप्राय है ? आपदा प्रबन्धन के विभिन्न पक्षों की चर्चा...

प्रकृति की घटनाएँ जब चरम रूप ग्रहण कर लेती है तो उनसे मानव सहित सम्पूर्ण जैव जगत कठिनाई में पड़ जाता है और कभी-कभी विनाश की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी घटनाएँ कभी-कभी इतनी त्वरित होती है कि...

पर्यावरण के प्रति मानव की नैतिक जिम्मेदारी पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

मानव भू-पटल के विभिन्न वातावरणों में उन क्षेत्रों के वातावरण के साथ अपना समायोजन स्थापित कर जीवनयापन करता है। मानव ने आधुनिक तकनीक के बल पर अनेक स्थानों के वातावरण में अत्यधिक परिवर्तन कर वहाँ पर्यावरण असन्तुलन की स्थितियाँ...

“पर्यावरण प्रदूषण ने मानव समाज को रोगग्रस्त कर दिया है।” इस कथन की विवेचना...

पर्यावरण के सन्दर्भ में पूर्व के वर्णन से यह बातें स्पष्ट है कि हमारे चारों ओर का वातावरण पर्यावरण कहलाता है और हम स्वयं भी पर्यावरण के अंग है। लेकिन एक विशेषता मनुष्य में अन्य जीवों से यह है...

रेडियोधर्मी प्रदूषण के प्रमुख दुष्प्रभावों को लिखिए तथा रेडियोधर्मी प्रदूषण पर नियन्त्रण के उपायों...

विध्वंसकारी पदार्थों में रेडियोधर्मी पदार्थ सर्वाधिक विषकारी (Toxic) होते हैं। जैविक विषयों की तुलना में रेडियोधर्मी पदार्थों में हानिप्रद कारक अधिक उच्च होते हैं। उदाहरण के लिये, रेडियम नामक रेडियोधर्मी तत्व आर्सेनिक नामक विष से 25 हजार गुना अधिक...

समुद्रीय प्रदूषण (Marine Pollution) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

समुद्र में तथा प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे पदार्थों का मिलना जिसके कारण हानिकारक प्रभाव उत्पन्न हो सके जिससे मनुष्य, जीव-जन्तु पर संकट उत्पन्न हो और समुद्र की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़े तो इसे समुद्रीय प्रदूषण (marine pollution)...

मृदा प्रदूषण के कारकों एवं उपायों की विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।

मिट्टी के प्राकृतिक गुणों में मानव द्वारा किया गया ऐसा कोई परिवर्तन जो मानव एवं अन्य जीवधारियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, मृदा प्रदूषण कहलाता है। मिट्टी प्रदूषण में बाह्य स्रोतों से मिट्टी में कुछ ऐसे पदार्थ मानव द्वारा मिला...

ध्वनि प्रदूषण के कारक, प्रभाव एवं नियंत्रण के उपायों का वर्णन कीजिए।

इसे शोर प्रदूषण भी कहते हैं। अवांछित ध्वनि (unwanted sound) को शोर कहते हैं। आजकल वैज्ञानिक प्रगति के कारण मोटर गाड़ियों, स्वचालित वाहनों, लाउडस्पीकरों, ट्रैक्टरों, कल-कारखानों एवं मशीनों का उपयोग काफी अधिक होने लगा है। ये सभी उपकरण एवं...

जल प्रदूषण से आप क्या समझते हैं ? उसके प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिए।

जल जीवधारियों के लिए प्रकृति में उपलब्ध सर्वाधिक महत्वपूर्ण यौगिक होता है, क्योंकि जल शरीर के निर्माण में भाग लेने के साथ-साथ विभिन्न जैविक क्रियाओं के लिए आवश्यक होता है। हमारे शरीर का लगभग 60 से 80 प्रतिशत भाग...

प्रदूषण की परिभाषा लिखिए। वायु प्रदूषण के प्रकार एवं कारणों का संक्षिप्त विवरण देते...

वायुमण्डल में विभिन्न प्रकार की गैसें एक निश्चित अनुपात में पाई जाती हैं। वायुमण्डल के विभिन्न घटकों के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में होने वाले अवांछनीय परिवर्तन जो जैवमण्डल को किसी न किसी रूप में दुष्प्रभावित करते हैं,...

पर्यावरण प्रदूषण क्या है ? प्रमुख पर्यावरण प्रदूषकों का संक्षिप्त विवरण दीजिए।

वातावरण का एक निश्चित संगठन होता है तथा उसमें सभी प्रकार के जैविक एवं अजैविक पदार्थ एक निश्चित अनुपात में पाये जाते हैं। ऐसे वातावरण को सन्तुलित वातावरण कहते हैं। कभी-कभी वातावरण में एक या अनेकों घटकों की प्रतिशत...

राष्ट्रीय उद्यान क्या है ? भारतवर्ष के किन्हीं दस राष्ट्रीय उद्यानों का संक्षिप्त वर्णन...

• मनुष्य प्रारम्भिक काल से ही वन्य जीवों एवं पेड़-पौधों का लगातार उपयोग करता आया है। आज हमारी आवश्यकता और अधिक हो गई है जिसके कारण इनका उपयोग और बढ़ गया है परिणामस्वरूप प्रकृति की जैव-विविधता कम होती जा...

लुप्तप्रायः या संकटग्रस्त प्रजातियाँ क्या है ? ये कितने प्रकार की होती हैं ?...

लगातार बढ़ती हुई मानव जनसंख्या, इसकी भोजन व अन्य पदार्थों की बढ़ती हुई माँग ने प्राकृतिक संसाधनों का बहुत अधिक दोहन किया है। शहरी क्षेत्रों की वृद्धि, भवनों एवं सड़कों का निर्माण, कृषि भूमि की बढ़ोत्तरी के लिए वनों...

जैव-विविधता के मूल्य एवं प्रकारों की चर्चा कीजिए।

प्रकृति में करोड़ों प्रकार के जीव-जन्तु एवं पेड़-पौधे विद्यमान हैं। प्रत्येक प्रकार के पेड़-पौधे एवं जीव-जन्तुओं की बहुत सी प्रजातियाँ भी पर्यावरण में मौजूद है। इस प्रकार जैव-विविधता का तात्पर्य जैविक विपुलता से है। सर्वप्रथम वाल्टर जी. रोसेन (Walter...

वन्य जीवों के संरक्षण हेतु भारत सरकार ने कौन-कौन से अधिनियम पारित किये है...

(a) इण्डियन बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ (Indian Board of Wildlife : IBWL) यह भारत सरकार का मुख्य सलाहकार है। इसे सर्वप्रथम 1952 में एक सलाहकार (advisory body) के रूप में सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ (Central Board of Wildlife) के नाम से...

भारतवर्ष के प्रमुख अभ्यारण्य

हमारे देश के कुछ प्रमुख अभ्यारण्य निम्नलिखित हैं (1) गिर वन (Gir forest ) – यह गुजरात में स्थित है तथा 500 वर्ग मील में फैला है। यह भारतीय सिंहों का शरणस्थल (Sanctuary) है, लेकिन इसमें चीतल, चिंकारा, साँभर तथा...

एन्डोमिज्म एवं एन्डेमिक जातियाँ, स्थानिक प्रजातियाँ

विशेष क्षेत्रीय जातियों को चार प्रकारों में बाँटा गया है 1. अवशेष विशेष क्षेत्रीय (Relic endemics) - इसमें वे जातियाँ आती है जिनसे ज्यादातर सम्बन्धित जातियाँ जीवाश्म (fossil) हो चुके हैं। जीवित जीवाश्म (living fossil), जिंगो बाइलोवा (Ginko biloba) इसका...

जैव भौगोलिकी क्या है ? भारतवर्ष को कितने जैव भौगोलिक क्षेत्रों में बाँटा गया...

सम्पूर्ण विश्व के सभी क्षेत्रों में उपस्थित जन्तुओं एवं पेड़-पौधों की उत्पत्ति, उनके वितरण, वातावरण के साथ अन्तर्सम्बन्धों आदि का अध्ययन ही जैव भौगोलिकी (Biogeography) कहलाता है। जैव भौगोलिकी की निम्नांकित दो शाखाएँ होती हैं (1) पादप भौगोलिकी (Phytogeography)-इसके अन्तर्गत...

जैव-विविधता एवं उसके संरक्षण पर एक निबन्ध लिखिए।

जैव-विविधता के महत्व को देखते हुए यह आवश्यक है कि इसका संरक्षण किया जाये। इसके अत्यधिक उपयोग से बहुत सी जातियाँ लुप्तप्रायः स्थिति में आ चुकी हैं। विश्व की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है इसलिए इसकी आवश्यकता भी...

भारत एक जैव-विविधता वाला राष्ट्र है। व्याख्या करें।

भारत की स्थिति अब विकासशील और औद्योगिक देशों के बीच की है। यह विकासशील देशों से कुछ अधिक विकसित और औद्योगिक देशों से कुछ कम विकसित है। भारत जैव-विविधता की दृष्टि से बहुत अधिक धनी है। इसके जीवमण्डल (Biosphere)...

जैव-विविधता के तप्त स्थलों का वर्णन कीजिए।

दुनिया के उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र जिसमें जैव-विविधता समृद्ध है एवं विशेष क्षेत्रीयता का स्तर उच्च है और जिसमें आवास विनाश के और जातियाँ विलोपन के खतरे में आते हैं इसलिए परिरक्षण के लिए ये तप्त स्थल (Hot spots) कहलाते...

जलक्रमक पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ

जल (water) में होने वाले अनुक्रमण को, जलक्रमक (hydrosere) कहते हैं, जैसे—झील, तालाब इत्यादि। यदि जल खारा (salty) हो तो उसे लवण क्रमक (holosere) कहते हैं। इसमें निम्नलिखित अवस्थायें होती हैं (1) पादप प्लवक अवस्था (Phytoplankton stage) (2) निमग्न अवस्था (Submerged...

मरुक्रमण या शुष्क संचय पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिएक

नग्न चट्टान (bare rock) वायु द्वारा प्रवाहित मृदा (wind blown sand) एवं अन्य पानी की कमी वाली परिस्थितियाँ युक्त स्थलों पर पादप समुदाय के विकास के विभिन्न चरणों को ही मरुक्रमण (xerosere) कहते हैं। मरुक्रमण अग्रलिखित चरणों में पूर्ण...

पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा प्रवाह की क्रिया एवं नियमों का वर्णन कीजिए।

एक पारिस्थितिक तंत्र को सभी ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती है। सूर्य की ऊर्जा का केवल एक प्रतिशत ही हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण द्वारा संचय करते हैं। प्रकाश ऊर्जा की यह छोटी-सी मात्रा संसार में समस्त जीवित प्राणियों के लिए...

मरुस्थलीय पारिस्थितिक तन्त्र पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

इसके अन्तर्गत मरुस्थल में आने वाले उत्पादकों (producers), उपभोक्ताओं (consumers), • एवं अपघटनकर्ताओं (decomposers) का आपसी सम्बन्ध देखते हैं, जो निम्नानुसार हैं इसमें मरुस्थल में आने वाली झाड़ियाँ, घासें, पौधे, केक्टम इत्यादि पौधे आते हैं जो सूर्य प्रकाश में अपना...

पारिस्थितिक अनुक्रमण की प्रक्रिया को समझाइए

प्रकृति में विभिन्न प्रकार के जैविक समुदाय (Biotic community) पाये जाते हैं। प्रत्येक प्रकार का जैविक समुदाय कभी भी स्थिर नहीं होता, बल्कि वह गतिज (dynamic) होता है तथा स्थान एवं समय के अनुसार उसमें परिवर्तन होते रहते हैं।...

पारिस्थितिक पिरामिड क्या है ? पारिस्थितिक तंत्र में पाये जाने वाले विभिन्न पिरामिडों का...

पारिस्थितिक तंत्र की आहार शृंखला में प्राथमिक उत्पादकों से लेकर सर्वोच्च माँसाहारियों तक कई पोषण रीतियाँ होती हैं। प्रत्येक खाद्य रीति आहार श्रृंखला का एक चरण होता है तथा विभिन्न चरण परस्पर सम्बद्ध होते हैं, जिसमें पारिस्थितिक तंत्र की...

पारिस्थितिक तन्त्र में खाद्य शृंखला या भोजन चक्र की प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।

भोजन ऊर्जा ग्रहण करने के लिये निरन्तर भक्षण प्रक्रिया को दोहराने से जीवधारियों में ऊर्जा के आदान-प्रदान की जो श्रृंखला बनती है, उसे भोजन चक्र कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, भोजन चक्र जीवधारियों के उस समूह में सम्पन्न...

पारिस्थितिकी तन्त्र क्या है ? किसी जलीय पारिस्थितिकी तन्त्र के विभिन्न संरचनात्मक घटकों का...

तालाब या झील का पारिस्थितिक तन्त्र (Pond or Lake Ecosystem) एक तालाब या झील अपने आप में पूर्ण एवं एक स्वतः नियामक पारिस्थितिक तन्त्र होता है। यह पारिस्थितिक तन्त्र दोनों आवश्यक घटकों अजैविक घटक एवं जैविक घटक, उत्पादक (Producers), उपभोक्ता...

वन के पारिस्थितिक तंत्र एवं उसके विभिन्न घटकों का वर्णन कीजिए।

वन का पारिस्थितिक तंत्र अपने संरचनात्मक घटकों में घास के मैदान से भिन्न होता है। एक प्रारूपिक वन के पारिस्थितिक तन्त्र में प्रमुख संरचनात्मक एवं क्रियात्मक निम्नलिखित हैं (1) अजीवीय घटक (Abiotic components), (2) जैविक घटक (Biotic components)। (1) अजैविक घटक...

पारिस्थितिक तन्त्र की संकल्पना पर एक निबन्ध लिखिए।

प्रकृति में कोई भी जीव अकेला जीवित नहीं रह सकता है तथा वह एक जैविक समुदाय के रूप में रहता है। इस समुदाय के समस्त जीव-जन्तु या पेड़-पौधे पर्यावरण के विभिन्न जैविक तथा अजैविक घटकों से क्रियात्मक रूप से...

जलक्रांति (जल भराव) समस्या पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

कृषि भूमि पर अत्यधिक सिंचाई करने से खेत की मिट्टी, जल उपलब्धता की दृष्टि से जब पूर्ण संतृप्त हो जाती है तो उस क्षेत्र के भूगर्भिक जल की सतह धरातल के समीप आ जाती है। ऐसी स्थिति को जलाक्रांति...

प्राकृतिक गैस ईंधन का प्रमुख स्रोत

प्राकृतिक गैस ईथेन (Ethane) और मीथेन (Methane) हाइड्रोकार्बन गैसीय तत्वों के रूप में पृथ्वी के पटल (earth's crust) में अधिकांशतः पेट्रोलियम के साथ पायी जाती हैं। पेट्रोलियम प्राप्ति के कूपों के ऊपरी भाग से गैस की प्राप्ति होती है,...

परमाणु ऊर्जा

संसार में कुछ ऐसी धातुएँ (यूरेनियम, थोरियम) हैं, जिनके परमाणु के केन्द्र (नाभिक) में महान शक्ति छिपी हुई होती है, जिसे परमाणु ऊर्जा कहते हैं। इस ऊर्जा को विद्युत की तरह प्रयोग किया जा सकता है। परमाणु ऊर्जा का उत्पादन...

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में व्यक्ति की भूमिका का वर्णन कीजिए।

प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में व्यक्ति विशेष अपनी भूमिका निम्नानुसार हो सकती है (1) पर्यावरण शिक्षा-जन-साधारण को सबसे पहले स्वयं पर्यावरण शिक्षा प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए जिससे वह स्वयं तो पर्यावरण के प्रति जागरूक होगा और अपने आस-पास...

पर्यावरण विज्ञान की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र की व्याख्या कीजिए।

प्रकृति में उपस्थित जीवधारियों की उत्तर जीविता के लिए ऊर्जा एवं पदार्थों की आवश्यकता होती है जिसे वह अपने चारों ओर उपस्थिति पर्यावरण से प्राप्त करता है। पर्यावरण दो शब्दों 'परि' एवं 'आवरण' से मिलकर बना होता है। इस...

ऊर्जा संसाधन और उसके विभिन्न प्रकारों का वर्णन करते हुए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों...

पारिस्थितिकी तन्त्र (ecosystem) में ऊर्जा का अत्यन्त महत्व है। जीवन के संचार के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऊर्जा प्राप्ति के अनेक स्रोत हैं; जैसे—कोयला (coal), पेट्रोलियम (petroleum), सौर ऊर्जा (solar energy), आण्विक ऊर्जा (atomic energy), तथा प्राकृतिक...

मृदा अपरदन से आप क्या समझते हैं? इसके कारण एवं प्रबन्धन की विधियों को...

पृथ्वी के धरातल के ऊपरी परत जिस पर पेड़-पौधे उगते हैं उसे मृदा (Soil) कहते हैं। मृदा मानव का मूलभूत संसाधन है, क्योंकि पृथ्वी की सतह पर पाया जाने वाला समस्त जीवन मृदा पर ही निर्भर होता है। मानव...

सूखा-कारण एवं बचाव के उपाय

देश के किसी-न-किसी भाग में अकाल अथवा सूखा पड़ना एक सामान्य सी बात है। सिंचाई आयोग ने उन क्षेत्रों को शुष्क माना है जहाँ वर्षा 10 सेमी से कम होती है और इसमें भी 75% वर्षा अनेक वर्षों तक...

बाढ़-कारण उत्पन्न समस्याएँ एवं नियन्त्रण के उपाय।

बाढ़-कारण, उत्पन्न समस्याएँ एवं नियन्त्रण के उपाय (Flood: Causes, Related Problems and Control Measures) बाढ़ प्राकृतिक प्रकोपों में सबसे अधिक विश्वव्यापी है। यदि जल प्लावन ऐसे क्षेत्र में होता है जहाँ सामान्यतया पानी नहीं रहता है तो उसे बाढ़ कहते...

मरुस्थलीकरण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

मरुस्थलीकरण (Desertification) मरुस्थलीकरण में मरुस्थल का निर्माण होता है। यह या तो जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्राकृतिक परिघटना के कारण होता है या गलत भूमि उपयोग के कारण। वास्तव में जलवायु परिवर्तन के लिए भी ये अनुचित भूमि उपयोग पद्धति...

अनवीनीकरण ऊर्जा संसाधन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

अनवीनीकरण ऊर्जा संसाधन (Non-renewable Energy Resources) इसके अन्तर्गत ऐसे ऊर्जा संसाधनों को सम्मिलित किया गया है जिनका नवीनीकरण सम्भव नहीं होता है। उदाहरण-कोयला, पेट्रोलियम गैस एवं आण्विक ईंधन (1) कोयला Coal कोयला एक नवीनीकरण अयोग्य जीवाश्म ईंधन (Fossil fuel) है। प्राचीनकाल...

ऊर्जा संसाधन से क्या तात्पर्य है ? उसके परम्परागत और वैकल्पिक स्रोतों का वर्णन...

वैकल्पिक या गैर-परम्परागत ऊर्जा के स्रोत (Traditional and Alternative Sources of Energy) सवित भण्डार आगामी 35 वर्षों में पूर्णतया समाप्त हो जायेंगे। ऐसी स्थिति में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के विकास के लिये विश्व स्तर पर प्रयास किये जा रहे...

विश्व की खाद्य समस्या या संकट को समझाइए

खाद्य संसाधन (Food Resources) खाद्य संसाधन से आशय-मानव द्वारा प्रयुक्त समस्त संसाधनों में खाद्य संसाधन सर्वाधिक महत्वपूर्ण संसाधन हैं, क्योंकि यह संसाधन समस्त मानवीय समुदाय को अपना अस्तित्व बनाये रखने के लिये सतत रूप से आधार प्रदान करते हैं। खाद्य...

खनिज संसाधनों पर एक निबन्ध लिखिए और इसके अत्यधिक दोहन के प्रभाव को ...

खनिज संसाधन (Mineral Resources) सामान्य शब्दों में, सभी पदार्थ जो खनन (mining) द्वारा प्राप्त किये जाते हैं, खनिज कहलाते हैं, जैसे—फोयला, पेट्रोलियम एवं धात्विक अयस्क (ores) आदि। वैज्ञानिक शब्दावली में खनिज का तात्पर्य एक ऐसे अजैव (inorganic) पदार्थ से है...

जल विवाद क्या है ? भारतवर्ष की नदियों से सम्बन्धित कुछ प्रमुख जल विवादों...

जल विवाद (Water Dispute) •जल विवाद एक ऐसी दशा है जिसमें पानी के उपयोग को लेकर दो या दो से अधिक राष्ट्रों, प्रान्तों या समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा और संघर्ष की स्थितियाँ बन जाती हैं। भारत नदियों का देश है। गंगा,...

बाँध निर्माण के लाभों तथा समस्याओं की व्याख्या कीजिये।8

बाँध निर्माण के लाभ तथा समस्याएँ (Benefit and Problems of Dam Construction) बाँध वे स्थान है जहाँ पर किसी नदी या चलायमान जल स्रोत के मार्ग में बाँध बनाकर जलबहाव को रोककर जल संग्रह किया जाता है। बाँध निर्माण के...

वनोन्मूलन (या निर्वनीकरण) एवं उसके प्रभाव या वनों का हास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखो।

वनोन्मूलन निर्वनीकरण एवं उसके प्रभाव (Deforestation and Their Effects) बढ़ती हुई आबादी, शहरीकरण एवं औद्योगीकरण के कारण वन आधारित प्राकृतिक सम्पदाओं का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी प्रकार से पशुचारण, वनों की कटाई आदि के कारण पृथ्वी के...

वन संसाधनों के अत्यधिक दोहन के परिणामों की व्याख्या कीजिए।

वन संसाधन (Forest Resources) इस पृथ्वी पर विद्यमान सभी जीवधारियों का जीवन मिट्टी की एक पतली पर्त पर निर्भर करता है। वैसे यह कहना अधिक उचित होगा कि जीवधारियों के 'जीवन-चक्र' को चलाने के लिए हवा, पानी और विविध पोषक...

जल संसाधन क्या है ? जल संसाधन की उपयोगिता एवं संरक्षण को समझाइए

उत्तर-जल ही जीवन का आधार है क्योंकि कोई भी आर्थिक कार्य ऐसा नहीं है जो जल के बिना सम्भव हो। जल धुलाई-सफाई, कृषि, उद्योग, विद्युत उत्पादन आदि के लिए आवश्यक है। जनसंख्या वृद्धि के दबाव में एक ओर जहाँ...

प्राकृतिक संसाधन क्या है ?

प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) परिभाषा हेतु प्रश्न क्र. 1 का अवलोकन करें।- प्राकृतिक संसाधन का महत्व (Importance of Natural Resources) 1. प्राकृतिक संसाधन मनुष्य के लिए अति आवश्यक होते हैं क्योंकि इनके द्वारा ही मानव जीवन: हेतु आवश्यक वस्तुओं एवं परिस्थितियों की...

प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं ? प्राकृतिक संसाधनों के वर्गीकरण को विस्तारपूर्वक समझाइये।

प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) मानव जीवन के लिए आवश्यक वे समस्त संसाधन जिनसे उसकी भौतिक एवं सांस्कृतिक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है, संसाधन कहलाते हैं, चूंकि ये संसाधन यह सभी प्रकृति को विरासत में मिले हैं तथा पर्यावरण के मुख्य...